लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। जल संकट के दृष्टिगत संसाधनों का संरक्षण और पुनः उपयोग समय की आवश्यकता है। भूमिगत आर्द्रभूमि आधारित जल शोधन प्रणालियाँ इसका प्रभावी समाधान बन सकती हैं। ये विचार शनिवार को राष्ट्रीय पुस्तक मेले के क्रिएटिव लाउंज में जनवीणा प्रकाशन द्वारा आयोजित समारोह में डॉ. अभिनव दीक्षित की कृति ‘हीडेन वेटलैंड्स’ के लोकार्पण के अवसर पर व्यक्त किए गए।
वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. करुणा पांडे, सूचना विभाग के पूर्व संयुक्त निदेशक अशोक बनर्जी, साहित्यकार राज वर्मा, राज्य ग्राम्य विकास संस्थान के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक अभय दीक्षित ने पुस्तक का लोकार्पण किया। कार्यक्रम का शुभारंभ सौरभ कमल ने सरस्वती वंदना से किया। जनवीणा प्रकाशन के निदेशक डॉ. एस.के.गोपाल ने संचालन किया।

शहरी जल प्रणालियों पर जर्मनी के टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ बर्लिन से शोध कर चुके डॉ. अभिनव दीक्षित ने बताया कि मिस्र के रेगिस्तानी शहर एल गौना में जल संकट से जुड़ी एक परियोजना का नेतृत्व करते समय उन्हें इस पुस्तक की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि पुस्तक जल शोधन और पुनः उपयोग की भूमिगत प्रणालियों की संभावनाओं पर केंद्रित है तथा नीति निर्धारकों, अभियंताओं और जल प्रबंधन से जुड़े लोगों के लिए उपयोगी है।

समारोह में व्यंग्यकार सर्वेश अस्थाना, मुनालश्री विक्रम बिष्ट, शम्भू शरण वर्मा, कृषि वैज्ञानिक कमलेश कुमार पाठक, बीरबल साहनी पुरावनस्पति विज्ञान संस्थान के प्रो. मुकुंद शर्मा, आशीष त्रिवेदी, अंजू दीक्षित, उपमा शर्मा, राजेश शर्मा, डॉ. आशुतोष कृष्णा, बृजेश सिंह, ज्योति किरन रतन, शक्ति श्रीवास्तव, अम्बरीश सिंह, अक्षत त्रिवेदी, अनिमेष शुक्ला, स्वप्निल पाण्डेय, विवेक शर्मा, जादूगर सुरेश कुमार और आफताब सहित अनेक साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।
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