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जियोहॉटस्टार लेकर आ रहा है वास्तविक घटनाओं से प्रेरित ‘स्पेस जेन: चंद्रयान’

मुंबई (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। यह कहानी उन लोगों की है, जिन्होंने हार की स्याही से भारत की जीत का नया अध्याय लिखा। राष्ट्रीय गर्व के साथ प्रक्षेपित चंद्रयान-2 मिशन, जिसे पूरे देश ने धड़कते दिल से देखा। चांद की सतह से मात्र 2.1 किलोमीटर पहले असफल हो गया। लेकिन यहीं कहानी खत्म नहीं हुई। यहीं से नयी शुरुआत हुई और गढ़ी गई एक ऐतिहासिक वापसी।

जियोहॉटस्टार ने द वायरल फीवर (TVF) के सहयोग से पेश किया है ‘स्पेस जेन: चंद्रयान’ भारत की सबसे प्रेरक वैज्ञानिक वापसी पर आधारित एक संवेदनशील, मानवीय और भावनात्मक सीरीज़। यह शो 23 जनवरी 2026 से जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम होगा। इसमें नकुल मेहता के साथ प्रकाश बेलावडी, श्रिया सरन, दानिश सैत और गोपाल दत्त अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे।

टीज़र दर्शकों को उस कंट्रोल रूम में ले जाता है, जहाँ सांसें थमी हैं, निगाहें स्क्रीन से हटी नहीं हैं, उंगलियाँ जुड़ी हैं और हर धड़कन बढ़ी हुई है। संपर्क टूटता है और उसी पल सिर्फ़ एक मिशन नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, त्याग और उम्मीदें टूटती दिखाई देती हैं। पर उसके बाद जो होता है, वह हार नहीं, वह संकल्प है। शांत लेकिन अटल निर्णय, फिर से शुरुआत करने का।

द वायरल फीवर द्वारा निर्मित पाँच एपिसोड की यह सीरीज़ किरदार-केंद्रित, सधी हुई कथा शैली में रची गई है। यह केवल अंतरिक्ष मिशन का पुनर्कथन नहीं, बल्कि उन वैज्ञानिकों के साहस, धैर्य और मानवीय संवेदना को सलाम है, जिन्होंने गिरकर भी उठना चुना।

निर्देशक अनंत सिंह कहते हैं, “भारत का चंद्र मिशन दृढ़ इच्छाशक्ति और महत्वाकांक्षा का जीवंत उदाहरण है। इस कहानी की आत्मा सिर्फ़ मिशन में नहीं, बल्कि उन लोगों में बसती है जिन्होंने इसे जिया। यह गर्व, आस्था और असफलता से ऊपर उठने की कहानी है। जियोहॉटस्टार और द वायरल फीवर के साथ इसे दर्शकों तक पहुँचाते हुए हमें गर्व महसूस हो रहा है।”

मुख्य भूमिका निभा रहे नकुल मेहता कहते हैं, “स्क्रिप्ट की सच्चाई ने मुझे भीतर तक छुआ। यह सीरीज़ केवल अंतिम सफलता का उत्सव नहीं मनाती, बल्कि उस हौसले को सम्मान देती है जिसकी ज़रूरत असफलता के बाद दोबारा खड़े होने के लिए होती है। यह यात्रा मेरे भीतर लंबे समय तक बनी रही। इस कहानी का हिस्सा बनना मेरे लिए गर्व की बात है।”

‘स्पेस जेन: चंद्रयान’ साधारण वैज्ञानिकों की असाधारण गाथा है। ऐसे लोग, जिन्होंने असफलता का बोझ उठाया और विज्ञान, विनम्रता और विश्वास के सहारे फिर से आगे बढ़े।