डांस सिर्फ स्टेप्स नहीं, इमोशन की कहानी है : करिश्मा कपूर

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। ‘इंडियाज़ बेस्ट डांसर’ के मंच पर जज के रूप में करिश्मा कपूर ने डांस को लेकर अपने अनुभव और विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि डांस सिर्फ स्टेप्स नहीं, बल्कि इमोशन और कहानी कहने का माध्यम है। कंटेस्टेंट्स की परफॉर्मेंस उन्हें अपनी फिल्मी यात्रा की याद दिलाती है और उनका टैलेंट बेहद प्रेरणादायक है।

1. आप बॉलीवुड की कई आइकॉनिक डांस सॉन्ग्स का हिस्सा रही हैं। जब आप इस मंच पर कंटेस्टेंट्स को परफॉर्म करते हुए देखती हैं, तो क्या आपको अपनी फिल्मों की डांस जर्नी की याद आती है?

जवाब: बिल्कुल, यह कई खूबसूरत यादें ताज़ा कर देता है। डांस मेरी फिल्मों की यात्रा का अहम हिस्सा रहा है और यहाँ हर परफॉर्मेंस मुझे उन आइकॉनिक पलों की याद दिलाता है। कंटेस्टेंट्स को इतनी पैशन और डेडिकेशन के साथ परफॉर्म करते देखना एक तरफ़ नॉस्टैल्जिक लगता है और दूसरी तरफ़ बेहद इंस्पायरिंग।

2. इस सीज़न का थीम है ‘इंडिया वाला डांस’। बतौर जज, जब आप कंटेस्टेंट्स को अपनी इंडिविजुअलिटी एक्सप्रेस करते देखते हैं, तो यह आपके लिए क्या मायने रखता है?

जवाब: मेरे लिए ‘इंडिया वाला डांस’ का मतलब है इंडिविजुअलिटी और सेल्फ-एक्सप्रेशन। यह अपनी यूनिक स्टाइल को अपनाने, खुद पर कॉन्फिडेंट रहने और अलग दिखने से न डरने के बारे में है। जब कंटेस्टेंट्स सच में अपनी पहचान से जुड़ते हैं, तभी उनकी परफॉर्मेंस सच में यादगार बनती है।

3. फ़िल्मी बैकग्राउंड से आने के नाते जहाँ कहानी कहने में डांस ने हमेशा एक अहम भूमिका निभाई है, आपको क्या लगता है कि आप जजिंग पैनल में कौन-सा अनोखा दृष्टिकोण लेकर आते हैं? 

जवाब: फिल्मों से आने के कारण मैंने हमेशा डांस को एक पावरफुल स्टोरीटेलिंग टूल के रूप में देखा है। यह सिर्फ स्टेप्स के बारे में नहीं है, बल्कि इमोशन, एक्सप्रेशन और ऑडियंस से जुड़ने के बारे में है। मैं यही नज़रिया पैनल पर लाना चाहती हूँ ऐसी परफॉर्मेंस देखना जहाँ टेक्नीक और इमोशन सहजता से मिलकर एक गहरा असर पैदा करें।

4. इंडिया’ज़ बेस्ट डांसर देशभर के उभरते टैलेंट के लिए एक अहम प्लेटफॉर्म बन चुका है। आप युवा डांसर्स को क्या मैसेज देना चाहेंगी?

जवाब: मेरा मैसेज होगा कि हमेशा खुद के प्रति सच्चे रहो, सीखते रहो और अपनी जर्नी पर भरोसा रखो। चुनौतियाँ हमेशा रहेंगी, लेकिन लगातार मेहनत और अपने आर्ट पर विश्वास ही फर्क पैदा करता है। ऐसे प्लेटफॉर्म्स सिर्फ टैलेंट को दिखाते ही नहीं, बल्कि आपको एक मज़बूत और कॉन्फिडेंट आर्टिस्ट भी बनाते हैं।