तेहरान : मध्य पूर्व (Middle East) में जारी संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है। अमेरिका और इजराइल का समर्थन करने से भड़के ईरान ने आज संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर बड़ा मिसाइल हमला बोल दिया। हालांकि, यूएई ने न केवल इन हमलों को नाकाम किया, बल्कि ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी ‘आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक’ करते हुए उसकी 530 बिलियन डॉलर की संपत्ति जब्त कर ली है। इस कदम ने तेहरान की कमर तोड़ दी है और वैश्विक बाजार में खलबली मचा दी है।आसमान में युद्ध: 16 मिसाइलें और 42 ड्रोन ढेरयूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ईरान ने आज सुबह एक साथ 16 बैलिस्टिक मिसाइलें और 42 आत्मघाती ड्रोन यूएई की ओर दागे। यूएई की उन्नत मिसाइल डिफेंस प्रणाली ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन सभी खतरों को हवा में ही नष्ट कर दिया।अब तक का नुकसान: रक्षा मंत्रालय ने चौंकाने वाले आंकड़े जारी करते हुए बताया कि युद्ध की शुरुआत से अब तक ईरान, अमीरात पर 414 बैलिस्टिक मिसाइलें, 15 क्रूज मिसाइलें और 1,914 ड्रोन दाग चुका है।UAE का महा-बदला: $530 बिलियन की जब्ती और वीजा रद्दईरान के सैन्य दुस्साहस का जवाब यूएई ने बंदूक से नहीं बल्कि ‘बैंक’ से दिया है। यूएई सरकार ने ईरान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने के लिए कड़े फैसले लिए हैं:संपत्ति पर कब्जा: यूएई में मौजूद ईरान की 530 बिलियन डॉलर ($530 Billion) की चल-अचल संपत्ति को तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया गया है।गोल्डन वीजा खत्म: यूएई ने ईरान के नागरिकों के लिए जारी सभी ‘गोल्डन वीजा’ और रेजिडेंसी परमिट रद्द कर दिए हैं।99 साल का वादा टूटा: 99 साल की रेजिडेंसी के वादों को दरकिनार करते हुए यूएई ने सभी ईरानी प्रवासियों के परमिट निरस्त कर दिए हैं, जो ईरान के रसूखदार वर्ग के लिए बहुत बड़ा झटका है।क्यों हुआ हमला?ईरान लंबे समय से इस बात से नाराज था कि यूएई ने क्षेत्र में अमेरिका और इजराइल की सैन्य और रणनीतिक मदद की है। ईरान इसे अपनी सुरक्षा के लिए खतरा मानता है। आज का हमला इसी हताशा का परिणाम बताया जा रहा है। रणनीतिकारों का मानना है कि यूएई की आर्थिक कार्रवाई ईरान को युद्ध के मैदान से ज्यादा चोट पहुंचाएगी, क्योंकि ईरान पहले से ही अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से जूझ रहा है।पेंटागन और वैश्विक बाजार पर असरयूएई और ईरान के बीच इस सीधे टकराव ने खाड़ी क्षेत्र में तेल की आपूर्ति (Oil Supply) को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका ने यूएई के बचाव में अपने युद्धपोतों को अलर्ट मोड पर डाल दिया है। जानकारों का कहना है कि $530 बिलियन की जब्ती आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी वित्तीय कार्रवाइयों में से एक है, जो ईरान की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर सकती है।
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