लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजाजीपुरम में शनिवार को सेवायोजन सूचना एवं मंत्रणा केन्द्र, लखनऊ विश्वविद्यालय के सौजन्य से करियर काउंसलिंग एवं प्लेसमेंट सेल द्वारा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य अध्ययनरत एवं उत्तीर्ण छात्राओं को करियर के विविध विकल्पों, रोजगार के अवसरों, कौशल विकास तथा तेजी से बदलते तकनीकी एवं व्यावसायिक परिवेश से परिचित कराते हुए भविष्य के लिए सही दिशा प्रदान करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. डॉ. शिवानी श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, कौशलसम्पन्न और बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना भी उच्च शिक्षा संस्थानों का महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने छात्राओं को अपनी रुचि, योग्यता एवं क्षमताओं को पहचानकर लक्ष्य निर्धारित करने तथा आत्मविश्वास और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति के साथ अपने भविष्य का निर्माण करने के लिए प्रेरित किया।

शिविर में जिला सेवायोजन अधिकारी हिमांशु सिंह तथा विशेषज्ञ विनीत सक्सेना ने छात्राओं का मार्गदर्शन किया। विशेषज्ञों ने वर्तमान रोजगार परिदृश्य, विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध करियर एवं रोजगार के अवसरों, रोजगारोन्मुख कौशल, प्रतियोगी वातावरण तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने छात्राओं को बताया कि करियर का चयन केवल परंपरागत विकल्पों तक सीमित न रखते हुए अपनी अभिरुचि, योग्यता और बदलते रोजगार बाजार की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पक्ष आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रति छात्राओं को जागरूक करना रहा। विशेषज्ञों ने छात्राओं को AI की अवधारणा, उसके बढ़ते उपयोग तथा भविष्य के रोजगार और कार्य-संस्कृति पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में सरल एवं व्यावहारिक रूप से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल सूचना प्रौद्योगिकी तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, शोध, स्वास्थ्य, प्रशासन, उद्योग, संचार तथा अनेक व्यावसायिक क्षेत्रों में तेजी से अपनी भूमिका का विस्तार कर रहा है।

छात्राओं को यह भी समझाया गया कि AI को केवल रोजगार के लिए चुनौती के रूप में देखने के बजाय एक उपयोगी तकनीकी साधन और नए अवसरों के माध्यम के रूप में समझने की आवश्यकता है। बदलते जॉब प्रोफाइल के अनुरूप डिजिटल दक्षता, संप्रेषण क्षमता, समस्या-समाधान, रचनात्मक चिंतन और नवीन तकनीकों के उपयोग जैसे कौशल भविष्य में और अधिक महत्वपूर्ण होंगे। विशेषज्ञों ने छात्राओं को AI आधारित उपकरणों के जिम्मेदार, नैतिक एवं सकारात्मक उपयोग के प्रति जागरूक करते हुए तकनीकी परिवर्तनों के अनुरूप स्वयं को निरंतर अपडेट और अपस्किल करते रहने के लिए प्रेरित किया।
इसके साथ ही छात्राओं को रोजगार संबंधी सूचनाओं एवं उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने, अपने व्यक्तित्व एवं संप्रेषण कौशल को विकसित करने, लक्ष्य के अनुरूप तैयारी करने तथा करियर संबंधी निर्णय सोच-समझकर लेने के विषय में उपयोगी सुझाव दिए गए। संवादात्मक सत्र में छात्राओं ने करियर, रोजगार एवं नवीन तकनीकों से संबंधित अपनी जिज्ञासाएँ विशेषज्ञों के समक्ष रखीं, जिनका समाधान व्यावहारिक सुझावों के माध्यम से किया गया।
डॉ. विशाल वर्मा ने कार्यक्रम के विभिन्न चरणों को सुव्यवस्थित रूप से संयोजित करते हुए विशेषज्ञों और छात्राओं के मध्य सार्थक संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के अंत में प्रो. डॉ. मिशु सिंह ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के करियर काउंसलिंग कार्यक्रम छात्राओं को रोजगार जगत की वास्तविक आवश्यकताओं से परिचित कराने के साथ-साथ भविष्य के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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