लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। भारत में खरीदारी का तौर-तरीका तेजी से बदल रहा है। लोगों की खर्च करने की आदतें अब ज्यादा बड़े अरमानों वाली लाइफस्टाइल, लेनदेन में डिजिटल साधनों को प्राथमिकता और भुगतान के आसान विकल्पों के बढ़ते चलन को दिखाती हैं। बीते दस सालों में, लोगों की बढ़ती आमदनी, बढ़ते शहरीकरण और तेज़ी से आगे बढ़ने की चाह रखने वाले मध्यम वर्ग ने इस बात को नया रूप दिया है कि, लोग कहाँ और कैसे पैसा खर्च करते हैं।
इस वक्त लगभग 11.86 करोड़ क्रेडिट कार्ड उपयोग में हैं तथा वित्त-वर्ष 2026 के दौरान क्रेडिट कार्ड से रूपये 23.62 लाख करोड़ से ज़्यादा का खर्च किया गया। जिससे जाहिर है कि यह पूरा इकोसिस्टम अब विस्तार के दौर से निकलकर रोज़मर्रा के उपयोग के दौर में कदम रख चुका है।
भारत में क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली सबसे बड़ी कंपनी, एसबीआई कार्ड के आँकड़ों से पता चलता है कि क्रेडिट कार्ड के ग्राहक अब अपनी ज़रूरत की चीज़ों के साथ-साथ बेहतर अनुभव और लाइफस्टाइल पर भी दिल खोलकर खर्च कर रहे हैं, साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं।
एसबीआई कार्ड के वित्त-वर्ष 2026 के आँकड़े दर्शाते हैं कि रिटेल खर्च 15% की सालाना बढ़त के साथ ₹3.54 लाख करोड़ से अधिक के अब तक के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गया है। कुल रिटेल खर्च में ऑनलाइन खर्च का हिस्सा लगभग 62.5% रहा, जो दर्शाता है कि लोग अब ज़रूरी और गैर-ज़रूरी, दोनों तरह की चीज़ों पर खर्च करने के मामले में डिजिटल तरीकों से भुगतान को ज़्यादा पसंद कर रहे हैं।
लाखों ग्राहक अक्सर अपनी अलग-अलग ज़रूरतों के लिए एसबीआई कार्ड के अलग-अलग डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, जैसे कि एसबीआई कार्ड मोबाइल ऐप, लाइव चैट वाला आस्क इला चैटबॉट, तथा व्हाट्सएप सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। इन ज़रूरतों में नया कार्ड बनवाने से लेकर अपने सवालों के जवाब पाने तक सब कुछ शामिल है। ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने पर खास ध्यान देने के कारण, आज एसबीआई कार्ड के मोबाइल ऐप को गूगल प्ले स्टोर पर 4.6 और ऐप स्टोर पर 4.5 की शानदार रेटिंग प्राप्त है।
भारत में लगातार विकसित हो रहे क्रेडिट कार्ड इकोसिस्टम के बारे में बात करते हुए, एसबीआई कार्ड की एमडी एवं सीईओ सलिला पांडे ने कहा, “लोगों की बढ़ती आय और बड़ी उम्मीदों, बेहतर हो रही नीतियों, डिजिटलीकरण और लगातार मजबूत हो रहे पेमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर की वजह से क्रेडिट कार्ड से लेनदेन ट्रांज़ैक्शन के स्वरूप में काफी बदलाव आया है। क्रेडिट कार्ड को यूपीआई से जोड़ने की सुविधा के चलते दैनिक इस्तेमाल में तेज़ी आई है।
भारत में डिजिटल भुगतान का दायरा बहुत तेजी से बढ़ा है, जिसमें यूपीआई अब रोज़मर्रा के लेन-देन का सबसे मुख्य आधार बन चुका है। यूपीआई से जुड़े क्रेडिट कार्ड के बढ़ते इस्तेमाल से इस व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव आया है, जो हमारे रोज़मर्रा के लेन-देन में इसकी भूमिका को और बढ़ा रहा है।
एसबीआई कार्ड के वित्त-वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के आँकड़ों के अनुसार, यूपीआई से जुड़े क्रेडिट कार्ड से होने वाले खर्च में पिछली तिमाही के मुकाबले 10% से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। इसमें डिपार्टमेंटल स्टोर और किराना दुकानों, उपयोगी सेवाओं, ईंधन, कपड़े और रेस्टोरेंट जैसी श्रेणियों में सबसे ज्यादा खर्च हुआ। जिससे जाहिर है कि ग्राहक अब इस तरीके को ज्यादा भरोसेमंद और सुविधाजनक मान रहे हैं।
क्रेडिट कार्ड अपनाने का चलन अब टियर 2 और उससे छोटे शहरों में तेजी से बढ़ रहा है। लोगों की लगातार बढ़ती आय, बेहतर होती डिजिटल जागरूकता और धीरे-धीरे बढ़ रहे पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ, अब लोग बड़े शहरों से बाहर छोटे शहरों और कस्बे भी क्रेडिट कार्ड्स को तेजी से अपना रहे हैं।
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