Wednesday , August 12 2026

AKTU : ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर गरमाया सदन, पक्ष विपक्ष में हुई तीखी बहस

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। डाॅ0 एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय में बुधवार को अन्तर्राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर जनभवन की पीएसओ टीम, लखनऊ विश्वविद्यालय एवं ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। इस दौरान नाट्य मंचन, गीत गायन, कविता पाठ, भाषण, नुक्कड़ नाटक एवं युवा संसद के जरिये सामाजिक संदेश दिया। 

वन नेशन, वन इलेक्शन प्रस्ताव पर हुई जोरदार बहस

कार्यक्रम के दौरान लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों ने युवा संसद में प्रतिभाग किया। सदन में पक्ष और विपक्ष के रूप में छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, नेता प्रतिप्रक्ष राहुल गांधी, सांसद अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी वाड्रा, शशि थरूर, कंगना रनौत, रवि किशन की भूमिका में वन नेशन, वन इलेक्शन प्रस्ताव पर जोरदार बहस की। 

छात्र ने गृहमंत्री के रूप में वन नेशन, वन इलेक्शन से होने वाले फायदे गिनाये। कहा कि एक चुनाव से देश पर पड़ने वाला भारी, भरकम आर्थिक बोझ बेहद कम हो जाएगा। जिसका उपयोग देश के विकास में किया जा सकेगा। हर साल चुनावों में रहने वाले देश को इससे मुक्ति मिलेगी। संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। 

इस बीच विपक्षी सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि अब लोकतंत्र की कीमत रूपये में तय की जाएगी। सरकार इस प्रस्ताव के जरिये मुद्दों से जनता का ध्यान हटाना चाहती है। संघीय ढांचे पर वार किया जा रहा है। 

भाजपा सांसद कंगना रनौत ने प्रस्ताव के पक्ष में भाषण देते हुए कहा कि यह कदम देश की विकास का नया अध्याय लिखेगा। विपक्ष हर अच्छे काम को बाधित करता है। उनके इतना कहते ही विपक्षी सांसदों ने जमकर शोर-शराबा किया। सदन की गरिमा बनाये रखने की संसद के अध्यक्ष को बार-बार अपील करनी पड़ी। इसी तरह शशि थरूर, अखिलेश यादव राहुल गांधी ने भी प्रस्ताव के विरोध में जमकर सरकार की घेरेबंदी की।

जबकि वित्त मंत्री निर्मलासीतारमण, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वन नेशन, वन इलेक्शन से देश विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर होगा। अंत में प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने अपना भाषण दिया। उन्होंने कहा कि हमें बदलाव को स्वीकार करना होगा। वन नेशन, वन इलेक्शन आज देश की जरूरत है। हमें इसके साथ देश को तरक्की के रास्ते पर ले जाना होगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष हमेशा से देशहित में होने वाले कामों में राजनीति करता है। यह राजनीति का विषय नहीं है। हम सबको मिलकर आगे बढ़ना होगा। उनके भाषण के दौरान भी विपक्षी सांसद नारेबाजी करते रहे। युवा संसद के जरिये छात्रों में संसदीय कार्यप्रणाली, तक-वितर्क की क्षमता, नेतृत्व को विकसित करना है। 

इसी क्रम में जन भवन के पीएसओ की टीम ने मुंशी प्रेमचंद्र के नाटक कप्तान साहब का ज्ञानेंद्र त्रिपाठी के निर्देशन में शानदार मंचन किया। नाटक के जरिये एक युवा और उसकी परिस्थितियों, संघर्ष और कर्तव्य को बखूबी दिखाया गया। पीएसओ की टीम ने मुंशी जी के नाटक को मंच पर जीवंत कर दिया। बेहतरीन संवाद अदायगी, भावभंगिमा और नाटक की कसावट से दर्शक बंधे रहे। इसके बाद ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के छात्रों ने हालात अलग, हौसला एक नाटक का मंचन किया। इस नाटक के जरिये छात्रों ने युवाओं की परिस्थितियों, सपनों और संघर्षों को दिखाया। दिखाया गया कि परिस्थितियां भले अलग हों पर युवाओं की आकांक्षाएं एक है। छात्रों ने नुक्कड़ नाटक के जरिये भी सामाजिक संदेश दिया। 

लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों ने नाटक निर्णय का प्रकाश नाटक की प्रस्तुति दी। इस नाटक के मंचन के जरिये डिग्री पाने के साथ ही युवाओं की चिंता, गलत दिशा में जाना, वहीं परिश्रम के जरिये सफल होने को दर्शाया गया। सरकार की ओर से युवाओं के लिए चलायी जा रही स्वरोजगार की योजनाओं से तकदीर बदलने को भी दिखाया गया। 

इसी क्रम में जन भवन की पीएसओ टीम, लखनऊ विश्वविद्यालय एवं केएमसी विश्वविद्यालय के छात्रों ने गीत गायन कर जोश भरा। छात्रों ने भाषण एवं कविता पाठ भी पढ़ा। अंत में टीमों ने देश भक्ति गीतों पर जोश के साथ नृत्य प्रस्तुत कर जमकर वाहवाही बटोरी। अंत में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने वाले सभी सदस्यों को पुरस्कृत किया गया। 

युवाओं को पढ़ाया नैतिकता का पाठ

कार्यक्रम स्वागत करते हुए कुलपति प्रो0 जेपी पाण्डेय ने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय युवा दिवस सिर्फ युवाओं के उत्सव का दिन नहीं है बल्कि नये संकल्पों को आत्मसात करने वाला मौका भी है। उन्होंने कहा कि भारत को विकसित देशों की कतार में खड़ा करने के लिए 2047 तक का लक्ष्य रखा गया है। उस वक्त आप सभी के ही हाथों में देश की कमान होगी। इसलिए आप पर अभी से जिम्मेदारी अधिक है। विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए हमेशा आगे बढ़िये। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक होने के साथ ही युवाओं को नैतिक रूप से भी आदर्श होना पड़ेगा। 

इस मौके पर लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 जेपी सैनी, ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 अजय तनेजा सहित एलयू की कुलसचिव भावना मिश्रा, एकेटीयू के वित्त अधिकारी केशव सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो0 दीपक नगरिया, जनभवन के अनुभाग अधिकारी कमल यादव, चिकित्साधिकारी अमिता वर्मा सहित अन्य शिक्षक, अधिकारी एवं छात्र उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन एकेटीयू की कुलसचिव रीना सिंह ने दिया जबकि संचालन उप परीक्षा नियंत्रक नेहा श्रीवास्तव ने किया।