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पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूडी का निधन, प्रदेश में शोक की लहर

देहरादून : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता, पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी का आज सुबह यहां निधन हो गया।वह 92 वर्ष के थे उन्होंने पूर्वाहृन करीब सवा ग्यारह बजे यहां मैक्स अस्पताल में अंतिम श्वास ली उन्हें आयु संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण करीब पंद्रह दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी पुत्री ऋतु खंडूड़ी भूषण उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष हैं जबकि पुत्र मनीष खंडूड़ी भाजपा के कार्यकर्ता हैं।पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री रहे मेजर जनरल खंडूड़ी के निधन पर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा शाेक व्यक्त किया है। एक्स पर अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा, “उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेवानिवृत्त) जी के निधन का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ।श्री खंडूड़ी जी ने भारतीय सेना में रहते हुए राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। सैन्य जीवन से लेकर सार्वजनिक जीवन तक उनका व्यक्तित्व राष्ट्रहित और जनसेवा के प्रति समर्पित रहा।”मुख्यमंत्री ने कहा, “राजनीतिक जीवन में उन्होंने उत्तराखंड के विकास, सुशासन, पारदर्शिता और ईमानदार कार्यशैली की मजबूत पहचान बनाई। एक जननेता के रूप में उन्होंने प्रदेश के विकास हेतु अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए और अपनी सादगी, स्पष्टवादिता एवं कार्यकुशलता से लोगों के हृदय में विशेष स्थान बनाया। उनका निधन उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है।ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।”स्वच्छ एवं ईमानदार छवि के मेजर जनरल खंडूड़ी के निधन से प्रदेश में शोक की लहर दौड़ पडी। मेजर जनरल खंडूड़ी भारतीय सेना में सेवाएं देने के बाद राजनीति में आए और अपनी साफ-सुथरी छवि, ईमानदार प्रशासन और सुशासन के लिए पहचाने जाते थे। उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में दो कार्यकाल संभाले और राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके निधन पर शाेक जताकर श्रद्धांजलि अर्पित की।मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूडी ने 1954 से 1990 तक भारतीय सेना की कोर ऑफ इन्जिनीयर्स में सेवा की। भारतीय सेना में विशिष्ट सेवा के लिए उन्हे 1982 में राष्ट्रपति द्वारा अति विशिष्ट सेवा मैडल प्रदान किया गया। सेवानिवृत्ति के बादइ वे राजनीति में आए और 1991 और उसके बाद के चुनावों में उत्तराखण्ड के गढ़वाल क्षेत्र से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। वे केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री रहे और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में भी उनका कार्यकाल बेहद सफल रहा।