रायबरेली (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। भारतीय सनातन संस्कृति में बुजुर्गों को बोझ नहीं, बल्कि जीवन का मार्गदर्शक माना गया है। युवाओं को बुजुर्गों का सम्मान करने के साथ उनके आदर्शों और जीवन मूल्यों को आत्मसात कर भारतीय संस्कृति का वाहक बनना चाहिए। यह विचार राज्य सूचना आयुक्त, उत्तर प्रदेश पीएन द्विवेदी ने विकास नगर, रायबरेली में एविटास हेल्थ केयर फाउंडेशन एवं सन राइजर्स स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित धर्मेंद्र त्रिपाठी के दिवंगत पिता वीरेंद्र कुमार त्रिपाठी की पुण्यतिथि एवं स्मृति समारोह में व्यक्त किए।

‘सम्मान, गरिमा एवं जागरूकता के साथ बेहतर जीवन की ओर’ विषयक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में बुजुर्गों के प्रति सम्मान की परंपरा कमजोर हो रही है। उन्होंने रामचरितमानस के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से जीवन मूल्यों और सामाजिक दायित्वों को समझाया। साथ ही सामाजिक दबाव के कारण बच्चों पर पड़ रहे प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए स्वतंत्रता और स्वच्छंदता के बीच अंतर समझने की आवश्यकता बताई।
उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष बसंत सिंह बग्गा ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए ऐसी सामाजिक पहल को निरंतर आगे बढ़ाने की बात कही और कार्यक्रम के सतत संचालन के लिए आर्थिक सहयोग का आश्वासन दिया। पूर्व उत्तर प्रदेश शिक्षक संघ के अध्यक्ष लल्लन मिश्रा ने कहा कि आधुनिकता और अर्थवादी संस्कृति के बढ़ते प्रभाव से सामाजिक संबंधों की संस्कृति कमजोर हुई है। इसके कारण कई बुजुर्ग अपने ही घरों में असहाय जीवन जीने को विवश हैं। इस स्थिति को बदलना समाज की नैतिक जिम्मेदारी है।

चिकित्सक डॉ. फकरे आलम ने उपनिषदों और धर्म साहित्य का उल्लेख करते हुए कहा कि मानवता सभी को अपने जन्मदाता और बुजुर्गों के प्रति आदर-सम्मान का भाव रखने की सीख देती है। उन्होंने सामाजिक विभाजनों से ऊपर उठकर मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान राम औतार, सिटी मजिस्ट्रेट, डॉ. जेडी द्विवेदी, पूर्व प्राचार्य फिरोज गांधी कॉलेज, डॉ. सुनील त्रिवेदी, अरुण कुमार त्रिपाठी, जिला समन्वयक मध्यान्ह भोजन, अमेठी, अनंत कुमार मिश्रा, मैनेजिंग डायरेक्टर इरवाइन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड एवं विद्यालय प्रबंधक सहित अन्य वक्ताओं ने भी विचार रखे।
रायबरेली में शुरू हुआ ‘एज अभियान’
कार्यक्रम के आयोजक राजन अवस्थी, जिला समन्वयक एविटास फाउंडेशन एवं संयोजक दिनेश पाल ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, अधिकारों और बेहतर जीवन के उद्देश्य से 2 अक्टूबर 2026 को रायबरेली में ‘एज अभियान’ का शुभारंभ किया गया। ‘एज’ का अर्थ ‘एजिंग विद ग्रेस एंड एम्पावरमेंट’ यानी गरिमा और सशक्तिकरण के साथ उम्र बढ़ना है। उन्होंने कहा कि उम्र बढ़ना जीवन का स्वाभाविक और महत्वपूर्ण चरण है। वरिष्ठ नागरिकों को केवल देखभाल की जरूरत वाले व्यक्ति के रूप में नहीं, बल्कि अपने अनुभव, ज्ञान और जीवन योगदान के साथ परिवार एवं समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाना चाहिए।

कार्यक्रम का संचालन अरविंद कुमार भारद्वाज, एडवोकेट हाईकोर्ट एवं मंत्री प्रतिनिधि, कैबिनेट मंत्री पंचायती राज, अल्पसंख्यक कल्याण, वक्फ बोर्ड एवं हज, उत्तर प्रदेश सरकार ने किया। इस अवसर पर अभिज्ञान पांडेय, राम वाजपेयी, विभा त्रिपाठी, श्वेता द्विवेदी, देवेंद्र शुक्ला, महेश मिश्रा, सोनू भदौरिया, मुरारी पांडेय, करुणा शंकर चौधरी, ब्रजेश श्रीवास्तव, जयशंकर वाजपेयी, श्यामलाल चौधरी, कमल सोनी, अनिल तिवारी समेत शिक्षक, अभिभावक एवं विद्यालय स्टाफ मौजूद रहे।
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