लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। रेडियो एक ऐसा माध्यम रहा जो अमीर गरीब, शहर, गांव- देहात हर जगह सुना जाता है। बलरामपुर गार्डन में चल रहे पुस्तक मेले में रेडियो पर लिखी गयी किताब का विमोचन करने के पश्चात् उक्त बातें डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहीं।
मेले में सेतु प्रकाशन के स्टाल पर योगेन्द्र यादव की ‘गणराज्य का स्वधर्म, काल मार्क्स की संघर्षपूर्ण जीवन गाथा और क्रान्ति पर आधारित मैरी ग्रैबियल की हिन्दी अनुवादित ‘प्रेम और पूंजी’ चर्चा में है। ममता कालिया की संस्मरणात्मक पुस्तक ‘शेषकथा’ और राजीव कुमार की ‘जहांआरा पादशाही बेगम’ भी नये प्रकाशन हैं। इसके अलावा राजू शर्मा द्वारा फ्रांज काफ्का का विश्व प्रसिद्ध उपन्यास ‘द ट्रायल अनूदित होकर आया है।

वाणी प्रकाशन के स्टाल पर अर्जुन पाण्डेय की ‘आजाद : कहानी क्रांति के कमाण्डर की’, अभय कुमार दुबे की ‘उपनिवेशवाद का अलौकिक साम्राज्य’, अम्बिकादत्त शर्मा व विश्वनाथ मिश्र की ‘अनागत गांधी’, व्यंकटेश देवनपल्ली की’ राजाधिराज श्रीकृष्णदेवराय’ और उन्मोचन ग्रंथमाला के तहत भारतीय ज्ञान परम्परा में प्रकाशित बलराम शुक्ल की स्वातंत्र्य और संवर्धन नयी पुस्तकें हैं। बोधरस प्रकाशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर अनिमेष त्रिपाठी की ‘कांशसनेस 2.0’ नयी पुस्तक है।

मंच पर सुबह महिला डिग्री कॉलेज के बी. एड. विभाग की विभागाध्यक्ष डा0 रश्मि श्रीवास्तव की ‘पोस्टबाक्स’ समेत आठ पुस्तकों का विमोचन प्रो. सुरेन्द्र विक्रम की अध्यक्षता में हुआ। बतौर मुख्य अतिथि मौजूद पद्मश्री डॉ. विद्या बिंदु सिंह ने लोकार्पित पुस्तकों को अपना आशीर्वाद देते हुए पोस्ट बॉक्स पुस्तक की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक भावाभिव्यक्ति व संवाद की महत्ता को पोस्टबॉक्स से संदर्भित कर बड़ी खूबसूरती अपनी बात कह सकी है। उन्होंने इस पुस्तक को युवाओं व सामान्य जन के लिए बहुत ही उपयोगी वा साहित्यिक दृष्टि से एक उत्कृष्ट रचना बताया।

वहीं लेखक एवं कवि कुँवर विभास के काव्य-संग्रह “शब्द अब भी ज़िंदा हैं” का भी विमोचन हुआ। इस अवसर पर कुँवर विभास की पत्नी कुसुम श्रीवास्तव, फ़िल्म अभिनेता अखिलेश श्रीवास्तव, डॉ. राम मनोहर मिश्र (सेवानिवृत्त आईएएस), प्रभास कुँवर श्रीवास्तव (निदेशक, DIET), पद्म जंग (सेवानिवृत्त पीसीएस) सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
मुख्य मंच पर नवोन्मेष की ओर से शाम को आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा संतोष वाल्मीकि की किताब ‘रेडियो कल और आज’ के अंग्रेजी संस्करण रेडियो पास्ट एण्ड प्रेजेंट के विमोचन के बाद उन्हीं का बनाया वृत्तचित्र रेडियो का सफरनामा दिखाया गया। उन्होंने कहा कि रेडियो के स्वर्णिम अतीत, बदलते दौर और आज के डिजिटल युग में इसकी प्रासंगिकता को रेखांकित करती यह पुस्तक निश्चित रूप से पाठकों के लिए ज्ञानवर्धक एवं संग्रहणीय कृति है।

यहां मीडिया : सवाल भरोसे का विषय पर चली परिचर्चा में एमएलसी लालजी प्रसाद निर्मल, असम से बैजनाथ बांसफोर, पूर्व उपमहानिदेशक दूरदर्शन डा. सतीश ग्रोवर, रेडियो आर्टिस्ट रज्जनलाल, दूरदर्शन कार्यक्रम प्रमुख आत्मप्रकाश मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार बृजेश शुक्ल, आलोक जोशी, रमा अरुण, रेनू चतुर्वेदी, अरशाना व आरजे प्रतीक आदि ने विचार व्यक्त किये।
साहित्यकार संसद व नमन प्रकाशन की ओर से आयोजित ग़ज़लों की एक शाम रामप्रकाश बेखुद के नाम रही। जहां उनके साथ कृपाशंकर विश्वास, सरलता जमाल, बद्र गोरखपुरी, रचना मिश्रा और नवीन शुक्ल नवीन ने ग़ज़लें पढ़ीं। इससे पहले युवा रचनाकार मंच के 46वें स्थापना दिवस पर मुकुट बिहारी सरोज सम्मान से रचनाकार राजेन्द्र वर्मा को मृदुल शर्मा, डण्डा लखनवी, सुनीलकुमार बाजपेयी, नवीन आवारा की उपस्थिति में सम्मानित किया गया।
4 अक्टूबर के कार्यक्रम
- सुबह 11:00 बजे काव्य गोष्ठी- लक्ष्य संस्था
- अपराह्न 12: 30 बजे काव्यपाठ- साहित्य साधक
- अपराह्न 2: 00 बजे सम्मान समारोह- अपूर्वा संस्था
- अपराह्न 3: 00 बजे इमरोज़ व मजाज़ पर चर्चा- कल्चरल क्वेस्ट
- शाम 5: 00 बजे पुस्तक विमोचन- ब्रजेश कुमार मिश्र
- शाम 6: 00 बजे पुस्तक विमोचन- मीडिया फाउण्डेशन
- शाम 7: 30 बजे कवि सम्मेलन- अवध साहित्य अकादमी
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