- सुशासन की पहली शर्त है रूल ऑफ लॉ, समयबद्ध और सहज न्याय सरकार की प्राथमिकता: सीएम योगी
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) लखनऊ खंडपीठ के उद्धाटन कार्यक्रम में हुए शामिल
- सरकार ने पिछले आठ वर्षों में निपटाए राजस्व के 34 लाख मामले
लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। सुशासन की पहली शर्त है रूल ऑफ लॉ। यह समयबद्ध, सहज और सरल हो और एक कॉमन मैन के साथ सामान्य कार्मिक वहां तक पहुंच बना सके। उसकी समय पर सुनवाई और मेरिट के आधार पर मामलों का निस्तारण हो, यह जरूरी है। आज का दिन हम सभी के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण क्योंकि भारत के संविधान के शिल्पी बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की पावन जयंती को दलित, वंचित और समाज के उपेक्षित वर्ग को न्याय दिलाने के महामानव के रूप में मनाते हैं। इसको लेकर सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) लखनऊ खंडपीठ के उद्धाटन कार्यक्रम में कही। इस दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।

सीएम योगी ने कहा कि हमारे न्यायालय में बहुत मामले लंबित पड़े हुए हैं। इन लंबित मामलों के लिए कोर्ट के अनावश्यक समय को जाया ना करना पड़े, इसके लिए ट्रिब्यूनल के स्तर पर मामलों की अलग से सुनवाई हो। इस मंशा के अनुरूप ट्रिब्यूनल ने देश में अलग-अलग क्षेत्रों में कार्य करना प्रारंभ कर दिया है।
मेरिट के आधार पर न्याय प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ट्रिब्यूनल समयबद्ध तरीके से संबंधित पक्षों को मेरिट के स्तर पर न्याय प्रदान कर सके, यह सरकार की प्राथमिकता में है। कैट की भूमिका भी ऐसी ही है। केंद्रीय सरकार से जुड़े हुए विभिन्न सरकारी उपक्रम और शासकीय व्यवस्था से जुड़े हुए अधिकारियों और कार्मिकों को किसी स्तर पर न्याय नहीं मिल पाया, उनके लिए प्लेटफॉर्म देने और समय पर न्याय देने में कैट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि फुल बेंच हो या सर्किट बेंच अगर उनके पास कोई भी संसाधन नहीं है तो वहां दूसरों को न्याय प्रदान करने के लिए कितने एग्रेसिव तरीके से अपने कार्य को आगे बढ़ा पाएंगे, इसकी सहज कल्पना की जा सकती है। आज यहां पर 16 जनपदों के केंद्रीय कार्मिकों के लिए कैट की व्यवस्था की गई है। यहां शानदार भवन बना करके तैयार हो गया है। मुझे विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप किसी मजबूरी में कार्मिकों यहां आना पड़ा तो उन्हे न्याय उपलब्ध कराने में कैट महत्वपूर्ण भूमिका का निर्माण करेगा।
पिछले 10 वर्षों में लखनऊ पीठ ने 6 हजार से अधिक मामलों को किया निस्तारण
सीएम ने कहा कि वर्ष 2014 से 2025 के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप लखनऊ पीठ ने 10 वर्षों में कुल 6,700 मामलों में से 6,000 से अधिक मामलों का निस्तारण किया है, इसको अभी और तेज किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बहुत सारे मामलों में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठा कर सुना जाए तो ऐसे ही बहुत सारे मामलों का निस्तारण हो सकता है। प्रदेश में वर्ष 2017 में राजस्व के 33 लाख मामले लंबित थे। इस पर सरकार ने इन मामलों को मेरिट के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिये। इन मामलों को लेकर टाइम बाउंड किया गया। इसकी जवाबदेही के साथ ऑनलाइन मॉनीटरिंग की जाने लगी।

उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों में 34 लाख मामलों को निस्तारण किया गया जबकि पिछले 8 वर्षों में 10 लाख नये मामले आए। इन मामलों को भी टाइमलाइन के अनुसार निस्तारित किया जा रहा है। इससे सरकार के साथ कर्मचारियों को भी राहत मिलती है। उन्होंने कहा कि मुझे नव निर्मित भवन से कार्मिकों को समय पर न्याय मिलने के साथ शासन के अनावश्यक बोझ को भी कम करने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर अध्यक्ष कैट नई दिल्ली न्यायमूर्ति, विभागाध्यक्ष कैट लखनऊ न्यायमूर्ति अनिल कुमार ओझा, प्रशासनिक सदस्य कैट लखनऊ संजय कुमार आदि उपस्थित थे।
योगी सरकार में भी कैट के भवन के लिए जमीन ट्रांसफर का काम शुरू हुआ : डॉ. जितेंद्र सिंह
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सीएम योगी की तारीफ करते हुए कहा कि सीएम योगी के प्रयासों से ही कैट का भव्य भवन बनकर तैयार हुआ है क्योंकि अापकी ही सरकार में जमीन के ट्रांसफर का काम शुरू हुआ। सीएम ने 1,825 स्क्वायर फीट जमीन देने में सरकार ने तनिक भी देर नहीं लगायी। इस पर 18 करोड़ का निर्माण कार्य हुआ। ये सारा काम आपके सीएम योगी सहयोग से भी संपन्न हुआ है।
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