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अंधेर नगरी गोंडा : जिसका नाम एफआईआर में वही करेगा अपने खिलाफ जांच!

उत्‍तर प्रदेश अंधेर नगरी हो गया है. यहां के असली राजा अधिकारी ही हो चुके हैं. उन्‍हें ही अन्‍याय करना है, उन्‍हें ही फैसला सुनाना है और उन्‍हें ही न्‍याय भी कर देना है. अंधेर नगरी का हाल देखिये कि गोंडा में जिस अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार यादव को पत्रकार रंजीत तिवारी की विद्युत दुर्घटना में जान लेने का जिम्‍मेदार माना जा रहा है, जिलाधिकारी के निर्देश पर एडीएम आलोक कुमार ने उसी सुशील यादव को जांच कमेटी में शामिल कर लिया है. अब बताइये जरा कौन सा आदमी इतना गधा होगा कि अपने खिलाफ ही जांच करके सही रिपोर्ट डीएम को सौंप देगा? क्‍या उत्‍तर प्रदेश में कोई मजाक चल रहा है? या उत्‍तर प्रदेश के तमाम विभागों के अधिकारी लूटने में इतने मशगूल हो गये हैं कि अब उनके लिये इंसानों के जान की कीमत नगण्‍य हो चुकी है?

क्‍या उत्‍तर प्रदेश के अधिकारी इतने निरंकुश हो चुके हैं कि अब उनके अंतस में लाज शर्म, नैतिकता, इंसानियत, संवेदनशीलता जैसा कोई भी भाव शेष नहीं बचा है? रंजीत तिवारी लंबे समय से स्‍कूल एवं उनके घर के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार को हटाने के लिये आवेदन निवेदन दे रखा था. लंबे समय से इस तार को हटाने की मांग की जाती रही, लेकिन बिजली विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी. बताते हैं कि इस हाईटेंशन लाइन को हटाने के लिये महीनों पहले टेंडर भी जारी हो गया था, लेकिन आरोप है कि विभागीय अधिकारियों ने केवल रिश्‍वत नहीं मिलने के चलते इसको हटाना जरूरी नहीं समझा. अब संभव है कि रंजीत तिवारी की बलि लेने के बाद रिश्‍वत का नुकसान सहते हुए आनन फानन में बिजली का तार हटा दिया जाये.

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पर बड़ा सवाल यह है कि रंजीत का जान लेने का जिम्‍मेदार कौन है? डीएम कह रही हैं कि पीडि़त परिवार की हरसंभव मदद की जायेगी. क्‍या डीएम महोदया जिंदगी भर रंजीत के परिवार का खर्च चलायेंगी? प्रियंका निरंजन के हरसंभव मदद की ताकत देखिये कि जिस अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार यादव का नाम मुकदमा में शामिल है, उसी को इस मामले की कमेटी में शामिल कर लिया गया है. इतना अंधेरगर्दी तो समाजवादी पार्टी की सरकार में भी नहीं था. वहां भी कम से कम अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होती थी, या फिर कार्यकर्ता ही अधिकारियों को इज्‍जतपूर्वक बेइज्‍जत कर देते थे, लेकिन इस सरकार में तो सब धान बाइस पसेरी हो चुका है. इस पार्टी का कार्यकर्ता अपनी ही दुकान चलाने में परेशान है. दूसरी ओर विभागीय मंत्री से लेकर विभागीय अधिकारी तक जनता को केवल लूटने के एकमेव मंत्र का जाप कर रहे हैं।

#तिरछी_कटारी

(वरिष्ठ पत्रकार अनिल कुमार सिंह के फेसबुक वॉल से)