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दूर हुई नाराजगी, एसडी सिंह वैश्वारा बने राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश इकाई में भी हुआ बदलाव


लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। बीते दिनों भारतीय जन उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश संरक्षक एसडी सिंह वैश्वारा सहित कई पदाधिकारियों इस्तीफे को गंभीरता से लेते हुए गुरुवार को संगठन की आम बैठक आयोजित की गई। जिसमें इस्तीफा देने वाले पदाधिकारियों की नाराजगी दूर करने के साथ ही संगठन का विस्तार करते हुए राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन किया गया। वहीं संगठन के कुछ निवर्तमान पदाधिकारियों ने आम बैठक और राष्ट्रीय इकाई के गठन पर सवाल उठाए हैं।

प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संगठन को और अधिक सशक्त, प्रभावी एवं व्यापक बनाने के उद्देश्य से नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की गई है। जिसमें बीते दिनों संगठन से इस्तीफा देने वाले प्रदेश संरक्षक एसडी सिंह वैश्वारा को सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया। वहीं वर्तमान प्रदेश संरक्षक सौरभ तिवारी को राष्ट्रीय संरक्षक का दायित्व सौंपा गया है। इसके अलावा राष्ट्रीय प्रभारी हनुमंत सिंह और राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष विवेक शुक्ला को मनोनीत किया गया है।

संगठनात्मक पुनर्गठन के तहत वर्तमान प्रदेश कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग करके नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया गया। जिसमें देवेंद्र प्रताप सिंह को पुनः प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। जबकि प्रदेश संरक्षक सुशील कुमार निगम, वरिष्ठ महामंत्री अधिवक्ता विमल चौबे, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंकज दीक्षित, उपाध्यक्ष प्रवीण मिश्रा, विशाल रावत, प्रमोद तिवारी, डॉ. उमेश राय, संगठन मंत्री एसके मिश्रा, वरिष्ठ मंत्री आरके सिंह, प्रदेश मीडिया प्रभारी किशन सिंह, कार्यकारिणी सदस्य विजय गुप्ता को नियुक्त किया गया।

संगठन के पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया है कि राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार के साथ भारतीय जन उद्योग व्यापार मंडल व्यापारियों, उद्यमियों एवं उद्योग जगत के हितों की रक्षा हेतु और अधिक प्रभावी भूमिका निभाएगा। इस बैठक में लखनऊ जिला अध्यक्ष अवधेश विश्कर्मा , प्रदेश की सभी इकाइयों के अध्यक्ष, महामंत्री एवं उनकी पूरी टीम मौजूद रहें।

गौरतलब है कि संगठन की नींव रखने में अहम भूमिका निभाने वाले प्रदेश संरक्षक एसडी सिंह वैश्वारा ने उपेक्षा और गुटबाजी का आरोप लगाते हुए बीते 16 फरवरी को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। वहीं दो दिन संगठन में इस्तीफों की बाढ़ आ गई और कई पदाधिकारियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। जिसको संगठन ने गंभीरता से लिया और आम बैठक में सभी की नाराजगी दूर की।

हालांकि संगठन की प्रदेश इकाई के कुछ निवर्तमान पदाधिकारियों को नई कार्यकारिणी में पद न दिया जाना चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं संगठन की नींव रखने में अहम भूमिका निभाने वाले निवर्तमान प्रदेश महामंत्री सुशील सिंह और प्रदेश मंत्री विनोद सिंह ने बैठक को नियम विरुद्ध बताते हुए संगठन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें बैठक की कोई सूचना नहीं दी गई थी। यही नहीं उन्हें बिना कोई कारण बताए पद से हटा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन के बहाने संगठन को खत्म करने की साजिश रची गई है।