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बीआरई समिट 2026 के रोडशो में उत्तर भारत की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता पर मंथन


लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। जयपुर, मुंबई, हैदराबाद, अहमदाबाद और बेंगलुरु में आयोजित पाँच क्षेत्रीय रोडशो से प्राप्त उत्साह और गति को आगे बढ़ाते हुए, सरकार, उद्योग और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की अग्रणी हस्तियाँ भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो (बीआरई समिट), 2026 की क्षेत्रीय रोडशो श्रृंखला के छठे संस्करण के लिए लखनऊ में एकत्रित हुईं।

लखनऊ संस्करण ने इस जनसंपर्क अभियान को एक विशिष्ट क्षेत्रीय आयाम प्रदान करते हुए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार के प्रतिनिधियों को एक साझा मंच पर साथ लाया तथा भारत के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण में उत्तर भारत की बढ़ती भूमिका को चर्चा के केंद्र में स्थापित किया।

भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026 का आयोजन 2 से 5 नवंबर, 2026 तक अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) असेंबली के 9वें सत्र तथा ग्रीन हाइड्रोजन पर चौथे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (आईसीजीएच) के साथ किया जाएगा। यह आयोजन वैश्विक नेताओं, नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत, निवेशकों और नवप्रवर्तकों को एक साझा मंच पर एकत्रित करेगा।

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) द्वारा आयोजित लखनऊ रोडशो का शुभारंभ रामकृष्ण सटलुरी (मुख्य कार्यकारी अधिकारी, शक्ति पंप्स एवं राष्ट्रीय संचालन परिषद सदस्य, एनएसईएफआई) के स्वागत संबोधन से हुआ।

मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने अपने संबोधन में कहा, “उत्तर प्रदेश नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार को गति देकर तथा निवेश, नवाचार और उद्योग की भागीदारी के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करके भारत के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। बीआरई समिट 2026 उत्तर प्रदेश को अपनी बढ़ती स्वच्छ ऊर्जा संभावनाओं को प्रदर्शित करने, निवेशकों और प्रौद्योगिकी साझेदारों से जुड़ने तथा नवीकरणीय ऊर्जा मूल्य श्रृंखला में सहयोग को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंच प्रदान करेगा। मैं भारत और विश्व भर के उद्योग जगत, निवेशकों तथा स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र के हितधारकों को इस समिट में भाग लेने और उत्तर प्रदेश के साथ मिलकर स्वच्छ एवं सतत ऊर्जा भविष्य के निर्माण में सहभागी बनने का आमंत्रण देता हूँ।”

उन्होंने लखनऊ रोडशो में उमड़ी व्यापक भागीदारी की भी सराहना की, जो राजधानी में इस आयोजन के बड़े पैमाने पर आयोजित होने को दर्शाती है।

डॉ. आशीष कुमार गोयल (अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा, उत्तर प्रदेश सरकार) ने कहा, “उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा, जैव ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने वाली प्रगतिशील नीतियों के बल पर भारत के नवीकरणीय ऊर्जा परिदृश्य में तेजी से एक महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में उभर रहा है। सुदृढ़ पारेषण अवसंरचना, ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के विस्तार तथा बड़े पैमाने पर नवीकरणीय और पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं को सुगम बनाने की नियोजित क्षमता के साथ राज्य स्वच्छ ऊर्जा विकास के अगले चरण का समर्थन करने के लिए पूरी तरह तैयार है।” 

उन्होंने कहा, “हम निवेशकों, उद्योग और प्रौद्योगिकी साझेदारों का उत्तर प्रदेश में उभरते अवसरों का लाभ उठाने के लिए स्वागत करते हैं तथा बीआरई समिट 2026 के माध्यम से राज्य के उद्योग, अनुसंधान संस्थानों और सरकारी हितधारकों को नई दिल्ली में एक साथ लाने के लिए उत्सुक हैं। यह समिट साझेदारियों को मजबूत करने, निवेश आकर्षित करने और भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण मंच सिद्ध होगा।”

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश ने स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में अपने नेतृत्व को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया। 31 जुलाई, 2026 तक राज्य की स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 8,906 मेगावाट है, जिसमें 6,024 मेगावाट सौर ऊर्जा का प्रमुख योगदान है। यह राज्य की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा के पैमाने और गति दोनों को दर्शाता है। रोडशो में प्रतिनिधित्व करने वाले उत्तराखंड और बिहार ने भी इस चर्चा को व्यापक क्षेत्रीय परिप्रेक्ष्य प्रदान किया।

उत्तराखंड की स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता मुख्यतः उसकी समृद्ध जलविद्युत क्षमता पर आधारित है, जबकि नवीकरणीय ऊर्जा संक्रमण के अपेक्षाकृत प्रारंभिक चरण में मौजूद बिहार विशेष रूप से सौर और बायोमास क्षेत्रों में उल्लेखनीय अप्रयुक्त संभावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है। ये तीनों राज्य मिलकर उत्तर भारत की उस व्यापक भूमिका को रेखांकित करते हैं, जिसे बीआरई समिट 2026 आगे बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है।

नवीन एवं अक्षय ऊर्जा मंत्रालय के संयुक्त सचिव अनुपम कुमार ने कहा, “भारत का स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण एक साझा जिम्मेदारी है। सरकार नीति ढांचा उपलब्ध कराएगी, उद्योग निवेश, प्रौद्योगिकी और नवाचार लेकर आएगा, जबकि वित्तीय संस्थान इस परिवर्तन को आवश्यक गति और पैमाना प्रदान करेंगे। हमें मिलकर इस पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है और भारत के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य को आकार देना है।”

उद्योग के साथ सहयोग मजबूत करने के लिए लखनऊ रोडशो में एक व्यापक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों की भागीदारी बढ़ाना और बीआरईएसई 2026 की रणनीतिक रूपरेखा को प्रदर्शित करना था। इस कार्यक्रम में दो खास फिल्में- भारत की अक्षय ऊर्जा यात्रा और बीआरई समिट एंड एक्सपो 2026 दिखाई गईं जिनमें स्वच्छ ऊर्जी की तरफ बढ़ने के भारत के सफर को दिखाया गया और नई दिल्ली में होने वाले समिट की एक व्यापक झलक दिखाई गई।

सुब्रह्मण्यम पुलिपाका (सीईओ, एनएसईएफआई) ने भारत में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की प्रगति और उसकी सफलता की यात्रा का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया। 

विशाल राज (प्रबंध निदेशक, पावर जनरेशन कॉरपोरेशन, बिहार सरकार) ने कहा, “बिहार का विद्युत क्षेत्र उल्लेखनीय परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। हमारे वितरण उपक्रम अब देश के शीर्ष प्रदर्शनकर्ताओं में शामिल हैं और पूर्णतः लाभकारी हो चुके हैं। बढ़ती बिजली मांग और खपत राज्य की विशाल विकास क्षमता का संकेत देती है। हम सौर ऊर्जा, बैटरी स्टोरेज और लगभग 8,400 मेगावाट पंप्ड स्टोरेज अवसरों सहित नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। निवेश-अनुकूल नीतियों और अगले पांच वर्षों में लगभग 1.38 लाख करोड़ रुपये के नियोजित निवेश के साथ बिहार निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर प्रस्तुत करता है। मैं निवेशकों और हितधारकों को इस विकास यात्रा के अगले चरण में हमारे साथ साझेदारी करने के लिए आमंत्रित करता हूँ।”

कार्यक्रम के औपचारिक समापन पर भारतीय बायोगैस संघ (आईबीए) के गौरव केडिया ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।