AU स्मॉल फाइनेंस बैंक ने लॉन्च की ज़ीरो फॉरेक्स मार्जिन सेवा

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने अंतरराष्ट्रीय फंड ट्रांसफर में छिपे शुल्कों को खत्म करने के उद्देश्य से एक ग्राहक-केंद्रित फॉरेक्स पहल की शुरुआत की है। इस पेशकश के साथ, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक निजी क्षेत्र में इनवर्ड और आउटवर्ड, दोनों प्रकार की रेमिटेंस पर ज़ीरो फॉरेक्स मार्जिन और ज़ीरो बैंक चार्ज प्रदान करने वाला भारत का एकमात्र बैंक बन गया है।

इससे ग्राहक बिना किसी छिपे मार्क-अप के, वास्तविक और पारदर्शी विनिमय दरों पर भारत से और भारत में धन हस्तांतरित कर सकते हैं।

यह पहल लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत रेज़िडेंट इंडियंस द्वारा शिक्षा, पारिवारिक भरण-पोषण, निवेश और RBI द्वारा अनुमत अन्य उद्देश्यों के लिए विदेश भेजी जाने वाली आउटवर्ड रेमिटेंस को कवर करती है। साथ ही, AU NRE और NRO खातों के माध्यम से NRI ग्राहकों के लिए इनवर्ड और आउटवर्ड, दोनों रेमिटेंस भी शामिल हैं।

इस कदम से, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक पारदर्शी फॉरेक्स सेवाओं, अंतरराष्ट्रीय रेमिटेंस और ग्राहक-केंद्रित डिजिटल बैंकिंग समाधानों में अपनी स्थिति और मज़बूत करता है।

आउटवर्ड रेमिटेंस: ‘अदृश्य लागत’ का अंत

रेज़िडेंट इंडियंस और नॉन-रेज़िडेंट इंडियंस (NRI), चाहे वे विदेश में पढ़ रहे बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाने वाले माता-पिता हों, विदेश में रहने वाले परिवारजनों को सहायता देने वाले व्यक्ति हों, या निवेश व अन्य अनुमत उद्देश्यों के लिए पैसे भेजने वाले ग्राहक—आउटवर्ड रेमिटेंस में लंबे समय से एक अदृश्य लागत का सामना करते रहे हैं।

लेन-देन शुल्क, GST और टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) स्पष्ट होते हैं, लेकिन बैंक के एक्सचेंज रेट में अक्सर 2 पर्सेंट तक का अतिरिक्त फॉरेक्स मार्जिन छिपा रहता है।

एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की यह नई पहल इन छिपी हुई लागतों को समाप्त करती है और ज़ीरो फॉरेक्स मार्जिन तथा ज़ीरो बैंक शुल्क के साथ ग्राहकों को अधिकतम बचत में मदद करती है।

इस पहल का दूसरा स्तंभ प्रमुख विदेशी कॉरिडोर में रह रहे NRI ग्राहकों पर केंद्रित है, जो पारिवारिक सहायता, निवेश और दीर्घकालिक बचत के लिए नियमित रूप से भारत पैसा भेजते हैं। 

AU NRE और NRO खातों में जमा होने वाली राशि पर ज़ीरो AU ट्रांजैक्शन चार्ज, जिसमें मुद्रा रूपांतरण AU SFB की IBR रेफरेंस रेट पर किया जाएगा। कई NRI ग्राहकों को, विभिन्न बैंकों और प्लेटफॉर्म की दरों की तुलना के बावजूद, रेमिटेंस प्रक्रिया में कुछ मूल्य ह्रास का अनुभव होता है। AU SFB की यह पहल, AU खातों के बीच या उसके अधिकृत पार्टनर नेटवर्क के माध्यम से की गई रेमिटेंस में, विदेश में कमाया गया पैसा भारत में परिवार तक अधिक पारदर्शिता और न्यूनतम नुकसान के साथ पहुँचाने का प्रयास करती है—हालाँकि यह ट्रांसफर प्रक्रिया में शामिल तृतीय-पक्ष संस्थानों पर निर्भर करेगा।

लॉन्च पर टिप्पणी करते हुए, AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के डिप्टी CEO उत्तम तिबरेवाल ने कहा, “हमारे अनुभव में, फॉरेक्स लेन-देन में सबसे लगातार रहने वाली लागत हमेशा दिखाई देने वाली नहीं होती, बल्कि यह इस बात की अस्पष्टता होती है कि अंततः ग्राहक को वास्तव में कितना प्राप्त होगा। AU में, हम मानते हैं कि बैंकिंग को जीवन सरल बनाना चाहिए, न कि ग्राहकों को परिणामों को लेकर अंदाज़े लगाने पर मजबूर करना चाहिए।

चाहे वह विदेश में पढ़ रहे बच्चे की सहायता करने वाले माता-पिता हों या देश से मीलों दूर काम कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले NRI—हर रेमिटेंस के पीछे मेहनत, उद्देश्य और भावना होती है। ज़ीरो फॉरेक्स मार्जिन और ज़ीरो बैंक शुल्क के ज़रिए हमारा प्रयास इस प्रक्रिया को अधिक न्यायसंगत और सरल बनाना है, ताकि ग्राहक द्वारा भेजी या कमाई गई राशि बैंकिंग प्रणाली में अधिकतम सीमा तक सुरक्षित रह सके। यह पहल पारदर्शी, ग्राहक-प्रथम बैंक बनाने की हमारी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”