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उत्तरायणी कौथिग : छाया उत्तराखण्डी लोक रंग, गूंजे स्व. प्रहलाद मेहरा के लोकगीत


लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। बीरबल साहनी मार्ग स्थित पंडित गोविन्द बल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन में आयोजित उत्तरायणी कौथिग के दौरान उत्तराखण्ड की समृद्ध लोकसंस्कृति पूरे वैभव के साथ जीवंत हो उठी। आकाशवाणी उत्तराखण्ड के मशहूर लोकगायक स्वर्गीय प्रहलाद मेहरा के सुपुत्र कमल मेहरा ने पिता के सुप्रसिद्ध लोकगीतों की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।

कमल मेहरा ने “ऐजा रे ऐजा मेरा दानपुरा…”, “चन्दना म्यारा पहाड़ आए…”, “पहाड़ की च्येली ले कभैं नि खाया दु रवाटा सुखैले…”, “कां छू म्यरो जलेबी को डाब…” जैसे गीतों की प्रस्तुति दी, जिस पर तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा परिसर गूंज उठा। उल्लेखनीय है कि स्व. प्रहलाद मेहरा एवं उनका जन-जागृति सांस्कृतिक कला समिति दल बिंदुखत्ता पिछले दो दशकों से पर्वतीय महापरिषद से जुड़कर उत्तरायणी कौथिग में नियमित प्रस्तुतियां देता रहा है। उनके बाद पुत्र कमल मेहरा इस सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाते हुए अपनी विशिष्ट पहचान बना रहे हैं।

कार्यक्रम में अतिथि कलाकारों की श्रृंखला में उत्तराखण्ड के प्रसिद्ध शास्त्रीय एवं लोकगायक कैलाश कुमार तथा उभरती लोकगायिका मेघना चन्द्रा ने “गिटार बाजे टना टन…”, “हिट मधु उत्तरैणी कौतिक जूलौं…”, “कोसी गाड़ा धाना घस्यारी…”, “इंटर मा फेल…” जैसे गीतों से श्रोताओं का मन मोह लिया।

उत्तराखण्ड संस्कृति विभाग से आए रघुनाथ छोलिया दल, अल्मोड़ा के कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में छोलिया नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। नर्तक रघुनाथ आर्या व भवान राम के साथ ढोल, नगाड़ा, दमाऊ, मसकबीन, प्यानू व तुरी वादकों ने पूरे कौथिग परिसर को लोकनाद से गुंजायमान कर दिया। कलाकार घूम-घूमकर नृत्य करते हुए दर्शकों को भी थिरकने पर विवश करते नजर आए।

कार्यक्रम में उत्तराखण्डी लोकगाथा पर आधारित नृत्य नाटिका “भिटौली” का मंचन भी किया गया, जिसका निर्देशन राधिका बोरा ने किया। ख्याली सिंह कड़ाकोटी, राधा कड़ाकोटी व मंजू बिष्ट द्वारा प्रस्तुत यह नाटिका भाई-बहन के अटूट प्रेम की मार्मिक कथा पर आधारित रही।

प्रथम सत्र की मुख्य अतिथि महापौर लखनऊ सुषमा खर्कवाल रहीं, जबकि विशिष्ट अतिथि विधायक सरोजनी नगर डॉ. राजेश्वर सिंह उपस्थित रहे। अतिथियों का पारंपरिक तरीके से पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र, उत्तराखण्डी शीश आभूषण व प्रतीक चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर सुषमा खर्कवाल ने पर्वतीय महापरिषद द्वारा प्रदत्त पर्वत गौरव सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया।

द्वितीय सत्र में उत्तराखण्ड सरकार के संसदीय कार्य एवं वन मंत्री सुबोध उनियाल बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। उनका भी परंपरागत सम्मान किया गया। अंग वस्त्र पुष्कर नयाल, सुनील किमोठी द्वारा और प्रतीक चिन्ह अध्यक्ष गणेश जोशी, महासचिव महेंद्र सिंह रावत, केएन चंदोला, आरसी पंत, एनके उपाध्याय, टोपी ललित सिंह पोखरिया, चंचल बोरा पुष्प गुच्छ, केडी पाण्डेय, आनन्द भंडारी, गोविन्द बोरा, हरीश कांडपाल द्वारा प्रदान किया गया।

इसी क्रम में पर्वतीय महापरिषद चिकित्सा प्रकोष्ठ के तत्वावधान में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया। वरुणिका हॉस्पिटल एवं राज पॉली क्लिनिक के संयुक्त सहयोग से 234 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर निशुल्क दवाइयां वितरित की गईं। शुगर, हीमोग्लोबिन व यूरिक एसिड की जांच भी निःशुल्क की गई। चिकित्सा प्रकोष्ठ अध्यक्ष डॉ. बी.एस. नेगी ने बताया कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।

कौथिग के सफल आयोजन में गोपाल सिंह गैलाकोटी, के.एन. पाण्डेय, देवेंद्र मिश्रा, बसंत भट्ट, शंकर पांडे, चंचल सिंह बोरा, सुनील किमोठी, गोविन्द बोरा, आनंद कपकोटी, भुवन पाण्डेय सहित अनेक पदाधिकारियों व स्वयंसेवकों का सराहनीय योगदान रहा।