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सुएज की एर्गोनॉमिक्स वर्कशॉप में सही पोस्चर और सुरक्षित कार्यशैली पर जोर

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। कार्यस्थल पर कर्मचारियों को सही पोस्चर और सुरक्षित कार्यशैली के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सुएज द्वारा एर्गोनॉमिक्स पर एक विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया गया। वर्कशॉप में नेटवर्क, सीवर सफाई, पंपिंग स्टेशन और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) में काम करने वाले कर्मचारियों को काम के दौरान शरीर की सही मुद्रा अपनाने के बारे में जानकारी दी गई।

वर्कशॉप को संबोधित करते हुए सुएज के हेल्थ एंड सेफ्टी मैनेजर पंकज सिंह ने बताया कि कार्य के दौरान गलत पोस्चर अपनाने से शरीर पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है और लंबे समय में कमर, गर्दन, कंधे तथा मांसपेशियों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए सुरक्षित कार्य केवल सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल तक सीमित नहीं है, बल्कि काम करने का सही तरीका और शरीर की सही मुद्रा भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि सीवर सफाई के दौरान सफाई मित्र जब मैनहोल का भारी कवर उठाते हैं, तो उसे गलत तरीके से उठाने पर कमर पर अत्यधिक दबाव पड़ सकता है। कवर उठाते समय शरीर की सही स्थिति, घुटनों का उचित इस्तेमाल और भार को सुरक्षित तरीके से संभालना बेहद जरूरी है।

इसी तरह पंपिंग स्टेशन और एसटीपी में भी उपकरणों की जांच, रखरखाव, सफाई या अन्य कार्य करते समय कर्मचारियों को अपनी शारीरिक मुद्रा का ध्यान रखना चाहिए। लंबे समय तक झुककर, गलत कोण पर या शरीर पर अनावश्यक दबाव डालकर काम करने से बचने की सलाह दी गई। वर्कशॉप के दौरान कर्मचारियों को कार्य की प्रकृति के अनुसार सही पोस्चर अपनाने, भार उठाने और रखने की सुरक्षित तकनीक तथा शरीर पर पड़ने वाले अनावश्यक दबाव को कम करने के व्यावहारिक तरीकों के बारे में भी जानकारी दी गई।

सुएज की ओर से कहा गया कि ‘सुरक्षित कार्य’ का अर्थ केवल दुर्घटनाओं से बचाव नहीं, बल्कि कर्मचारियों के दीर्घकालिक स्वास्थ्य और शारीरिक सुरक्षा का ध्यान रखना भी है। एर्गोनॉमिक्स को दैनिक कार्यशैली का हिस्सा बनाकर कर्मचारी अधिक सुरक्षित और स्वस्थ तरीके से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकते हैं।