Friday , January 23 2026

आलमबाग में खुला टॉपरैंकर्स का चौथा संस्थान, टॉपर्स ने साझा की सफलता की कहानी

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर टॉपरैंकर्स लखनऊ में ‘टॉपर्स टॉक’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जब टॉपर्स ने स्वयं अपनी सफलता की कहानी साझा की, तो माहौल प्रेरणा और उत्साह से भर गया। कार्यक्रम के साथ ही टॉपरैंकर्स के चौथे संस्थान का आलमबाग में आधिकारिक उद्घाटन शौर्यवर्धन और अपूर्वश्री एवं उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक की धर्मपत्नी नम्रता पाठक ने किया।

टॉपर्स टॉक कार्यक्रम में टॉपरैंकर्स के होनहार छात्र शौर्यवर्धन और अपूर्वश्री ने अपने सहपाठियों और जूनियर छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता न तो एक दिन की मेहनत से मिलती है और न ही केवल किस्मत से। इसके लिए निरंतरता, अनुशासन और एक समान जज़्बे के साथ की गई मेहनत ज़रूरी है। उन्होंने बताया कि किसी भी परीक्षा की तैयारी के लिए 12–14 घंटे पढ़ाई करना आवश्यक नहीं, बल्कि यह ज़रूरी है कि जो भी पढ़ा जाए, वह पूरी एकाग्रता और फोकस के साथ हो तथा कॉन्सेप्ट को गहराई से समझा जाए।

टॉपर्स ने छात्रों को किताबों तक सीमित न रहने की सलाह देते हुए कहा कि अपने विषय से जुड़े घटनाक्रमों और व्यावहारिक उदाहरणों को समझना भी उतना ही आवश्यक है। क्योंकि प्रैक्टिकल समझ थ्योरी को और मज़बूत बनाती है। इस दौरान उन्होंने लीगलएज को धन्यवाद देते हुए उसके रिवीजन पैटर्न और अकादमिक सिस्टम की सराहना की। उन्होंने कहा कि लीगलएज एक ऐसा संस्थान है जो रिवीजन थ्योरी, मॉक टेस्ट, कॉन्सेप्ट क्लियर क्लासेज, अनुपस्थित छात्रों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं, डाउट क्लियरिंग सेशन, वन-टू-वन मेंटरिंग और पैरेंट्स-टीचर मीटिंग पर विशेष ध्यान देता है।

इस अवसर पर लीगलएज लखनऊ के निदेशक विशाल शर्मा ने कहा कि संस्थान की हर सफलता और हर नया कदम उसके छात्र-छात्राओं की मेहनत और विश्वास का परिणाम है। उन्होंने बताया कि टॉपर्स टॉक कार्यक्रम और टॉपरैंकर्स के चौथे संस्थान का उद्घाटन आलमबाग में किया गया है, जिसके पीछे छात्रों की उपलब्धियों की अहम भूमिका रही है।

निदेशक विशाल शर्मा ने जानकारी दी कि इस वर्ष लीगलएज के छात्रों ने एआईआर-1, एआईआर-2 और एआईआर-3 सहित टॉप-10 में कुल 7 रैंक हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर संस्थान की सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि किसी संयोग का परिणाम नहीं, बल्कि छात्रों और फैकल्टी की एकजुट मेहनत और समर्पण का नतीजा है।