लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। बाबू बनारसी दास एजूकेशनल ग्रुप के तत्वाधान में 26 से 28 फरवरी तक आयोजित तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव उत्कर्ष-2026 का शानदार आगाज लखनऊ कैम्पस में हुआ। उत्कर्ष-2026 की थीम विरासत से विकास तक है। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि नीरज सिंह (चेयरमैन, फिक्की-लीडर्स फोरम, यू0पी0 चैप्टर एवं चैयरमैन, यू0पी0 योगा एसोसिएशन) एवं बीबीडी ग्रुप के प्रेसीडेंट एवं प्रो चांसलर, बीबीडी यूनीवर्सिटी विराज सागर दास ने दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर बीबीडी एजूकेशनल ग्रुप की वाइस प्रेसीडेंट सोनाक्षी दास एवं डायरेक्टर-अखिलेश दास गुप्ता स्कूल, देवाशी दास, आरके अग्रवाल, मुख्य अधिशाषी निदेशक, बीबीडी एजूकेशनल ग्रुप, प्रो0 एस0के0 श्रीवास्तव, वाइस चांसलर, डॉ एससी शर्मा, प्रो वाइस चांसलर, बीबीडी यूनीवर्सिटी, डॉ सुधर्मा सिंह, रजिस्ट्रार, बीबीडी यूनिवर्सिटी, डॉ0 एस0एम0के0 रिजवी, मुख्य संयोजक उत्कर्ष, सभी निदेशक, डीन, फैकल्टी, स्टाफ एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना के साथ छात्राओं द्वारा मनमोहक नृत्य प्रस्तुति द्वारा हुआ। तत्पश्चात् मुख्य अतिथि द्वारा उत्कर्ष-2026 के प्रारम्भ की घोषणा की।
तत्पश्चात् प्रेसिडेंट विराज सागर दास ने उत्कर्ष 2026 के उद्घाटन समारोह में बीबीडी समूह की ओर से सभी अतिथियों, संकाय सदस्यों, विद्यार्थियों और मीडिया का स्वागत किया गया। उन्होंने बीबीडी यूनीवर्सिटी के वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव को केवल प्रतिभा और सृजनात्मकता का मंच नहीं, बल्कि विरासत से विकास तक की प्रेरणादायी यात्रा का प्रतीक बताया गया।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष उत्कर्ष की थीम विरासत से विकास तक हमारे राष्ट्र और हमारे विश्वविद्यालय की यात्रा अत्यन्त सुंदरता से प्रस्तुत करता है-हमारी समृद्ध विरासत से हमारे असीमित भविष्य तक। भारत एक ऐसी सभ्यता है जिसने वेदों और उपनिषदों जैसे हमारे धर्म ग्रन्थों की ज्ञान परंपरा से लेकर नवाचार की भावना तक विश्व को कालजयी ज्ञान प्रदान किया है। नांलदा और तक्षशिला जैसे प्राचीन विश्वविद्यालयों से लेकर आज प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष के क्षेत्र में नेतृत्व तक भारत ने सदैव विश्व को यह दिखाया है कि विरासत और प्रगति साथ-साथ चल सकते है।

उन्होंने कहा कि भारत का प्राचीन ज्ञान आधुनिक तकनीक और मानवता के बीच सेतु का कार्य करेगा और भारत विश्व के लिए एक जिम्मेदार एवं नैतिक भविष्य का निर्माण करेगा। यही “विरासत से विकास तक” की सच्ची भावना है। बीबीडी विश्वविद्यालय इस यात्रा का एक गौरवशाली उदाहरण है। मूल्यों, अनुशासन और उत्कृष्टता की सुदृढ़ नींव पर निर्मित, हमारे विश्वविद्यालय ने अनेक विद्यार्थियों के जीवन को दिशा प्रदान की है।
उत्कर्ष की पुरानी यादों पर आधारित एक वीडियो द्वारा बीबीडी की यात्रा के बारे में दिखाया गया। इसके बाद बीबीडी के छात्रों द्वारा डांस की रंगारंग प्रस्तुति दी गई जिससे देखकर उपस्थित दर्शकों द्वारा तालियों की गड़गड़ाहट से सभागार गूंज उठा।

मुख्य अतिथि नीरज सिंह ने छात्रों की रंगारंग प्रस्तुति की भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि बीबीडी का नाम न केवल लखनऊ में, बल्कि पूरे भारत में अपनी विरासत के कारण जाना जाता है। यहाँ के छात्र डिग्री होल्डर ही नहीं बल्कि फ्यूचर लीडर है। यहाँ संभावनाओं की कमी नहीं है। विरासत से विकास तक की थीम पॉवरफुल मैसेज है।
उन्होंनें कहा कि जिस इमारत की नींव मजबूत होती है, उस पर बनी इमारत मजबूत होती है। विरासत की बात जब की जाती है तो तब भारत का नाम सबसे पहले आता है। शिक्षा वह धुरी होती है जिसमें संस्कारों का समावेश हो। आज बड़ें र्स्टाटअप का नाम लेने पर भारत का ही नाम अग्रणी देशों मे गिना जाता है। उन्होनें कई भारतीय मूल एवं भारतीय दिग्गजों का नाम जैसे ओला के भविष्य अग्रवाल, गूगल के सुदंर पिचाई, माइक्रोसॉफ्ट के सत्य नडेला आदि लिया।

इसी कड़ी में छात्रों द्वारा बनाये गये उत्कर्ष-2026 के लोगो डिजाइन में विजयी छात्रों को पुरूस्कृत किया गया। तत्पश्चात् विराज सागर दास द्वारा मुख्य अतिथि नीरज सिंह को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इसी क्रम में बीबीडी के छात्रों द्वारा टेक एक्सपो-2026 में 100 से अधिक मॉडल नई तकनीक एआई, सीसीएमएल पर आधारित बनाये गये मॉडलो को बीबीडी के प्रेसीडेंट, वाइस प्रेंसीडेंट एवं डायरेक्टर, ए0डी0जी0 स्कूल द्वारा देखकर छात्रों की प्रशंसा एवं उत्साहवर्धन किया।
उद्घाटन समारोह के समापन पर प्रो0 एस0एम0के0 रिजवी, मुख्य संयोजक-उत्कर्ष ने तीन दिवसीय कार्यक्रम के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष हमारे छात्र कुछ नया करते है। इस अवसर पर सभी अतिथियो, निदेशक, डीन, फैकल्टी, स्टाफ एवं छात्रों के प्रति आभार एवं धन्यवाद प्रेषित किया।
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