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केन्द्रीय बजट 2024-25 में विकसित भारत की परिकल्पना – आईआईए

– बजट में एमएसएमई के लिए कोई प्रत्यक्ष घोषणा नही – आईआईए

– केन्द्रीय बजट 2024-25 आशा के अनुरूप- आईआईए

-गरीब, किसान, युवा एवं महिला (GYAN)सशक्तिकरण से बनेगा विकसित भारत, जिसमें एमएसएमई की महत्वपूर्ण भूमिका – आईआईए

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केन्द्रीय बजट 2024-25 को इण्डियन इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के केन्द्रीय कार्यालय, लखनऊ, राष्ट्रीय कार्यालय दिल्ली एवं सभी चैप्टर मुख्यालयों में पदाधिकारियों ने ध्यान से सुना। आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज सिंघल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश गोयल, महासचिव आलोक अग्रवाल एवं राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अवधेश अग्रवाल ने क्रमशः गाजियाबाद, बरेली, कानपुर एवं लखनऊ में विभिन्न उद्योगपतियों एवं विशेषज्ञों के साथ बजट का अवलोकन किया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज सिंघल ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहाकि यह अन्तरिम बजट आईआईए की आशा के अनुरूप ही था क्योकि इसमें हम बड़े बदलाव की आशा नही रख रहे थे। फिर भी जो घोषणाए वित्त मंत्री ने की है उसके अनुसार आईआईए सरकार द्वारा देश को विकसित भारत बनाने की परिकल्पना का स्वागत करता है। वित्त मंत्री द्वारा बजट भाषण में जीडीपी की जो नई परिभाषा ‘‘Governance, Development & Performance” दी है, उसका भी आईआईए समर्थन करता है, क्योकि इसके द्वारा ही विकसित भारत का सपना साकार हो सकता है। इस परिभाषा में सरकार द्वारा ‘‘Performance’’ देने के लिए नितान्त आवश्यक है कि सरकार धरातल पर जनमानस की आवाज और परेशानियों को सुन कर प्रभावी फीड बैक प्राप्त करने का प्लेटफार्म तैयार करें। क्योकि जब जनता और उद्यमियों की आवाज को खुलकर सुनने के बाद उसका विशलेशण किया जाएगा तभी सही मायनों में  Reform, Perform एवं Transform होगा और ‘‘Governance, Development & Performance’’  दिखाई देगी। उन्होंने कहा कि जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के साथ जय अनुसंधान जोड़ने का भी आईआईए स्वागत करता है। अनुसंधान के लिए 1 लाख करोड़ रूपये के लम्बी अवधी के लिए कारपस से इन्नोवेटिव उत्पाद बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा जो औद्योगिकरण के नये अवसर उत्पन्न करेगा।  

आईआईए के राष्ट्रीय महासचिव आलोक अग्रवाल ने कहा कि इण्डियन इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन अपने मिशन आईआईए 2.0 और ट्रांसफोर्मिंग एमएसएमई टूवर्ड 4.0 के अन्तर्गत भारत को विकसित बनाने के लिए दृढ़संकल्पित है। केंद्रीय वित्तमंत्री ने टैक्सरिफोर्मस के बारे में जो कहा उसका आईआईए स्वागत करता है। अन्तरिम बजट होने के कारण हम टैक्स की संरचना में बदलाव की आशा नही रख रहे थे परन्तु यह आवश्यक है कि इनकम टैक्स की भांति जीएसटी में भी फेसलैस सिस्टम प्रत्येक स्तर पर लागू किया जाए।

वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश गोयल ने कहा कि वर्ष 2070 तक नेट जीरो की कमिटमैन्ट को पूरा करने के लिए ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों का भी आईआईए स्वागत करता है। इससे देश के एमएसएमई को नये व्यवसायिक अवसर प्राप्त होगें, जिसमें भविष्य की तकनीको जैसे बायो डीग्रेडेबल प्लास्टिक होइड्रोजन आदि शामिल है। एक करोड़ घरों में सोलर रूफ टॉप लगाये जाने एवं 2 करोड़ घर बनाने की घोषणा से एमएसएमई क्षेत्र को मैनुफैक्चरिंग, इंस्टालेशन एवं सर्विस के नये अवसर प्राप्त होंगे।

राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अवधेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार द्वारा 25000 रू0 तक की प्रत्यक्ष कर की डिमांड वर्ष 2010 तक के लिए, 10000 रू0 की डिमांड वर्ष 2011 से 2015 तक को वापिस लिये जाने की घोषणा स्वागत योग्य कदम है। इससे जहाँ एक ओर कर दाताओं को राहत मिलेगी वहीं सरकारी मशीनरी पर भी काम का बोझ कम होगा।

आईआईए केन्द्रीय कार्यालय लखनऊ में बजट सत्र के अवलोकनार्थ अवधेश अग्रवाल (राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष), संजय कौल, वीके अग्रवाल, जीसी चतुर्वेदी (पूर्व अध्यक्ष आईआईए), राजीव बंसल (लखनऊ मण्डल चेयरमैन), विकास खन्ना (लखनऊ चैप्टर चेयरमैन) तथा राजेश तिवारी (बाराबंकी चैप्टर चेयरमैन) इत्यादि उपस्थित थे।

उपरोक्त आईआईए पदाधिकारियों ने मीडिया से वार्ता के दौरान बताया कि बजट में रेलवे, ऊर्जा, एयरपोर्ट, हाउसिंग टूरिज्म, फूड प्रोसेसिंग और ग्रीन एनर्जी पर जो फोकस सरकार देने जा रही है, उससे देश में बरोजगारी कम होगी, एमएसएमई के लिए नये अवसर पैदा होंगे और देश की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा।