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बोरा इंस्टीट्यूट : सांस्कृतिक रंगों और सेवा-संकल्प संग मनाया गया अभिव्यक्ति-2026

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। सीतापुर रोड स्थित बोरा इंस्टीट्यूट ऑफ एलाइड हेल्थ साइंसेज में शुक्रवार को वार्षिकोत्सव अभिव्यक्ति-2026 के अंतर्गत रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान तथा 18वीं लैम्प लाइटिंग एंड ओथ सेरेमनी का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर जीएनएम, एएनएम एवं बीएससी नर्सिंग के विद्यार्थियों ने लेडी विद द लैंप के नाम से विख्यात फ्लोरेंस नाइटिंगेल से प्रेरणा लेते हुए मानव सेवा, करुणा, अनुशासन और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों के निर्वहन की शपथ ली। वार्षिकोत्सव का शुभारंभ अटल बिहारी बाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल डा. अजय देवगन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

मुख्य अतिथि मेजर जनरल डॉ. अजय देवगन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ऊर्जावान संस्थान डिग्री पूरी होने के बाद प्लेसमेंट उपलब्ध कराएगा, इसलिए छात्र इसका पूरा लाभ उठाएँ और मन लगाकर पढ़ाई करें। उन्होंने कहा कि अच्छी पढ़ाई और मेहनत के साथ अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है।

कुलपति ने कहा कि कॉलेज के छात्र भविष्य में किसी भी मरीज के लिए प्रथम उत्तरदाता (फर्स्ट रिस्पॉन्डर) होंगे। किसी भी तरह की देखभाल की आवश्यकता वाले मरीजों के लिए सबसे पहले उन्हें ही आगे आना होगा। ऐसे में आपातकालीन चिकित्सा की समझ विकसित करना आवश्यक है, ताकि समय रहते गंभीर रूप से बीमार मरीज की पहचान कर शुरुआती क्षणों में उचित कदम उठाए जा सकें और जान बचाई जा सके।

उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल जान बचाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मरीज के जीवन की गुणवत्ता बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे मरीजों की जरूरतों को संवेदनशीलता के साथ समझें और उसी अनुरूप उपचार प्रक्रिया में आगे बढ़ें।

इस अवसर पर उन्होंने सहानुभूति (एम्पैथी) और संचार कौशल (कम्युनिकेशन स्किल्स) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हर स्वास्थ्यकर्मी में ये गुण अनिवार्य होने चाहिए। मरीजों को उनकी समस्या, आवश्यक सावधानियों और उपचार प्रक्रिया के बारे में स्पष्ट रूप से समझा पाना अच्छे स्वास्थ्य सेवाओं की बुनियाद है।

कार्यक्रम के अंत में कुलपति ने बोरा समूह के कॉलेज द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और विशेष रूप से बोरा इंस्टीट्यूट ऑफ़ एलाइड हेल्थ साइंसेज में छात्रों को मिल रही प्रेरणा और सामने आ रहे सकारात्मक परिणामों की प्रशंसा की। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की और निरंतर अच्छा कार्य करते रहने, स्वयं का तथा मरीजों का ध्यान रखने का संदेश दिया।

युवाओं के हाथों में देश का भविष्य सुरक्षित : नीरज सिंह

मुख्य अतिथि नीरज सिंह ने युवाओं और शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि देश का भविष्य आज के युवाओं के सुरक्षित हाथों में है। भारत की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है और देश की दशा-दिशा तय करने की जिम्मेदारी आज के युवाओं पर है।

उन्होंने युवाओं को “युग का वाहक” बताते हुए कहा कि जिस दिशा में जवानी चलती है, उसी दिशा में देश और समाज आगे बढ़ता है। उन्होंने छात्रों से अनुशासन के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी निष्ठा से कार्य करने का आह्वान किया। साथ ही यह भी कहा कि ज्ञान अर्जन के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं को कभी नहीं भूलना चाहिए।

उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि अस्पताल केवल डॉक्टरों से नहीं चलता, बल्कि पैरामेडिकल स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यदि डॉक्टर अस्पताल का मस्तिष्क हैं, तो पैरामेडिकल और नर्सिंग स्टाफ उसकी धड़कन हैं, जिनके बिना स्वास्थ्य व्यवस्था अधूरी है।

कार्यक्रम में भारत की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने विश्व को योग और आयुर्वेद जैसी अमूल्य धरोहरें दी हैं। आज देश चिकित्सा अनुसंधान और नई तकनीकों के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को छू रहा है। भारतीय स्टार्टअप्स वैश्विक पहचान बना रहे हैं और भारत से निकलकर विश्व की बड़ी कंपनियों में नेतृत्व करने वाले युवा देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

उन्होंने विदेश जाने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि वे विदेशों में भारत के प्रतिनिधि बनकर यह साबित करेंगे कि आज का भारत ज्ञान, नवाचार और नेतृत्व की भूमि है। मुख्य अतिथि ने कार्यक्रम के आयोजकों, संस्थान के प्रबंधन, फैकल्टी सदस्यों और विद्यार्थियों की सराहना करते हुए सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा आगे बढ़ाई जा रही शैक्षणिक विरासत देश-विदेश में भारत का नाम रोशन करेगी। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और देश के प्रति समर्पण भाव के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

स्वास्थ्य सेवा ईश्वर के बाद सबसे बड़ा धर्म : डॉ. नीरज बोरा

महाविद्यालय के संस्थापक एवं लखनऊ उत्तर के विधायक डा. नीरज बोरा ने स्वास्थ्य सेवा को मानवता की सर्वोच्च सेवा मानते हुए समर्पित भाव से कार्य करने की प्रेरणा देते हुए नर्सिंग छात्रों को शुभकामनाएं दीं। शिक्षा और स्वास्थ्य के समन्वय पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति का अर्थ केवल अपनी कला का प्रदर्शन नहीं, बल्कि अपने भीतर की सेवा भावना को जागृत करना है। हमारा लक्ष्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि ऐसे संवेदनशील प्रोफेशनल तैयार करना है जो विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य और मुस्कान के साथ मरीजों की सेवा कर सकें। 

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र को दुनिया भर में विशेष सम्मान प्राप्त है। आम धारणा है कि ईश्वर के बाद यदि किसी को दूसरा स्थान दिया जाता है तो वह स्वास्थ्य कर्मियों को मिलता है। यह सम्मान किसी अन्य पेशे को नहीं मिलता, क्योंकि मानव शरीर ईश्वर की देन है और इस शरीर की रक्षा करने का दायित्व स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों के पास होता है।

डॉ. नीरज बोरा ने कहा कि डिग्री और पंजीकरण प्राप्त करने के बाद स्वास्थ्यकर्मी को मरीज की नस में सुई लगाने से लेकर उपचार करने तक का अधिकार मिल जाता है। मरीज अपने चिकित्सक पर पूर्ण विश्वास करता है और इसी विश्वास के साथ उसे अपने जीवन से जुड़े निर्णय लेने का अधिकार सौंपता है। इसलिए यह पेशा अत्यंत जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की मांग करता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित उपस्थिति का महत्व समझाते हुए कहा कि मेडिकल पाठ्यक्रम अत्यंत व्यापक होता है। पूरी किताब पढ़ पाना संभव नहीं होता, इसलिए कक्षा में पढ़ाया गया प्रत्येक पाठ अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि कोई छात्र किसी दिन अनुपस्थित रहता है, तो वह विषय दोबारा नहीं पढ़ाया जाता और उसका असर पूरे करियर पर पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि उनके संस्थान में 100 प्रतिशत उपस्थिति को लेकर प्रतिस्पर्धा रहती है और यही अनुशासन विद्यार्थियों को आगे बढ़ने में मदद करता है।

विधायक ने संस्थान के विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि जहां भी वे जाते हैं, अपने कॉलेज का नाम रोशन करते हैं। आज संस्थान के छात्रों की मांग बढ़ रही है और यही उनकी साधना और सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की प्रशंसा करते हुए मंच पर प्रस्तुति देने वाले विद्यार्थियों और उनकी कोरियोग्राफी में सहयोग करने वाले शिक्षकों के प्रयासों को सराहा।

उन्होंने प्राचार्या डॉ. शीला तिवारी के निरंतर 365 दिनों तक अनुशासन के साथ संस्थान से जुड़े रहकर विद्यार्थियों को “चमकता हुआ हीरा” बनाने के प्रयासों की सराहना करते हुए उनका सम्मान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे समर्पित शिक्षकों के कारण ही संस्थान निरंतर प्रगति कर रहा है।

चेयरपर्सन बिन्दू बोरा ने नैतिक मूल्यों एवं अनुशासन की महत्ता पर बल दिया। प्राचार्य डॉ. शीला तिवारी ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा. देवाशीष शुक्ल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एन.बी. सिंह सहित शहर के गणमान्य चिकित्सक भी उपस्थित रहे।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का शुभारंभ गणेश वंदना से हुआ। उपशास्त्रीय संगीत, कव्वाली, बालीवुड फ्रीस्टाइल नृत्य, गरबा तथा विभिन्न राज्यों के लोकनृत्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ‘चार युग’ की नाट्य प्रस्तुति एवं नारी सशक्तीकरण पर केन्द्रित कार्यक्रम विशेष आकर्षण रहे।

समारोह में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। सर्वाधिक उपस्थिति हेतु दिव्यांशी पाल, प्रज्ञा सिंह, लवली सिंह, अर्चना सिंह, आयुष कश्यप, साक्षी चौरसिया, सौरभ प्रजापति, पायल तिवारी, नीतीश कुमार साहू, डोली यादव, अंशिका यादव एवं सविता देवी को पुरस्कार प्रदान किए गए। 

सर्वाधिक अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं- प्रगति, शांभवी, ध्रुव शुक्ल, विंध्यवासिनी यादव, बिनू पाल, शिवानी सिंह, आस्था अवस्थी, गुलशेहरा खातून, प्रज्ञा, आदित्य कुमार गुप्ता, आर्यन मौर्य, शिवम यादव, उन्नति सिंह, तुबा खान, विष्णुकांत एवं आकाश पाठक को भी सम्मानित किया गया। 

इसी श्रृंखला में इस वर्ष शिवाजी हाउस को हाउस विनर घोषित किया गया। कैप्टन दीपा सिंह एवं वाइस कैप्टन अभिषेक कृष्ण को पुरस्कृत किया गया। खेल क्षेत्र में हेड बॉय राज एवं हेड गर्ल सबनूर बानो को सम्मानित किया गया जबकि स्पेशल अवार्ड जानथन सिंह, अनिकेत मिश्रा एवं एल्हम फातिमा को प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में बोरा ग्रुप के सीईओ वत्सल बोरा, डा. शिवांगी बोरा, प्रो. संध्या वर्मा, प्रो. कृतिका मिश्रा, प्रो. रजनी, प्रो. मोनिका सहित शिक्षकगण तथा सुभाष चौहान, सोनम मिश्रा, अमित तिवारी, शोभित कुमार एवं शशि यादव सहित शिक्षणेत्तर कर्मी उपस्थित रहे।