- लखनऊ मेट्रो हम राही फाउंडेशन के सहयोग से चला रही है 3 दिवसीय जागरूकता अभियान
- यूपीएमआरसी का हम राही फाउंडेशन के सहयोग से उत्तर प्रदेश में 50,000 महिलाओं और बच्चों तक पहुंचने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य
लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। यूपीएमआरसी हम राही फाउंडेशन के सहयोग से लखनऊ के मेट्रो स्टेशनों पर आत्मरक्षा प्रशिक्षण और महिलाओं के अधिकारों के बारे में यात्रियों को शिक्षित करने के लिए तीन दिवसीय जागरूकता अभियान का आयोजन कर रहा है। अभियान के पहले दिन भूतनाथ, लेखराज, आईटी और विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशनों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम और जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। यह पहल सुरक्षित यात्रा वातावरण सुनिश्चित करने के लिए यूपीएमआरसी की प्रतिबद्धता के अनुरूप शुरू की गई है।

जागरूकता सत्रों का नेतृत्व प्रशिक्षित पेशेवरों ने किया। जिसमें उन्होंने यात्रियों के साथ जानकारीपूर्ण चर्चाओं और इंटरैक्टिव आत्मरक्षा प्रदर्शनों के जरिए संवाद किया। मेट्रो स्टेशनों पर आयोजित जागरूकता सत्रों में आत्मरक्षा तकनीक, कानूनी अधिकार और यौन शोषण और उत्पीड़न से निपटने के उपायों जैसे विषयों को शामिल किया गया।
जागरूकता सत्रों में यात्रियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और पहल की सराहना की। कई महिला यात्रियों ने इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों के महत्व पर प्रकाश डाला। 27 फरवरी से शुरू हुआ जागरूकता अभियान अगले दो दिनों तक हजरतगंज, हुसैनगंज, चारबाग, आलमबाग, सिंगार नगर और कृष्णा नगर मेट्रो स्टेशनों पर जारी रहेगा।

बता दें कि मिशन कवच के साथ, हम राही फाउंडेशन उत्तर प्रदेश भर में 50,000 महिलाओं और बच्चों तक पहुंचने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य लेकर चल रहा है। इसका उद्देश्य यौन अपराधों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और महिलाओं और बच्चों को आत्मरक्षा कौशल से लैस करना है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) एक विश्व स्तरीय मेट्रो प्रणाली संचालित करता है जो सार्वजनिक परिवहन का एक सुरक्षित, विश्वसनीय और समावेशी साधन प्रदान करने के लिए समर्पित है।

यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा, “यूपीएमआरसी अपने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हम राही फाउंडेशन के साथ इस सहयोग के माध्यम से हमारा उद्देश्य महिलाओं और कमजोर समूहों को आवश्यक आत्मरक्षा कौशल और उनके अधिकारों के बारे में जागरूकता मुहैया कराना है। सार्वजनिक परिवहन सभी के लिए एक सुरक्षित स्थान होना चाहिए और इस तरह की पहल अधिक सुरक्षित आवागमन वातावरण बनाने में अहम भूमिका निभाती है।”