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दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान : नारीत्व की आधुनिक चुनौतियों और मुद्दों पर हुई चर्चा

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान’ के महिला सशक्तिकरण प्रकल्प – “संतुलन” के अंतर्गत रविवार को सहकारिता भवन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को समर्पित कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्थान का महिला सशक्तिकरण प्रकल्प – ‘संतुलन’ भारत के अग्रणी महिला सशक्तिकरण अभियानों में से एक है। कार्यक्रम में प्रोफेसर मनुका खन्ना (प्रो वाईस चांसलर लखनऊ विश्वविद्यालय), प्रमिल द्विवेदी (फाउंडर एंड सीईओ, इंडिया मीडिया हाउस) की विशेष उपस्थिति  रही।

लगभग 60,000 समर्पित महिला स्वयंसेवकों एवं 6,000 से अधिक प्रशिक्षित साध्वी काउंसलरों की टीम के साथ, ‘संतुलन’ भारत के साथ-साथ विदेशों में भी महिलाओं के सम्मान, लैंगिक समानता तथा समग्र सशक्तिकरण हेतु कार्यरत है। यह अभियान कॉर्पोरेट संगोष्ठियों, लाइव वेबिनार, संस्थागत कार्यशालाओं, ग्रामीण विकास कार्यक्रमों, जन-जागरूकता अभियानों, सहयोगी कार्यक्रमों एवं रोड-शो तथा रैलियों जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों के माध्यम से महिलाओं के उत्थान हेतु कार्य कर रहा है।

संतुलन द्वारा प्रतिवर्ष 1 से 31 मार्च तक महिला दिवस विशेष ‘स्वाभिमान’ अभियान चलाया जाता है। जिसके अंतर्गत देश विदेशों में असंख्य कार्यक्रम आयोजित किये जाते है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं के असाधारण प्रदर्शन को पहचान देना है। स्वाभिमान अभियान का यह दसवां अध्याय है। 

कार्यक्रम में ऐसी महत्वाकांक्षी, उत्साही और सर्वोत्कृष्ट महिलाओं को “स्वाभिमानी नारी अवार्ड” से सम्मानित किया गया, जो समाज में परिवर्तन लाकर सभी के लिए प्रेरणा स्रोत बनी।

दिव्य गुरु आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी रितु भारती ने बताया कि नारी सृजन, पोषण और परिवर्तन की शक्ति है। उसके भीतर समृद्ध समाज का नेतृत्व करने का सामर्थ्य है। पर दुर्भाग्यवश, समाज उसके प्रशंसनीय योगदानो को अनदेखा कर देता है, जिसके कारण वह अपने उत्साह और आत्मविश्वास को खो बैठती है। संस्थान द्वारा लखनऊ की नारी शक्ति को प्रस्तुत यह सम्मान निसंदेह समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान को जागृत करेगा।

नेहा सिंह, पुनीता भटनागर, पूर्णिमा पाण्डेय, मीरा दीक्षित, रूबी राज सिंह को महिला सशक्तिकरण के अनुकरणीय प्रदर्शन के लिए ‘स्वाभिमानी नारी अवार्ड’ से सम्मानित किया गया।

दो  घंटे की अवधि वाले इस विलक्षण कार्यक्रम में नारीत्व की आधुनिक चुनौतियों और मुद्दों पर एक पैनल चर्चा हुई। समाज परिवर्तन की दिशा में कार्य कर रही विभिन्न क्षेत्रों की विख्यात महिलाओं ने अपने-अपने दृष्टिकोण को रखा और निष्कर्ष निकाला कि कुछ लोगों के प्रयासों से परिवर्तन नहीं आ सकता है। पैनलिस्ट की सूची में सविता शर्मा (सेवानिवृत प्रिंसीपल), गीतांजलि मिश्रा (डीन ऑफ़ अकेडमिक ,लखनऊ विश्वविद्यालय), रुचिता चौधरी (आईपीएस), रश्मि दीक्षित (समाज सेविका), डॉ. नेहा शर्मा  साध्वी रितु भारती उपस्थित रही।

साध्वी रितु भारती ने कहा कि निःसंदेह आज की नारी ने शैक्षिक, वित्तीय, सामाजिक, राजनीतिक एवं वैचारिक स्वतंत्रता को प्राप्त कर लिया है। लेकिन ये ठीक वैसा ही है जैसे गहरे काले आकाश में कुछ तारे टिमटिमाते हैं। नारी सशक्तिकरण की सच्ची भोर लाने के लिए नारियों को अपने आध्यत्मिक अस्तित्व को भी खोजना होगा और आत्मिक जाग्रति के द्वारा उससे जुड़ना होगा। साथ ही, तपस्विनी सावित्री, गार्गी, मैत्रेयि, ऋषिका अनुसूया, अक्का महादेवी इत्यादि ने कई आत्म-जागृत नारियों के दृष्टांत भी सुनाये। 

 महिला पहलवान  “अंतिम“ के जीवन पर आधारित मनोरम नाट्य एवं नृत्य मंचन ने संदेश दिया कि बेटियां कमजोर नहीं हैं और वह हर क्षेत्र में परचम लहराया सकती है। जिसे संतुलन की निस्वार्थ स्वयंसेविकाओं द्वारा प्रस्तुत किया गया।

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान लखनऊ शाखा की संयोजिका – साध्वी रितु भारती ने कार्यक्रम में आए मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं समस्त प्रतिष्ठित लोगों का आभार व्यक्त किया। स्वाभिमानी नारी अवार्ड से सम्मानित महिलाओं ने संस्थान के चल रहे महिला उन्मुख अभियानों का समर्थन करने की जिज्ञासा के साथ संस्थान के प्रयासों के प्रति अपनी प्रशंसा को व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन हाई-टी और ग्रुप फोटो के साथ संस्थान की जागरूकता प्रदर्शनी के साथ किया गया। 

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान, विश्व में शांति एवं बंधुत्व की स्थापना हेतु कार्यरत एक सामाजिक व आध्यात्मिक संस्थान है। यह संस्थान अपने नौ मुख्य प्रकल्पों द्वारा समाज में व्यापक परिवर्तन ला रहा है। जिसमें महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम, साक्षरता अभियान, सम्पूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रम, नशा उन्मूलन कार्यक्रम, पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम, भारतीय देसी गौ संवर्धन एवं नस्ल सुधार कार्यक्रम, आपदा प्रबंधन कार्यक्रम, बंदी सुधार कार्यक्रम और नेत्रहीन एवं दिव्यांगों का सशक्तिकरण कार्यक्रम शामिल हैं।