ताइपेई/लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। उत्तर प्रदेश सरकार के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने ताइवान दौरे के दौरान वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों मीडियाटेक और एडीएटीए टेक्नोलॉजी के साथ रणनीतिक बैठकें कर राज्य को सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और उन्नत विनिर्माण निवेश के एक प्रमुख गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया।
आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मीडियाटेक के चेयरमैन मिंग-काई त्साई से मुलाकात की। बैठक में कंपनी के भारत में मौजूदा परिचालन, उत्तर प्रदेश में विस्तार और विविधीकरण की संभावनाओं पर चर्चा हुई। वार्ता में राज्य के तेजी से विकसित हो रहे इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम, विनिर्माण अवसंरचना और सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने में उत्तर प्रदेश की संभावित भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।

प्रतिनिधिमंडल ने एडीएटीए टेक्नोलॉजी के वरिष्ठ नेतृत्व से भी मुलाकात कर भारत में कंपनी की विस्तार योजनाओं को सहयोग देने के संभावित अवसरों पर चर्चा की। इन बैठकों में इन्वेस्ट यूपी की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रेरणा शर्मा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी मनीष मीणा भी शामिल रहे।
सेमिकॉन ताइवान में भागीदारी के साथ उत्तर प्रदेश ने वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के समक्ष सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स निवेश का अपना प्रस्ताव सीधे रखा तथा विनिर्माण विस्तार और आपूर्ति श्रृंखला के नए अवसरों पर बातचीत शुरू की।

भारत-ताइवान इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति श्रृंखला पर आयोजित एक पैनल चर्चा में आलोक कुमार ने अपस्ट्रीम वैल्यू चैन मैन्युफैक्चरिंग को आकर्षित करने, स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने और स्वदेशी बौद्धिक संपदा के विकास को प्रोत्साहित करने की उत्तर प्रदेश की रणनीति प्रस्तुत की। उन्होंने नोएडा-ग्रेटर नोएडा-यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर को राज्य की प्रौद्योगिकी और उन्नत विनिर्माण महत्वाकांक्षाओं के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में रेखांकित किया।
आलोक कुमार ने कहा, “उत्तर प्रदेश ऐसा इकोसिस्टम विकसित कर रहा है, जहां वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों को विनिर्माण, आपूर्ति श्रृंखला, प्रतिभा और नवाचार के क्षेत्र में दीर्घकालिक अवसर मिल सकें। हमारा उद्देश्य ऐसी परिस्थितियां तैयार करना है, जिनसे कंपनियां विश्वास के साथ विस्तार कर सकें और एक मजबूत प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम का हिस्सा बनें।”

यह पहल सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में नए निवेश, प्रौद्योगिकी क्षमताओं, मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं और युवाओं के लिए उच्च-मूल्य रोजगार के नए अवसर पैदा करने की उत्तर प्रदेश की रणनीति को गति दे सकती है। राज्य अपनी रणनीति को आईएसएम 2.0, ईसीएमएस और एमपीएमएस जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों के साथ उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2024 से जोड़ रहा है। इन्वेस्ट यूपी, यीडा तथा आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग औद्योगिक अवसंरचना, नीतिगत प्रोत्साहनों और सुगम स्वीकृति प्रक्रियाओं के माध्यम से निवेश को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
ताइवान में यह निवेश संपर्क अभियान उत्तर प्रदेश को औद्योगिक मूल्य श्रृंखला में और ऊपर ले जाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। वैश्विक साझेदारियों को निवेश, उन्नत प्रौद्योगिकी, कौशल और उच्च-मूल्य रोजगार से जोड़ते हुए राज्य भारत की तेज आर्थिक और औद्योगिक वृद्धि में अपनी भूमिका लगातार मजबूत कर रहा है।
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