लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। शिक्षक दिवस मनाने की तैयारी के बीच, भारती एंटरप्राइजेज की परोपकारी इकाई भारती एयरटेल फ़ाउंडेशन ने घोषणा की कि उसका आजीवन निःशुल्क डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म TheTeacherApp देशभर में करीब 3 लाख उपयोगकर्ताओं तक पहुंच चुका है। भारती एयरटेल फ़ाउंडेशन ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड की सरकारों के साथ साझेदारी की है। इसके तहत शिक्षकों के लिए राज्य-स्तरीय सतत व्यावसायिक विकास (सीपीडी) कार्यक्रमों को सहयोग दिया जा रहा है। फ़ाउंडेशन इसी तरह की साझेदारी के लिए अन्य राज्यों के साथ भी काम कर रहा है।
भारत में स्कूली शिक्षा को मजबूत करने और देशभर में शिक्षकों को सहयोग देने के अपने लंबे अनुभव के आधार पर भारती एयरटेल फ़ाउंडेशन ने TheTeacherApp की परिकल्पना राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप सतत व्यावसायिक विकास के लिए एक प्लेटफ़ॉर्म के रूप में की। नवंबर 2024 में शुरू किए गए इस ऐप में व्यावसायिक सीखने के संसाधन, कक्षा-केंद्रित उपकरण और सहयोगी समुदाय को एक साथ लाया गया है। यह शिक्षकों को कक्षा की बदलती जरूरतों के अनुरूप खुद को ढालने और भारतभर में लाखों विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने में सक्षम बनाता है।
आज यह ऐप सरकारी और संस्थागत साझेदारियों के बढ़ते नेटवर्क के माध्यम से 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में शिक्षक-विकास को बढ़ावा दे रहा है। शिक्षकों के सीधे सुझावों के आधार पर तैयार इस प्लेटफ़ॉर्म पर 4,000 से अधिक घंटे की सीखने की सामग्री और 45 से अधिक एआई-संचालित शिक्षण उपकरण उपलब्ध हैं। ये शिक्षकों को कक्षा में शिक्षण कार्य को मजबूत करने और बदलती जरूरतों के अनुरूप काम करने में मदद करते हैं।
नीति आयोग के सहयोग से फ़ाउंडेशन आकांक्षी जिलों में शिक्षक-विकास को मजबूत कर रहा है। इसमें आधारभूत साक्षरता, डिजिटल तत्परता और कक्षा प्रबंधन पर ध्यान दिया जा रहा है। राज्य स्तर पर TheTeacherApp जम्मू-कश्मीर में एससीईआरटी के नेतृत्व वाले सतत व्यावसायिक विकास कार्यक्रमों को सहयोग दे रहा है। उत्तर प्रदेश में शिक्षक व्यावसायिक विकास का विस्तार किया जा रहा है।
तेलंगाना में एआई-सक्षम व्यावसायिक सीखने को बढ़ावा दिया जा रहा है। राजस्थान में आरएससीईआरटी और डीआईईटी के साथ मिलकर एक्शन रिसर्च में क्षमता निर्माण किया जा रहा है। इसी तरह का काम उत्तराखंड और नागालैंड में भी चल रहा है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर के आर्मी गुडविल स्कूलों में शिक्षकों को सहयोग देने के लिए भारतीय सेना की उत्तरी कमान के साथ साझेदारी की गई है।
निरंतर सीखने के माध्यम से शिक्षकों को सशक्त बनाना
एनईपी 2020 में प्रत्येक शिक्षक के लिए 50 घंटे के सतत व्यावसायिक विकास के प्रावधान के अनुरूप, TheTeacherApp शिक्षकों को छोटे पाठ्यक्रमों, वेबिनारों और पॉडकास्टों के माध्यम से अपनी सुविधा के अनुसार इन घंटों को पूरा करने की सुविधा देता है। इसके लिए उन्हें कक्षा से दूर जाने की जरूरत नहीं होती। शिक्षक अपनी सीखने की राह भी खुद तय कर सकते हैं। वे अपनी रुचियों और जरूरतों के आधार पर सामग्री का चयन कर सकते हैं। इससे व्यावसायिक विकास अधिक व्यक्तिगत बनता है और रोजमर्रा के शिक्षण कार्य का हिस्सा बनता है।
TheTeacherApp पर संस्थानों का एक बढ़ता हुआ गठबंधन तैयार हो रहा है। इसमें प्रथम, खान अकादमी, कथा, लेटस्टेट, एजुकेशनल इनिशिएटिव्स (ईआई), सीके-12 फाउंडेशन, सिंपल एजुकेशन फाउंडेशन, पल्लवन, सर्वम एआई, गुड स्कूल अलायंस और सेंट्रल स्क्वेयर फाउंडेशन शामिल हैं। ये संस्थान शिक्षकों को सशक्त बनाने और सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बुनियाद मजबूत करने के साझा मिशन को आगे बढ़ाने के लिए एक साथ आ रहे हैं। यह एकीकरण इस बात को दर्शाता है कि प्लेटफ़ॉर्म उभरती तकनीक को शिक्षकों के रोजमर्रा के काम में उपयोगी और सुलभ बनाने पर ध्यान दे रहा है।
भारती एयरटेल फ़ाउंडेशन के सह-अध्यक्ष और भारती एंटरप्राइजेज के उपाध्यक्ष राकेश भारती मित्तल ने कहा, “भारत की विकास गाथा उसकी कक्षाओं में लिखी जाएगी और इस बदलाव के केंद्र में शिक्षक हैं। 25 वर्षों से अधिक समय तक शिक्षकों और स्कूलों के साथ मिलकर काम करने के हमारे अनुभव ने दिखाया है कि सार्थक शिक्षक-विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण सीखने, व्यावहारिक संसाधनों, तकनीक और मजबूत संस्थागत साझेदारियों तक पहुंच जरूरी है। TheTeacherApp इसी विश्वास पर आधारित है। यह सरकारों, शिक्षा संस्थानों और ज्ञान साझेदारों के साथ साझेदारी के माध्यम से सीखने, सहयोग और डिजिटल टूल्स को एक साथ लाता है। इस शिक्षक दिवस पर हम उन शिक्षकों का सम्मान करते हैं, जो केवल विद्यार्थियों को ही नहीं, बल्कि हमारे देश के भविष्य को भी आकार देते हैं। हम शिक्षकों को ज्ञान, संसाधनों और आत्मविश्वास से सशक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं, ताकि वे जिस भी कक्षा में कदम रखें, उसे बदल सकें।”
Telescope Today | टेलीस्कोप टुडे Latest News & Information Portal