लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। नेटफ्लिक्स पर 1 मई को ग्लोरी का प्रीमियर हो रहा है। यह अपनी तरह की पहली स्पोर्ट्स थ्रिलर है, जिसकी कहानी बदले, महत्वाकांक्षा और मर्डर मिस्ट्री तथा बिखरे हुए परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। इस सीरीज़ में बॉक्सिंग की दुनिया की कठोरता, जोखिम और क्रूरता दिखाई गई है।
यह कहानी हरियाणा से शुरू होती है, जहाँ बॉक्सिंग में भारत को ओलिंपिक मैडल दिलाने की उम्मीद, निहाल सिंह की रहस्यमयी मौत हो जाती है। क्रोध और महत्वाकांक्षा के टकराव में बदले की हावी होती भावना के साथ ग्लोरी की कहानी रिश्तों के कमजोर धागों, सत्ता और धोखेबाजी की पड़ताल करती है, जिसमें ग्लोरी की लड़ाई उतनी ही व्यक्तिगत भी है, जितनी खतरनाक।
इस कहानी में दिव्येंदु, पुलकित सम्राट, सुविंदर विकी, जन्नत जुबैर, आशुतोष राणा, सिकंदर खेर, कुणाल ठाकुर, सयानी गुप्ता, यशपाल शर्मा और कश्मीरा परदेसी ने मुख्य भूमिका निभाई हैं।
देविंदर सिंह के किरदार के बारे में दिव्येंदु ने बताया कि, ‘‘मैं ग्लोरी की ओर इसकी मौलिकता के कारण आकर्षित हुआ। यहाँ ग्लोरी गर्व से नहीं मिलती, बल्कि क्रोध से मिलती है, जो बहुत व्यक्तिगत है। देव रिंग में नहीं है, लेकिन इससे जुड़ी हर चीज उसका किरदार बनाती है। इसीलिए वह इतना अप्रत्याशित है। मैंने अभी तक जो भी किरदार किए हैं, उन सबमें यह सबसे जटिल किरदारों में से एक है। वह मजबूत है, उग्र है और कोई भी बात दिल में नहीं रखता है। वह प्यार भी उसी शिद्दत से करता है, जिस शिद्दत से नफरत करता है। उसके दिल में काफी दर्द है। लेकिन संयम भी है। वो कभी भी ह्यूमर को नहीं छोड़ता है। जिससे प्रदर्शित होता है कि उसका किरदार इस क्षेत्र की जमीन से जुड़ा है। मुझे दूसरी बार करन अंशुमन के साथ काम करके बहुत खास महसूस हो रहा है। वो आपको मुश्किल दायरों में लेकर जाते हैं और किरदार के लिए कभी भी आसान रास्ता नहीं अपनाने देते।’’
देव और रवि, दोनों ही कई भावनात्मक परतें रखते हैं। वो जीवन की परिवर्तनकारी परिस्थितियों से गुजर रहे हैं। उनका सफर आसान नहीं है क्योंकि ‘‘ग्लोरी त्याग, बलिदान और कष्ट की मांग करती है।

पुलकित सम्राट ने बताया कि ‘‘ग्लोरी की ओर मैं इसलिए आकर्षित हुआ क्योंकि वह दुनिया सच्ची है, मजबूत है, माफ नहीं करती और यही इसकी सुंदरता है क्योंकि यहाँ हर जीत मायने रखती है और हर कदम अपनी मेहनत से हासिल करना पड़ता है। रवि रिएक्ट नहीं करता, बल्कि मन में रख लेता है। वह बाहर से शांत है, पर उसके अंदर आग जल रही है। नियंत्रण में रहने और गुस्सा फूटने के बीच यही स्पेस है, जिसमें असली शक्ति पनपती है। उसका किरदार निभाकर मुझे एहसास हुआ कि महानता चोट खाने के बाद भी बार-बार उठने में है क्योंकि चैंपियन तभी बनते हैं, जब वो हर चोट को सह लेते हैं। यह केवल एक झलक है। मैं यह किरदार निभाकर बहुत आभारी महसूस कर रहा हूँ।’’
सुविंदर विकी ने अपने किरदार के बारे में कहा, रघुबीर सिंह केवल एक कोच नहीं है। उस आदमी ने अपना पूरा जीवन अनुशासन से बनाया है। वो कमजोरी शब्द ही नहीं जानते हैं और न ही कमजोरी को स्वीकार करते हैं। मैं उनकी खामोशी की ओर सबसे अधिक आकर्षित हुआ। वो ज्यादा नहीं बोलते हैं। लेकिन वो जो कुछ भी करते हैं, उसमें सालों की इच्छाशक्ति, बलिदान और बॉक्सिंग के मूल्यों में उनका अटूट विश्वास झलकता है। उस खामोशी में एक अधिकार है। कोच रघुबीर के लिए ग्लोरी कोई भावना नहीं है, बल्कि यह अनुशासन से रूटीन का पालन करने, दर्द सहने, और रोज फिर से उठकर खड़ा हो जाने से मिलती है।
ग्लोरी की रचना करन अंशुमन और कर्मण्य आहूजा ने की है। इसका निर्माण मोहित शाह और अंशुमन ने एटॉमिक फिल्म्स बैनर के अंतर्गत किया है। इसकी कहानी अंशुमन, आहूजा और वैभव विशाल ने लिखी है, तथा इसके निर्देशक करन अंशुमन और कौशिक वर्मा हैं, जिससे प्रदर्शित होता है कि यह बैनर मनोरंजन के क्षेत्र में बोल्ड और विशेष स्टोरीटैलिंग पेश करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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