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जयपुरिया स्कूल्स ने इंसिग्निया 2026 में पेश किया ‘विजन 2030’


लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल्स ने अपने फ्लैगशिप आयोजन इंसिग्निया 2026 – चेयरपर्सन्स’ समिट एंड अवॉर्ड्स में ‘विजन 2030’ प्रस्तुत किया। इसके तहत नेटवर्क ने वर्ष 2030 तक 10 से अधिक राज्यों में 100 से ज्यादा संचालित के-12 स्कूल, 1.5 लाख से अधिक विद्यार्थी और 6,000 से अधिक शिक्षकों तक पहुंच बनाने का लक्ष्य रखा है।

बतौर मुख्य अतिथि मौजूद सीबीएसई के डायरेक्टर, ट्रेनिंग एंड स्किल एजुकेशन, डॉ. बिस्वजीत साहा ने कहा कि तकनीक स्कूली शिक्षा और सीखने के तरीकों में महत्वपूर्ण बदलाव ला रही है। स्कूलों को एआई जैसे टूल्स का जिम्मेदारी से उपयोग करते हुए विद्यार्थियों में स्वतंत्र सोच, प्रभावी संवाद और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप ढलने की क्षमता विकसित करनी होगी।

जयपुरिया ग्रुप के वाइस चेयरमैन श्रीवत्स जयपुरिया ने कहा, “हमारा विजन 2030 केवल बड़ा बनने के बारे में नहीं है, बल्कि बढ़ते हुए और बेहतर बनने के बारे में है। हमारा लक्ष्य है कि हर जयपुरिया स्कूल अपने समुदाय में ‘स्कूल ऑफ चॉइस’ बने, जहां तकनीक, वैश्विक अनुभव और भविष्य की क्षमताओं के साथ संस्कार, संस्कृति और संस्कृत की मजबूत नींव का समन्वय हो।”

कार्यक्रम में स्कूली शिक्षा के भविष्य, विस्तार के साथ गुणवत्ता बनाए रखने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नेतृत्व और बदलती शैक्षणिक अपेक्षाओं जैसे विषयों पर चर्चा हुई। विज़न 2030 के तहत महानगरों के साथ-साथ टियर-2, टियर-3 और उभरते शहरों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अवसरों की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। नेटवर्क विद्यार्थियों के लिए अकादमिक शिक्षा के साथ खेल, कला, तकनीक, नेतृत्व और वैश्विक अनुभवों के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम करेगा।

समिट में लीडिंग स्कूल्स इन द एआई एरा ( Leading Schools in the AI Era) विषय पर विशेष कार्यशाला भी आयोजित की गई। वहीं, इस वर्ष इंसिग्निया अवॉर्ड्स के तहत नेटवर्क के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 34 सम्मान प्रदान किए गए। पुरस्कारों में अकादमिक उपलब्धि, स्कूल विकास, शिक्षक विकास, नवाचार, अभिभावक सहभागिता, सामाजिक प्रभाव और विद्यार्थी कल्याण जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों को मान्यता दी गई।

इंसिग्निया 2026 ने जयपुरिया स्कूल्स के इस संकल्प को मजबूत किया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के साथ हर नए स्कूल में विद्यार्थियों के सीखने, अवसरों और अनुभवों को बेहतर बनाया जाए।