लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। गोमती के बढ़ते जलस्तर ने फैजुल्लागंज के लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ा दी हैं। कई दिनों से बाढ़ और जलभराव की चपेट में आए दाउदनगर, मिश्रीबाग, मलाही टोला, हरिनगर, कैटल कॉलोनी, मामा कॉलोनी और चौबे की डेयरी समेत आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में परिवार परेशान हैं। कहीं घरों में पानी घुसा है तो कहीं सड़कों पर कई फीट पानी भरने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित है।
ऐसे हालात में लोग राहत, राशन, पेयजल और सुरक्षित आवागमन के लिए सरकारी मदद का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासनिक टीमें लगातार राहत और बचाव अभियान में जुटी हैं, वहीं क्षेत्रीय विधायक डॉ. नीरज बोरा और उनकी टीम भी नावों के जरिए प्रभावित परिवारों तक पहुंचकर राहत सामग्री उपलब्ध करा रही है।
योगी सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन, नगर निगम, एलडीए, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पुलिस प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार काम कर रही हैं। जलभराव वाले इलाकों में नावों के माध्यम से लोगों तक राशन और पेयजल पहुंचाने के साथ जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम भी किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी प्रभावित इलाकों और राहत शिविरों में लोगों के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही हैं।

बाढ़ के बीच क्षेत्रीय विधायक डॉ. नीरज बोरा लगातार प्रभावित इलाकों में सक्रिय हैं। उनकी टीम नावों के जरिए दाउदनगर, लोहरामऊ, गणेश विहार, विष्णु विहार समेत कई बाढ़ प्रभावित बस्तियों में पहुंचकर जरूरतमंदों को राशन और पेयजल उपलब्ध करा रही है। विधायक स्वयं भी प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। उनका कहना है कि संकट की इस घड़ी में कोई भी परिवार खुद को अकेला महसूस न करे, इसके लिए राहत अभियान लगातार जारी रहेगा।
बाढ़ प्रभावितों के बीच अन्य जनप्रतिनिधियों की सक्रियता भी बनी हुई है। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने भी फैजुल्लागंज पहुंचकर प्रभावित लोगों का हाल जाना और राहत कार्यों का जायजा लिया था। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. नीरज सिंह, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी और एमएलसी मुकेश शर्मा समेत भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों की मदद में जुटे हैं।
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच अक्टूबर को फैजुल्लागंज समेत बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया था। इसके बाद उन्होंने बख्शी का तालाब में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और राहत सामग्री वितरित की। मुख्यमंत्री ने फैजुल्लागंज से नैमिष तक गोमती किनारे तटबंध बनाने की योजना की भी घोषणा की है। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत रखने, एंटी स्नेक वेनम और एंटी रेबीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
महापौर के न पहुंचने पर उठे थे सवाल
इन सबके बीच नगर निगम क्षेत्र में आने वाले फैजुल्लागंज के बाढ़ प्रभावित इलाकों में महापौर सुषमा खर्कवाल के कई दिनों तक मौके पर न पहुंचने को लेकर सवाल उठते रहे। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर चर्चा हुई कि जब बाढ़ प्रभावित परिवार लगातार परेशानी झेल रहे हैं और अन्य जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों में जुटे हैं, तो नगर निगम की मुखिया की मौके पर मौजूदगी क्यों नहीं दिखाई दी।

लगातार उठ रहे सवालों और सियासी बयानबाजी के बीच गुरुवार को आखिरकार महापौर सुषमा खर्कवाल नगर आयुक्त गौरव कुमार और नगर निगम के अन्य अधिकारियों के साथ फैजुल्लागंज पहुंचीं। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों से राहत एवं सफाई व्यवस्था की जानकारी ली। इस दौरान स्थानीय लोगों के आक्रोश का भी सामना करना पड़ा। लोगों ने बाढ़ के दौरान सामने आई परेशानियों और नगर निगम की व्यवस्थाओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
महापौर ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पानी उतरने के बाद प्रभावित इलाकों में व्यापक स्तर पर सफाई और सैनिटाइजेशन कराया जाएगा, जिससे संक्रमण और जलजनित बीमारियों का खतरा न बढ़े।
फिलहाल फैजुल्लागंज के लोगों की निगाहें गोमती के जलस्तर में कमी और राहत कार्यों की गति पर टिकी हैं। बाढ़ ने जहां लोगों के सामने रोजमर्रा की जिंदगी की चुनौती खड़ी कर दी है, वहीं इस आपदा ने राहत और बचाव व्यवस्था की भी परीक्षा ले ली है। प्रभावित परिवारों को उम्मीद है कि प्रशासन और नगर निगम की टीमें लगातार मौके पर बनी रहेंगी और पानी पूरी तरह उतरने तक राहत का सिलसिला जारी रहेगा।
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