लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। अमेरिका स्थित ट्राइफैक्टा इंक. की सहयोगी कंपनी ट्राइफैक्टाकनेक्स ने आज उत्तर प्रदेश सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की। इसके तहत भारत में अपना एआई इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म शुरू किया जाएगा। जिसमें लगभग 7.7 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रारंभिक निवेश कर 1 गीगावॉट क्षमता वाला हाइपरस्केल एआई डेटा सेंटर कैंपस विकसित किया जाएगा। यह घोषणा नई दिल्ली में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट 2026 के दौरान की गई।
यह परियोजना एक ऐसे वर्टिकली इंटीग्रेटेड एआई इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म की नींव रखती है, जो कंप्यूट क्षमता और समर्पित ऊर्जा उत्पादन को एक ही ढांचे में जोड़ती है। इसे बड़े पैमाने पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्कलोड को संभालने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह कैंपस हाइपरस्केलर्स, सॉवरेन एआई पहल, एंटरप्राइज क्लाउड ऑपरेटर्स और उन्नत अनुसंधान संस्थानों की जरूरतों को पूरा करेगा, जिन्हें उच्च-घनत्व कंप्यूट और दीर्घकालिक ऊर्जा विश्वसनीयता की आवश्यकता होती है।
इस साइट को ग्रिड कनेक्टिविटी, जल आपूर्ति, फाइबर नेटवर्क और प्राकृतिक गैस अवसंरचना की सुविधा उपलब्ध होगी। इसमें विविध ऊर्जा मिश्रण को शामिल करने की योजना है। जिसमें ग्रिड बिजली, प्राकृतिक गैस आधारित उत्पादन, सौर ऊर्जा, बैटरी स्टोरेज और भविष्य में परमाणु ऊर्जा का एकीकरण किया जाएगा। यह प्लेटफॉर्म प्रारंभिक चरण से आगे बढ़कर आने वाले दशक में मल्टी-गीगावॉट क्षमता तक विस्तार के लिए तैयार किया गया है।
ट्राइफैक्टाकनेक्स के संस्थापक और सीईओ आदेश त्यागी ने कहा, “एआई इंफ्रास्ट्रक्चर तेज़ी से एक प्रमुख राष्ट्रीय आर्थिक संपत्ति बनता जा रहा है। हमारा मॉडल बिजली उत्पादन और कंप्यूट क्षमता को एक ही प्लेटफॉर्म में जोड़ता है, जो बड़े पैमाने पर विश्वसनीय बेसलोड ऊर्जा प्रदान करने में सक्षम है। भारत दीर्घकालिक एआई क्षमता तैनाती के लिए दुनिया के सबसे रणनीतिक बाज़ारों में से एक है।”
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