कानपुर (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। पीएसआई इंडिया द्वारा संचालित मच्छर जनित परियोजना पर आधारित एम्बेड परियोजना अंतर्गत समीक्षा बैठक का आयोजन मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 हरिदत्त नेमी की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उप मुख्य चिकित्साधिकारी/नोडल अधिकारी वीबीडी एवं नोडल अधिकारी एनयूएच, एम0, जिला मलेरिया अधिकारी, एम्बेड सीनियर मैनेजर उपस्थित रहे।
समीक्षा बैठक के दौरान अप्रैल से जून 2026 की अवधि में परियोजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों, उपलब्धियों, फील्ड स्तर पर प्राप्त परिणामों, सामने आई चुनौतियों तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। बैठक में परियोजना के प्रमुख संकेतकों (इंडिकेटर) की समीक्षा करते हुए कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता तथा समुदाय तक कार्यक्रम की प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. हरिदत्त नेमी ने एम्बेड टीम के कार्यों की सराहना करते कहा कि समुदाय आधारित गतिविधियों की सफलता टीम की प्रतिबद्धता, समन्वय और निरंतर प्रयासों पर निर्भर करती है। समीक्षा बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी स्वास्थ्य इकाइयों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार समयबद्ध ढंग से गतिविधियाँ संचालित करने तथा लार्वा सर्वे एवं स्रोत नाशक गतिविधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

उपमुख्य चिकित्साधिकारी/नोडल अधिकारी वीबीडी डॉ. राजेश्वर सिंह ने सभी फील्ड गतिविधियों की निगरानी एवं अनुश्रवण यूडीएसपी पोर्टल पर तथा सभी गतिविधियों का शत-प्रतिशत एवं समय पर डेटा अपलोड तथा उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर नियमित निगरानी रखने पर जोर दिया। उन्होंने सभी रोगो की एक दवाई घर में रखें साफ-सफाई, जन-जन की हो भागीदारी, संचारी रोगों पर हो जीत हमारी के माध्यम से अपनी बात कही।
नोडल अधिकारी एनयूएच एम0 डा0 कैलाश चन्द्रा ने वेक्टर जनित रोगो से बचाव हेतु सभी शहरी आशाओं को मलेरिया जांच हेतु रैपिड डायग्नोस्टिक किट (RDK) की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि मलेरिया एवं डेंगू से बचाव के लिए रुके हुए पानी को समाप्त करें, पानी की टंकियों एवं पात्रों को ढककर रखें, कूलर की साप्ताहिक सफाई करें, पूरे बाजू के कपड़े पहनें तथा मच्छरदानी एवं रिपेलेंट का नियमित उपयोग करें। साथ ही, बुखार होने पर स्वयं उपचार में विलंब न करें और तत्काल निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच एवं उपचार कराएं।

जिला मलेरिया अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने कहा कि जन-जागरूकता एवं आईईसी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। उन्होने मलेरिया के लक्षणों पर चर्चा करते हुए बताया कि सर्दी के साथ एक दिन छोडकर बुखार का आना, उल्टी, सिरदर्द, बुखार उतरने के साथ पसीना निकलना, कमजोरी होना। यदि ऐसे लक्षण हो तो समय पर जांच एवं पूर्ण उपचार कराए जाने पर बल दिया तथा लोगो से सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में निःशुल्क जाँच एवं उपचार सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की।
समीक्षा बैठक के एक सत्र में वरिष्ठ मैनेजर धर्मेंद्र कुमार त्रिपाठी ने टीम को योजनाबद्ध कार्यशैली, बेहतर समन्वय, एवं परिणामोन्मुखी कार्यप्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस समीक्षा बैठक से प्राप्त सुझाव परियोजना के आगामी चरणों में कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बैठक में एएमओ भूपेन्द्र सिंह, नगरीय स्वास्थ्य समन्वयक मिलिन्द गौतम, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक प्रशांत वर्मा, अमित धीमान, एएमपीआई राम कुमार तिवारी, एफपीसी आशा वर्मा, जिला समन्वयक राम कुमार द्विवेदी सी-फार, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीप्ति गुप्ता, डॉ. संगम सचान, डॉ. रजनी कटियार सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं समस्त मलेरिया निरीक्षक उपस्थित रहे।
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