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संगीत की ताकत, पिता का स्नेह और योग का संतुलन, सेलेब्रिटीज़ ने दिया खास संदेश

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। विश्व संगीत दिवस, फादर्स डे और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर टीवी जगत की लोकप्रिय हस्तियों और रियलिटी शो के जजों ने अपने प्रेरणादायक संदेश साझा किए हैं। इंडियन आइडल सीजन 16 के जज बादशाह और विशाल ददलानी ने संगीत की शक्ति, युवा प्रतिभाओं और भारतीय संगीत के उज्ज्वल भविष्य पर अपने विचार रखे। वहीं, इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन 5 की जज करिश्मा कपूर ने संगीत को भावनाओं और यादों का खूबसूरत संगम बताया। फादर्स डे पर जावेद जाफरी और राजीव खंडेलवाल ने पिता-पुत्र संबंधों की अहमियत को रेखांकित किया, जबकि योग दिवस पर टेरेंस लुईस ने योग को संतुलित और सफल जीवन की कुंजी बताया।

इंडियन आइडल सीजन 16 के जज बादशाह ने कहा, “मेरे लिए म्यूज़िक कभी किसी ख़ास दायरे में बंधा नहीं रहा। यह सीमाएँ तोड़ने और ऐसे पल बनाने की ताक़त है जो लोगों को छू जाएं। हर जॉनर की अपनी कहानी होती है, हर कलाकार की अपनी आवाज़ होती है जिसे मनाना ज़रूरी है। वर्ल्ड म्यूज़िक डे हमें यही याद दिलाता है।”

उन्होंने कहा, “इंडियन आइडल जैसे प्लेटफ़ॉर्म सचमुच कमाल करते हैं। वे सिर्फ़ टैलेंट खोजते नहीं, उसे सामने लाते हैं। मैंने अनगिनत कलाकारों को देखा है जो सपने लेकर आए और यहाँ से निकलकर पूरे देश की पहचान बन गए। यही है म्यूज़िक की असली ताक़त वह बदलाव और आत्मविश्वास जो कलाकारों को मिलता है। इंडियन आइडल जैसे मंच पर यह मायने नहीं रखता कि आप कहाँ से आए हैं या कौनसा स्टाइल आपको परिभाषित करता है। मायने रखता है आपका सच, आपका जुनून और लोगों से जुड़ने की क्षमता। वर्ल्ड म्यूज़िक डे पर हम परफ़ेक्शन नहीं, बल्कि ऑथेंटिसिटी का जश्न मनाते हैं। कॉन्फ़ॉर्मिटी नहीं, बल्कि हिम्मत का।”

उन्होंने कहा, “हर कलाकार जो क्रिएटिव सीमाएँ तोड़ रहा है – अपने यक़ीन के साथ आगे बढ़ते रहो। हर श्रोता जो अपने घरों और दिलों में म्यूज़िक को ज़िंदा रखता है आप ही वजह हैं कि हम ये सब करते हैं। भारतीय म्यूज़िक का भविष्य सिर्फ़ उज्ज्वल नहीं, निडर है। और इंडियन आइडल उस कहानी को एकएक आवाज़ के साथ लिख रहा है।”

इंडियन आइडल सीजन 16 के जज विशाल ददलानी ने कहा, “म्यूज़िक में अद्भुत ताक़त है लोगों को जोड़ने की, चाहे वे कहीं से भी हों या किसी भी भाषा में बोलते हों। हर गाने में एक भावना होती है, हर आवाज़ एक कहानी कहती है यही म्यूज़िक को ख़ास बनाता है। इंडियन आइडल पर मुझे हमेशा याद आता है कि असाधारण टैलेंट देश के हर कोने में मौजूद है। इन कंटेस्टेंट्स को अपनी पर्सनैलिटी, अनुभव और म्यूज़िक की झलक मंच पर लाते देखना प्रेरणादायक है और भारतीय म्यूज़िक के भविष्य के लिए भरोसा जगाता है। म्यूज़िक के ज़रिए हर हफ़्ते सपनों को आकार लेते देखना मेरे लिए एक सौभाग्य है। वर्ल्ड म्यूज़िक डे पर मैं सिर्फ़ उन लीजेंड्स को नहीं मनाता जिन्होंने रास्ता बनाया, बल्कि उन युवा कलाकारों को भी जो जुनून, ईमानदारी और समर्पण के साथ म्यूज़िक की रूह को ज़िंदा रखते हैं। हर धुन जो हमें छूती है और हर आवाज़ जो सुनाई देने की हिम्मत करती है  उसी को सलाम।”

इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन 5 की जज करिश्मा कपूर ने कहा, “हर बार जब मैं इंडियाज़ बेस्ट डांसर सीज़न 5 के सेट पर कदम रखती हूँ, तो मुझे हैरानी होती है कि नई पीढ़ी किस तरह म्यूज़िक को अपनी अद्भुत अभिव्यक्तियों और मूवमेंट्स के ज़रिए पेश करती है। यह खूबसूरती से याद दिलाता है कि म्यूज़िक हमेशा नॉस्टैल्जिया, जादू और भावनाओं का संगम रहा है। जब मैं अपने फ़िल्मी सफ़र को पीछे मुड़कर देखती हूँ, तो मेरी सबसे सुंदर यादें उन आइकॉनिक गानों से जुड़ी हैं जिन्हें मुझे परफ़ॉर्म करने का अवसर मिला। म्यूज़िक में यह अद्भुत ताक़त है कि वह आपको तुरंत किसी पल, किसी एहसास या किसी दौर में वापस ले जाता है। आज मंच पर देखना बेहद प्रेरणादायक है कि किस तरह एक धुन इतनी विविध कहानियों को जन्म देती है। इस वर्ल्ड म्यूज़िक डे पर उन गानों का जश्न मनाइए जो आपको मुस्कुराते हैं, उन बीट्स का जो आपको नचाते हैं और उन धुनों का जो आपके दिल को छू जाती हैं। म्यूज़िक के जादू को हर दिन मनाते रहिए।”

इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन 5 के जज जावेद जाफ़री ने कहा, “इंडियाज़ बेस्ट डांसर सीज़न 5 का हिस्सा बनकर इन युवा प्रतिभाओं का जुनून और मेहनत देखना मुझे अक्सर उन मूल्यों की याद दिलाता है जिन्होंने मुझे गढ़ा। ज़िंदगी जब पूरा चक्र पूरा करती है, तो एहसास होता है कि हमारे साथ हमेशा उपलब्धियाँ नहीं रहतीं, बल्कि वे सबक रहते हैं जो पीढ़ियों से आगे बढ़ते हैं। अपने बच्चों को बढ़ते देखना, उन्हें अपना रास्ता चुनते देखना और उन्हें दयालु व ईमानदार इंसान बनते देखना ज़िंदगी की सबसे बड़ी खुशी है।”

उन्होंने कहा, “आज पिता होने का मतलब बदल चुका है। नई पीढ़ी के पिता सिर्फ़ परिवार का पालनपोषण नहीं करते, बल्कि बच्चों के साथ रहते हैं, उन्हें सुनते हैं, उनसे सीखते हैं और उनके साथ बढ़ते हैं। मैंने हमेशा माना है कि प्यार, सम्मान और उदाहरण बनकर जीना शब्दों से कहीं ज़्यादा मायने रखता है। हर बार जवाब होना ज़रूरी नहीं, कई बार सिर्फ़ मौजूद होना ही काफ़ी है। इस फ़ादर्स डे पर मैं उस रिश्ते का जश्न मनाता हूँ जो समय के साथ बदलता रहता है और उन यादों, हँसी और मूल्यों को संजोता हूँ जो परिवार को ख़ास बनाते हैं। सबसे बढ़कर मैं अपने पिता का आभारी हूँ, जिनकी समझ अब भी मेरा मार्गदर्शन करती है और जिनसे मिले मूल्यों को अपने तरीके से आगे बढ़ाने का सौभाग्य मिला है।”

इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन 5 के जज टेरेंस लुईस ने योगा डे पर कहा, “मेरे लिए डांस मूवमेंट का उत्सव है, लेकिन योग जीवन का उत्सव है। लोग अक्सर सोचते हैं कि योग सिर्फ़ लचीलापन है, लेकिन असल में यह है संतुलन – सांस, शरीर और आत्मा का मेल। एक डांसर के तौर पर जिम मुझे ताक़त देता है, लेकिन योग मुझे विस्तार, ग्रेस और सबसे ज़रूरी मेरा सेंटर देता है। इस वर्ल्ड योगा डे पर मैं सभी को, ख़ासकर इंडियाज़ बेस्ट डांसर सीज़न 5 के हमारे शानदार कंटेस्टेंट्स को, योग के ज़रिए अपनी लय खोजने की सलाह देता हूँ। जब आप अपनी सांस पर काबू पा लेते हैं, तो मन पर काबू पा लेते हैं। और जब मन पर काबू पा लेते हैं, तो हर मंच जीत सकते हैं। हैप्पी इंटरनेशनल योगा डे सांस लेते रहो, बहते रहो और चमकते रहो।” 

Tum Ho Naa के जज राजीव खंडेलवाल ने म्यूज़िक डे पर कहा, “म्यूज़िक हमेशा मेरी ज़िंदगी का बहुत ख़ास हिस्सा रहा है। मैं भले ही प्रशिक्षित गायक नहीं हूँ, लेकिन गाना मुझे हमेशा पसंद रहा है और जब भी मौका मिलता है, मैं सीखता रहता हूँ। मेरे लिए म्यूज़िक परफ़ेक्शन नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति, भावना और खुशी है। मुझे हमेशा से म्यूज़िक वाद्ययंत्रों का गहरा शौक़ रहा है चाहे पियानो हो, हारमोनियम, गिटार, माउथ ऑर्गन या ट्रम्पेट। अलगअलग ध्वनियों को जानना और नए वाद्ययंत्र सीखना मुझे बेहद खुशी देता है। मेरे घर में पियानो है जिसे बजाना मुझे अच्छा लगता है और म्यूज़िक मेरी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का साथी बन गया है। दरअसल, जब मैंने ‘तुम हो ना – घर की सुपरस्टार’ के साथ अपनी यात्रा शुरू की, तो मुझे लगा कि शो के टाइटल ट्रैक को गाकर एंट्री करना ही सही होगा। वह पल मेरे लिए बेहद यादगार था। म्यूज़िक मेरे लिए बेहद व्यक्तिगत भी है। मैंने अपनी पत्नी के लिए एक गाना भी बनाया ताकि मैं उनके साथ सुबह की चाय का आनंद ले सकूँ। यही म्यूज़िक है वह भावनाएँ व्यक्त करता है जिन्हें शब्द नहीं कर पाते। वर्ल्ड म्यूज़िक डे पर मैं म्यूज़िक की उस ताक़त का जश्न मनाता हूँ जो प्रेरित करती है, ठीक करती है, जोड़ती है और लोगों को साथ लाती है। ज़िंदगी में आप कहीं भी हों, हमेशा एक गाना होता है जो आपको समझता है।”

फ़ादर्स डे पर उन्होंने कहा कि “पिता अक्सर परिवार का मौन स्तंभ होते हैं ताक़त, मार्गदर्शन और अटूट सहारा देते हुए, बिना किसी पहचान की चाहत के। बच्चे हमेशा यह नहीं समझ पाते कि वह कितनी कुर्बानियाँ करते हैं, लेकिन उनका प्यार हमारी ज़िंदगी की नींव बन जाता है। फ़ादर्स डे एक सुंदर याद दिलाता है कि उस इंसान को मनाया और धन्यवाद दिया जाए जो हर चुनौती और हर पड़ाव पर हमारे साथ खड़ा रहता है। ‘तुम हो ना’ पर हमने कई दिल छू लेने वाले पल देखे हैं जो मातापिता और बच्चों के इस अनमोल रिश्ते को खूबसूरती से दर्शाते हैं, जिससे यह अवसर और भी ख़ास बन जाता है। हर पिता को फ़ादर्स डे की ढेरों शुभकामनाएँ।”