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ग्लोबल एग्रोटेक 2026 : बी.एल. एग्रो ने प्रस्तुत किया विविध क्षमताओं की विस्तृत श्रृंखला

 

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। बी.एल. एग्रो ने गुरुवार को भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (ISRI) में शुरू हुए ‘ग्लोबल एग्रोटेक 2026’ प्रदर्शनी एवं सम्मेलन के पहले दिन अपनी विविध क्षमताओं की विस्तृत श्रृंखला का प्रदर्शन किया।

तीन दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने किया। इस अवसर पर कृषि क्षेत्र के रूपांतरण के लिए एकीकृत मंच पर वरिष्ठ नीति-निर्माताओं, अंतरराष्ट्रीय राजनयिकों, शोध संस्थानों, उद्योग जगत के नेताओं और प्रगतिशील किसानों की सहभागिता रही। उद्घाटन समारोह में दिनेश प्रताप सिंह (मंत्री, स्वतंत्र प्रभार, उद्यान, कृषि विपणन एवं निर्यात) तथा रविंदर (आईएएस, प्रमुख सचिव, कृषि) भी उपस्थित रहे।

डिप्टी सीएम ने बीएल एग्रो ग्रुप के पवेलियन का उद्घाटन किया। उन्हें कृषि-खाद्य प्रसंस्करण, एकीकृत वैल्यू चेन, डेयरी विकास, वैज्ञानिक जेनेटिक्स एवं जीनोमिक्स, एग्रीटेक प्लेटफॉर्म तथा क्लाइमेट-टेक आधारित जोखिम बुद्धिमत्ता ढाँचों सहित समूह के सक्रिय योगदानों के बारे में जानकारी दी गई। बीएल एग्रो की सहायक कंपनियों— लीड्स कनेक्ट, लीड्स जेनेटिक्स और लीड्स इंश्योरेंस ब्रोकर्स ने अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। जो कृषि की एकीकृत वैल्यू चेन में समूह की बढ़ती प्रमुखता को दर्शाता है।

ब्रजेश पाठक ने कहा, “उत्तर प्रदेश कृषि उन्नति और खाद्य प्रसंस्करण उत्कृष्टता का एक तेजी से उभरता हुआ केंद्र बन रहा है। बीएल एग्रो जैसी कंपनियों की इस तरह के मंचों पर भागीदारी उत्तर प्रदेश की एग्री-इनोवेशन, वैल्यू एडिशन और किसान सशक्तिकरण में बढ़ती ताकत को दर्शाती है। ऐसे प्रयास तकनीक, उद्यम और ग्रामीण विकास के बीच सेतु को मजबूत करते हैं। मैं राज्य की कृषि प्रगति में निरंतर योगदान के लिए बीएल एग्रो को शुभकामनाएं देता हूँ।”

उद्घाटन अवसर पर मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने कहा, “यह हमारे लिए एक ऐतिहासिक क्षण है जब हम भारतीय कृषि के अगले विकास चरण पर चर्चा के लिए एकत्र हुए हैं। उत्तर प्रदेश भारतीय कृषि में सबसे बड़ा योगदानकर्ता है। सतत कृषि के लिए सफल पीपीपी मॉडल ही आगे का मार्ग है। ऐसे आयोजन सभी हितधारकों को एक साथ लाकर स्थायी भविष्य की दिशा में कार्य करने का अवसर प्रदान करते हैं।”

घनश्याम खंडेलवाल (चेयरमैन, बी.एल. एग्रो एवं ICFA UPSAC) ने कहा “तीन दिवसीय ग्लोबल एग्रोटेक देश के इतिहास में एक मील का पत्थर है। यह क्षेत्र भारतीय GDP में सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से एक है और आबादी के एक बड़े हिस्से को रोजगार प्रदान करता है। यह उद्योग वर्तमान में परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और इसलिए सभी हितधारकों को एक मंच पर लाकर भविष्य के लिए एक बड़ा कदम उठाने की जिम्मेदारी हम पर है। आज हमने उत्तर प्रदेश की कृषि मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत करने, डेयरी के आधुनिकीकरण में तेजी लाने, एग्री-फाइनेंस की पहुंच बढ़ाने और प्रौद्योगिकी-सक्षम कृषि पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की। ग्लोबल एग्रोटेक 2026 उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को रूपांतरित करने के लिए एक एकीकृत और बुद्धिमत्ता-आधारित कृषि व्यवस्था के निर्माण की दिशा में हमारा प्रयास है। जहां नीति दृष्टि, वैज्ञानिक प्रगति और निजी क्षेत्र का क्रियान्वयन एक साथ मिलकर कार्य करते हैं।”

उद्घाटन दिवस पर ‘उत्तर प्रदेश कृषि विकास बैठक’ का आयोजन होटल रेडिसन में किया गया। जिसकी अध्यक्षता बी.एल. एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड एवं ICFA UPSAC चेयरमैन घनश्याम खंडेलवाल ने की। इस बैठक में मुकेश कुमार मेश्राम (अपर मुख्य सचिव, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन), तथा रविंदर (प्रमुख सचिव, कृषि) भी उपस्थित रहे। कोट डी’आइवोर, क्यूबा, स्पेन और ब्राजील के राजनयिक प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।

डेवलपमेंट मीट में पशुधन और डेयरी क्षेत्र के रूपांतरण पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर ब्राज़ील की अग्रणी डेयरी जेनेटिक्स एवं फार्म मैनेजमेंट कंपनी ‘फज़ेंडा फ्लोरेस्टा’ के संस्थापक रोजेरियो बारोस एवं रोबर्टा बर्टिन बारोस भी मौजूद थे। उन्होंने दूध उत्पादन बढ़ाने और स्वदेशी नस्लों को सुदृढ़ करने में वैज्ञानिक प्रजनन, जीनोमिक्स तथा प्रजनन तकनीकों की भूमिका को रेखांकित किया।