Monday , August 17 2026

ड्रोन की उड़ान को ताकत देगा स्वदेशी बैटरी निर्माण

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। खेती, निगरानी, सुरक्षा और डिलीवरी जैसे कई कामों में ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ रहा है। ऐसे में, ड्रोन बनाने वाली कंपनियों के लिए अच्छी और भरोसेमंद बैटरी की जरूरत भी बढ़ रही है। इसी जरूरत को देखते हुए, भारतीय डीप-टेक कंपनी ड्रीमफ्लाई इनोवेशन्स ने उत्तर बेंगलुरु में 40,000 वर्ग फुट की एविएशन बैटरी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी बनाने की योजना बनाई है।

इस फैसिलिटी में शुरुआत में हर साल 100 मेगावाट ऑवर की बैटरी तैयार की जाएँगी। आगे इसकी क्षमता बढ़ाकर 200 मेगावाट ऑवर तक की जा सकेगी। इससे भारत में ही ड्रोन के लिए जरूरी बैटरी बनाने की क्षमता बढ़ेगी और ड्रोन कंपनियों को बैटरी के लिए विदेशों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा।

यहाँ रक्षा, निगरानी, इंस्पेक्शन, खेती में छिड़काव, लॉजिस्टिक्स और एयर टैक्सी जैसे कामों में इस्तेमाल होने वाले ड्रोन के लिए बैटरी बनाई जाएँगी। कंपनी के मुताबिक, उसकी स्वदेशी सामग्री 77% है। इससे देश में ड्रोन बनाने वाली कंपनियों को स्थानीय स्तर पर बैटरी उपलब्ध कराने और भारत की ड्रोन सप्लाई चेन को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

ड्रीमफ्लाई इनोवेशन्स की सह-संस्थापक एवं सीईओ काजल शाह ने कहा कि ड्रोन की काम करने की क्षमता, सुरक्षा और भरोसेमंद प्रदर्शन में बैटरी की बड़ी भूमिका होती है। नई फैसिलिटी का मकसद भारत में ही बेहतर बैटरी तैयार करना और घरेलू ड्रोन निर्माताओं की जरूरत पूरी करना है।

अवाना कैपिटल के पार्टनर विकास वर्मा ने कहा कि यह फैसिलिटी भारत में ड्रोन और नई एयर मोबिलिटी से जुड़े कारोबार को मजबूत करने के साथ विदेशी उत्पादों पर निर्भरता कम करने में मदद करेगी।