लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द के प्रति सतर्कता समय की मांग है। विशेष रूप से तब जब भारतीय सेनाएं अपने शौर्य का प्रदर्शन कर रही हैं और पाकिस्तान को उसकी करतूत का करारा जवाब दिया जा रहा है। हर नागरिक की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। हम सभी ऐसी हरकतों से बचें जो सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की आशंका पैदा करें।
उक्त बातें अर्थशास्त्र विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रो. मनोज अग्रवाल के कक्ष में राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के दायित्व एवं कर्तव्य पर आयोजित जागरूकता संगोष्ठी में भारत भारती के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष विनय पत्राले ने कहीं। उन्होने कहा कि पाकिस्तान भारत की प्रगति से चिंतित है। एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना से कार्य करें। भाषा भूषा परंपरा से जुड़े रहकर एक श्रेष्ठ सशक्त समरस भारत के लिए सतर्क रह कर कार्य करें।

अर्थशास्त्र विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर मनोज अग्रवाल ने कहा कि पाकिस्तान आक्रामकता का रुख अख्तियार किया है। भारत ने शांति के लिए आतंकवादी अड्डों को ध्वस्त किया है। आर्मी की गतिविधियों को सोशल मीडिया पर न डाले। सरकार और सेना पर पूर्ण विश्वास रखें। गलत पोस्ट से गलत उम्मीदें जगती है। बिना सही जानकारी के कोई भी पोस्ट फारवर्ड न करें। अपनी चर्चा भी संयमित रखें। सावधान -सतर्क रहें। अपने आस पास के लोगों को सुरक्षित रखने का प्रयास करें। युद्ध के लिए भारतीय सेना और सरकार मजबूत है। हमे पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है। पाकिस्तान ने जो बोया है वो कटेगा। वह युद्ध के पहले दिन से भीख का कटोरा लेकर खड़ा है। मीडिया भी अफवाहों के ट्रैप में आ सकती है अतः सरकारी सूचनाओं पर विश्वास रखें। ब्लड देने, एक दूसरे की सहायता करने के लिए सदैव तत्पर रहें।

मानवशास्त्र विभाग की सहायक आचार्य डॉ. ईशदीप कौर ने कहा कि जाती पाती को अलग रखकर देश सर्वोपरी की भावना से कार्य करें। सोशल मीडिया पर गलत चीज़े न फैलाये। अपने सोल्जर्स के लिए गर्व की भावना रहें। जिस देश में रहतें है उस देश के लिए एकता की भावना से सभी कार्य करें। छोटी से गलती दुश्मन को बड़ा मौका दे सकता है।
बैसवारा पीजी कालेज के डॉ. बीके भारद्वाज ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सभी की अपनी तैयारी रखनी चाहिए। आंतरिक सुरक्षा के लिए अनुशासन आवश्यक है। मानवता के लिए कार्य करें। फौजी की कोई जात नहीं होती है।
समाज शास्त्र विभाग के प्रो. पवन मिश्र ने कहा कि देश के लिए कार्य करने के लिए केवल बार्डर पर जाने की जरूरत नहीं है, हम अपने आस पास की गतिविधियों पर नजर रखें। हमें पैनिक नहीं होना चाहिए। सरकार की ऑफिशियल ब्रीफिंग पर ही फोकस हो अफवाहों पर ध्यान न दे। संस्कृति विभाग के डॉ गौरव सिंह ने कहा कि मुख्यरूप से देश की समरसता को विखंडित नहीं होने देना है। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के लिए भारतीय सेनाएं लड़ रही है। देश की सेना का मनोबल बढ़ाने के लिए हम सभी सक्रिय रहें।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ. हरनाम सिंह ने कहाकि हमें हर स्तर पर लड़ने के लिए तैयार रहना पड़ेगा। यह युद्ध साइबर हमले की भी संकेत दे रही है अतः अत्यधिक सावधानी की आवश्यकता है। इस अवसर पर डॉ दिनेश यादव, डॉ भारती राय, शोध छात्र अमन वैश्य, रजनीश सोनकर, संदीप देशवाल, स्नेहा वर्मा, विदुषी शुक्ला, सुप्रिया सिंह, नित्या गुप्ता, स्वेता यादव, अंजली शर्मा, नम्रता पांडेय सहित शोध विद्यार्थियों ने अपने विचार व्यक्त कर देश के लिए जीने का संकल्प दोहराया।
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