नई दिल्ली : केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने गुरुवार को घोषणा की है कि खेलो इंडिया विंटर गेम्स (केआईडब्ल्यूजी) 2026 का गुलमर्ग चरण 23 से 26 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। यह इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का छठा संस्करण है।इससे पहले केआईडब्ल्यूजी 2026 का पहला चरण 20 से 26 जनवरी तक लद्दाख के लेह में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ था, जिसमें आइस स्पोर्ट्स की प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं। अब गुलमर्ग में स्नो स्पोर्ट्स की स्पर्धाएं होंगी। भारतीय सेना यहां अपने ओवरऑल चैंपियनशिप खिताब का बचाव करेगी।मांडविया ने कहा, “गुलमर्ग चरण विंटर ओलंपिक के तुरंत बाद हो रहा है, यह खेलो इंडिया विंटर गेम्स आयोजित करने का बिल्कुल सही समय है। लेह में पहला चरण बेहद सफल रहा और हमें उम्मीद है कि जम्मू-कश्मीर में भी वही उत्साह देखने को मिलेगा, जहां खिलाड़ी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करेंगे।”उन्होंने आगे कहा, “हर सीजन में प्रतिस्पर्धा का स्तर बढ़ा है। लेह में फिगर स्केटिंग को शामिल करने से मुकाबला और रोमांचक हुआ। गुलमर्ग के कोंगडूरी ढलानों पर भी बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद है।”खेलो इंडिया विंटर गेम्स ने देश में शीतकालीन खेलों को नई पहचान दी है। पहले ये खेल सीमित दायरे तक सिमटे थे, लेकिन अब राष्ट्रीय स्तर पर संरचित मंच मिलने से भागीदारी और प्रदर्शन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसका असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिख रहा है। भारतीय फिगर स्केटर तारा प्रसाद ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते हैं, जबकि भारतीय महिला आइस हॉकी टीम ने 2025 आईआईएचएफ महिला एशिया कप में ऐतिहासिक कांस्य पदक हासिल किया।गुलमर्ग चरण में स्की माउंटेनियरिंग, अल्पाइन स्कीइंग, नॉर्डिक स्कीइंग (क्रॉस-कंट्री) और स्नोबोर्डिंग की चार पदक स्पर्धाएं होंगी, जिनमें लगभग 400 खिलाड़ी भाग लेंगे। अल्पाइन स्कीइंग में सबसे अधिक प्रतिभागियों के उतरने की संभावना है।केआईडब्ल्यूजी 2025 में भारतीय सेना 18 पदकों के साथ शीर्ष पर रही थी, जबकि हिमाचल प्रदेश दूसरे स्थान पर रहा। वहीं केआईडब्ल्यूजी 2026 के लद्दाख चरण के बाद हरियाणा चार स्वर्ण पदकों के साथ पदक तालिका में अग्रणी है।
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