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ग्रीन मोबिलिटी ज़ोन से मथुरा–वृंदावन को जाम और प्रदूषण से मिलेगी राहत

मथुरा (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। मथुरा वृंदावन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को अब जाम, धुएं और अव्यवस्थित ट्रैफिक से जल्द राहत मिल सकती है। ग्रीन मोबिलिटी ज़ोन (जीएमजेड) की शुरुआत को लेकर जिलाधिकारी मथुरा चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि यह योजना केवल यातायात सुधार की नहीं, बल्कि ब्रज की आध्यात्मिक शांति और पर्यावरणीय पवित्रता को लौटाने की दिशा में बड़ा कदम है।

कलेक्ट्रेट सभागार में राहगीरी फाउंडेशन द्वारा आयोजित उच्चस्तरीय कार्यशाला में उन्होंने कहा कि श्रद्धालु यहां सुकून और भक्ति की भावना लेकर आते हैं, लेकिन भीड़ और प्रदूषण उनके अनुभव को प्रभावित करता है। जीएमजेड से यह स्थिति बदलेगी।

कार्यशाला में जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस विभाग और शहरी परिवहन विशेषज्ञों ने मथुरा–वृंदावन को स्वच्छ, सुविधाजनक और जाम-मुक्त बनाने की कार्ययोजना पर चर्चा की। इस दौरान नगर आयुक्त जगप्रवेश ने बताया कि वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन उपयोग का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए चार्जिंग स्टेशन, ई-बसें और बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित की जाएगी। वहीं, मथुरा के एसएसपी श्लोक कुमार ने कहा कि ट्रैफिक प्रबंधन और सख्त निगरानी से श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

इस मौके पर सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट और आईसीसीटी के विशेषज्ञों ने बताया कि बड़े शहरों में 50 प्रतिशत से अधिक प्रदूषण का कारण वाहन हैं। इसी को देखते हुए मथुरा–वृंदावन में लो-एमिशन ज़ोन लागू करने की तैयारी है, जिससे प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों का प्रवेश सीमित होगा। 

उन्होंने बताया कि वर्तमान में मंदिरों और घाटों के आसपास अव्यवस्थित पार्किंग और निजी वाहनों की अधिक संख्या के कारण श्रद्धालुओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बांके बिहारी, प्रेम मंदिर और प्रमुख घाटों तक पैदल पहुंचना भी जोखिम भरा हो गया है। योजना के तहत शहर के बाहर विकसित पार्किंग स्थलों से मंदिरों और होटलों तक ई-रिक्शा और धार्मिक बस सेवा चलाई जाएगी, ताकि बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ आने वाले श्रद्धालुओं को सहूलियत मिल सके।

 विशेषज्ञों ने बताया कि मथुरा–वृंदावन की कई सड़कें और अंडरपास 100 वर्ष से अधिक पुराने हैं, जो भारी वाहनों के लिए सुरक्षित नहीं हैं। इसके कारण जाम की समस्या बनी रहती है और पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ भी लगभग नदारद हैं। ग्रीन मोबिलिटी ज़ोन के तहत फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कर छायादार और सुरक्षित बनाया जाएगा।