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उत्तरायणी कौथिग : सेना दिवस पर वीर सैनिकों का सम्मान, सांस्कृतिक संध्या ने मोहा मन

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। पर्वतीय महापरिषद के स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित रजत जयंती समारोह के अंतर्गत 15 दिवसीय उत्तरायणी कौथिग के द्वितीय दिवस का शुभारंभ एकल गायन प्रतियोगिता से हुआ। प्रतियोगिता में 3 वर्ष से लेकर 70 वर्ष तक के प्रतिभागियों ने अपनी गायन प्रतिभा का प्रदर्शन कर दर्शकों से भरपूर तालियां बटोरीं।

कार्यक्रम की शुरुआत दीपा पाण्डेय द्वारा प्रस्तुत उत्तराखण्डी निमंत्रण गीत “सुआ रे सुआ…” से हुई। वहीं लखनऊ पब्लिक कॉलेज की केजी कक्षा की 5 वर्षीय छात्रा दर्शिका पाठक ने शिवरुद्राष्ट नाम गोत्रम् का मंत्रोच्चार कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

गायन प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में गिरीश चंद्र बहुगुणा, भावना गुरूरानी एवं उत्तराखण्ड से आए लोकगायक नीरज चुफाल शामिल रहे। प्रतियोगिता का संचालन महेन्द्र पंत एवं गोविन्द बोरा ने किया। मीडिया प्रभारी भुवन पाण्डेय ने बताया कि 3 से 8 वर्ष आयु वर्ग में विवान आनंद (प्रथम), विहान सिंह (द्वितीय), आद्या शर्मा (तृतीय) एवं दर्शिका पाठक (सांत्वना), 9 से 13 वर्ष आयु वर्ग में व्योम सिंह (प्रथम), कृतिका राज (द्वितीय), देवेन सिंह (तृतीय) एवं इत्यान सिंह (सांत्वना), 13 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में इप्सिता पांडे (प्रथम), फागुनी लोहनी (द्वितीय), सारा आनंद (तृतीय) तथा पूजा पांडे एवं ललिता जोशी (सांत्वना) पुरस्कार के विजेता रहे।

इसके पश्चात नारायण पाठक एवं के.एन. चंदोला के संचालन में कवि सम्मेलन आयोजित हुआ। जिसमें लखनऊ के प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कौथिग परिसर में लगे उत्तराखण्डी खाद्य पदार्थों के स्टॉलों पर दिनभर भीड़ लगी रही। विशेष रूप से गडेरी, घोट की दाल, पहाड़ी नींबू एवं ड्राई फ्रूट्स की खूब बिक्री हुई। मीडिया सलाहकार हरीश कांडपाल ने बताया कि देहरादून से आई प्यारी पहाड़न रेस्टोरेंट की संचालिका प्रीति मैन्दोलिया द्वारा लगाए गए “मडवा स्पेशल” स्टॉल पर मडवा मोमो, नूडल्स, स्प्रिंग रोल, मडवा चाय-कॉफी के साथ पहाड़ी दाल कबाब, फाणू भात, भट्टवाणी भात, चैंसू भात, झंगोरा खीर, गहत दाल पकौड़े एवं पहाड़ी सूप लोगों की विशेष पसंद बने।

सायंकालीन सत्र सेना दिवस को समर्पित रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) योगेन्द्र डिमरी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पर्वतीय महापरिषद के अध्यक्ष गणेश जोशी एवं महासचिव महेन्द्र रावत ने पुष्पगुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर मुख्य अतिथि का सम्मान किया। इस अवसर पर सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास निदेशालय के सेवानिवृत्त निदेशक अतुल कुमार तथा जिला सैनिक कल्याण अधिकारी विंग कमांडर मुकेश तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि द्वारा पूर्व सैनिकों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन पर्वतीय महापरिषद सैनिक प्रकोष्ठ के प्रभारी गोवर्धन भट्ट एवं अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह धामी ने किया।

सांस्कृतिक संध्या में उत्तराखण्ड से आए लोकगायक राकेश जोशी एवं नीरज चुफाल ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। वहीं गोमती नगर के कलाकारों ने गोविन्द बोरा, आनंद कपकोटी एवं ख्याली सिंह के नेतृत्व में वीर सैनिकों पर आधारित नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों से खूब सराहना प्राप्त की।

कार्यक्रम में पर्वतीय महापरिषद के अनेक पदाधिकारी, महिला प्रकोष्ठ के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।