अमलापुरम : आंध्र प्रदेश के कोनासीमा जिले के इरुसुमंडा में ओएनजीसी के तेल के कुएं में गैस रिसाव के बाद लगी आग पर अभी भी पूरी तरह से काबू नहीं पाया सका है। तीन तरफ से हाई-प्रेशर वॉटर अम्ब्रेला प्रोसेस से पानी का छिड़काव किया जा रहा है। आज आग कीलपटाें की तीव्रता कम हो गई है। आग पर धीरे-धीरे काबू पाया जा रहा है। माैक पर संकट प्रबंधन टीम और आरसीएमटी के सदस्यों के साथविशेषज्ञाें की टीमें लगातार प्रयास में जुटी हैं।आग पर काबू पाने की काेशिश में जुटे ओएनजीसी के निर्देशक विक्रम सक्सेना ने बताया कि आग से कोई खतरा नहीं है। हालांकि आग की तीव्रता कम आई, लेकिन आग की लपटें अभी भी 10 से 15 मीटर की ऊंचाई तक उठ रही हैं। ओएनजीसी की लगातार की जा रही कोशिश के बीच कुएं में गैस का प्रेशर लेवल धीरे-धीरे कम हो रहा है। साथ ही आग और गर्म हवा को फैलने से रोकने के लिए पानी का स्प्रे करने के लिए खास मोटर लगाए गए हैं। लगातार पानी पंप करने से कुएं के पास के इलाके में गर्मी कम हो गई है।आग बुझाओ की काेशिश में जुटे एक सूत्र का कहना है कि आग पर पूरी तरह से काबू करने में अभी समय लगेगा। यही उपाय अगले चार या पांच दिनों तक जारी रहेंगे। नरसापुरम ओएनजीसी यूनिट से अत्याधुनिक उपकरण और गाड़ियां मंगाई गई हैं।इसी बीच राज्य सरकार के अधिकारियों ने इरुसुमंडा में बिजली की आपूर्ति बहाल कर दी है। प्रशासन के पुनर्वास केंद्राें से ग्रामीण अपने घरों को लौटने लगे हैं और इरुसुमंडा में शिक्षा संस्थान भी फिर से खुल गए हैं। इस मामले में अमलापुरम से सांसद हरीश मधुर बालयोगी ने कार्यदायी ठेकेदार दीप इंडस्ट्रीज की लापरवाही की जांच की मांग की है, जिसकी वजह से आग लगी है। उन्हाेंने पुरानी गैस पाइपलाइनों को भी बदलने की मांग की है।उल्लेखनीय है कि आंध्र प्रदेश के बीआर अंबेडकर कोनासीमा ज़िले के इरुसुमंडा गांव में स्थित ओएनजीसी के तेल कुंए में साेमवार काे गैस रिसावके बाद आग लग गई थी। आग इतनी भीषण थी कि लपटें 30 से 35 फिट ऊंची उठ रही थीं। प्रशासन ने आग की गंभीरता काे देखते हुए आसपास के तीन गांवों को खाली करा लिया था। खबर लिखे जाने तक ओएनजीसी की विशेषज्ञ दल और फायर ब्रिगेड मौके पर आग बुझाने की प्रयासों में जुटी हैं। फिलहाल किसी के हताहत हाेने की खबर नहीं है।
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