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AKTU में स्टार्टअप की पाठशाला, छात्रों ने सीखे नवाचार से उद्यम खड़ा करने के गुर

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के वास्तु कला एवं नियोजन संकाय स्थित नवाचार इनक्यूबेशन सेंटर की ओर से 13 एवं 14 अक्टूबर को दो दिवसीय ‘स्टूडेंट स्टार्टअप अवेयरनेस एंड इनोवेशन प्रमोशन प्रोग्राम’ का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय ‘फ्रॉम आइडियाज टू एंटरप्राइज दृ स्टार्ट बिल्डिंग योर टुमॉरो’ रहा।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार, उद्यमिता, रचनात्मक सोच एवं सतत विकास के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना तथा उनके नवीन विचारों को व्यावहारिक एवं व्यावसायिक रूप से सफल स्टार्टअप में परिवर्तित करने के लिए प्रोत्साहित करना था। दो दिवसीय कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित उद्यमियों, स्टार्टअप विशेषज्ञों, वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों, नवाचार विशेषज्ञों एवं सामाजिक उद्यमियों ने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए।

विशेषज्ञों ने स्टार्टअप स्थापना, व्यवसाय नियोजन, वित्तीय सहायता, बाजार की संभावनाओं, नवाचार आधारित उद्यमिता तथा पर्यावरण अनुकूल व्यवसाय मॉडल के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान नवाचार एवं उद्यमिता के विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। इस मौके पर विकास कालरा ने विद्यार्थियों को उद्यमिता एवं रणनीतिक साझेदारी के महत्व से अवगत कराया। सफल उद्यम स्थापित करने के महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। शैक्षणिक संस्थान विद्यार्थियों को नवाचार, उद्यमिता एवं स्टार्टअप विकास के लिए आवश्यक संसाधन, मार्गदर्शन और अवसर प्रदान कर सकते हैं।

एकेटीयू के एसो0 डीन इनोवेशन डॉ0 अनुज कुमार शर्मा ने शैक्षणिक संस्थानों में नवाचार एवं उद्यमिता की संस्कृति विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। विद्यार्थियों को नवीन एवं रचनात्मक विचारों पर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। सहायक महाप्रबंधक, सिडबी सचिन मोदी ने स्टार्टअप स्थापित करने एवं उसके विस्तार के लिए उपलब्ध वित्तीय सहायता और संस्थागत वित्तपोषण की विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी दी।

सह-संस्थापक मिस्टर प्रोफेशनल, मेंटर स्टार्टअप इंडिया सुनील जायसवाल ने स्टार्टअप के पंजीकरण की प्रक्रिया, वैधानिक अनुपालन, उपयुक्त व्यवसाय मॉडल के चयन एवं बाजार में उपलब्ध अवसरों की पहचान पर विस्तार से चर्चा की। सामाजिक उद्यमी ज्योत्स्ना कौर हबीबुल्लाह ने सामाजिक उद्यमिता, स्थानीय संसाधनों के उपयोग एवं समुदाय आधारित व्यवसाय मॉडल के महत्व पर प्रकाश डाला। संस्थापक एवं सीईओ, स्क्रैपशाला की शिखा शाह ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

इस दौरान छात्रों को हैंड्सऑन भी कराया गया। जिसमें पेपर मैश लैंप मेकिंग रद्दी कागज एवं पुनः उपयोग योग्य सामग्रियों की सहायता से सजावटी लैंप तैयार करना। क्रिएटिंग योर ओन विजन बोर्ड विद्यार्थियों द्वारा अपने व्यक्तिगत लक्ष्यों, भविष्य की आकांक्षाओं एवं रचनात्मक विचारों को प्रदर्शित करने वाले विजन बोर्ड तैयार करना। अपसाइकिल फोटो फ्रेम मेकिंग, अनुपयोगी सामग्रियों को पुनः उपयोग में लाकर आकर्षक एवं कार्यात्मक फोटो फ्रेम बनाना था। 

कार्यक्रम का आयोजन कुलपति प्रो. जे.पी. पांडेय के दूरदर्शी नेतृत्व एवं वास्तुकला एवं नियोजन संकाय की प्राचार्या एवं अधिष्ठाता प्रो. वंदना सहगल तथा विभागाध्यक्ष प्रो. ऋतु गुलाटी के मार्गदर्शन में किया गया। जबकि समन्वय आर्किटेक्ट गौरव सिंह (वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक), आर्किटेक्ट दीप्ति सागर (सहायक प्राध्यापक), आर्किटेक्ट प्रियंका रस्तोगी (सहायक प्राध्यापक) तथा अंकित जैन द्वारा किया गया। इसमें संकाय के शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का सक्रिय सहयोग रहा।