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बाल निकुंज : यूपी बोर्ड में संघर्ष और मेहनत की जीत, लखनऊ मेरिट में दबदबा कायम

लखनऊ (शम्भू शरण वर्मा/टेलीस्कोप टुडे)। गुरुवार को घोषित हुए यूपी बोर्ड के हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा परिणामों में बाल निकुंज स्कूल्स एंड कॉलेजेज के छात्रों ने एक बार फिर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सफलता का परचम लहराया। विद्यालय की सभी शाखाओं में शत-प्रतिशत परिणाम रहा, वहीं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने लखनऊ की मेरिट सूची में स्थान हासिल कर संस्था का गौरव बढ़ाया। मेधावियों ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग को दिया।

इंटरमीडिएट वर्ग में मोहिबुल्लापुर गर्ल्स विंग की आकांक्षा सिंह ने 89.8 प्रतिशत अंकों के साथ लखनऊ में आठवीं रैंक प्राप्त की। वहीं इसी शाखा की अंशिका और बेलीगारद शाखा की विभा पाल ने 89.6 प्रतिशत अंकों के साथ संयुक्त रूप से नौवीं रैंक हासिल कर विद्यालय का नाम रोशन किया।

हाईस्कूल वर्ग में भी बाल निकुंज के विद्यार्थियों का दबदबा देखने को मिला। लखनऊ की टॉप-टेन मेरिट सूची में शामिल 18 विद्यार्थियों में से 7 छात्र-छात्राएं बाल निकुंज से रहे। मोहिबुल्लापुर गर्ल्स विंग की दिव्या पाल ने 95.5 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरी रैंक हासिल की। वंशिका शर्मा (93.83%) नौवीं और वर्तिका श्रीवास्तव (93.67%) दसवीं रैंक पर रहीं। मोहिबुल्लापुर ब्वॉयज विंग के यश वर्मा ने 94.83 प्रतिशत के साथ छठी, दिव्यांश तिवारी ने 94.33 प्रतिशत के साथ सातवीं, बेलीगारद शाखा की जानवी वर्मा ने 93.83 प्रतिशत के साथ नौवीं और बाल निकुंज इंग्लिश स्कूल पल्टन छावनी शाखा के शिवम श्रीवास्तव ने 93.67 प्रतिशत अंकों के साथ दसवीं रैंक प्राप्त की।

परीक्षा परिणाम घोषित होते ही विद्यालय परिसर में जश्न का माहौल बन गया। मेधावी छात्र-छात्राएं ढोल-नगाड़ों की धुन पर झूमते नजर आए। विद्यालय के प्रबंध निदेशक एच.एन. जायसवाल एवं शिक्षकों ने मेधावियों को मिठाई खिलाकर और माल्यार्पण कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने इसे छात्रों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों के समर्पण और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम बताया।

बड़े सपनों के साथ आगे बढ़ रहे मेधावी

बाल निकुंज के मेधावियों ने न केवल उत्कृष्ट परिणाम दिए, बल्कि अपने सपनों और संघर्षों से यह साबित कर दिया कि लगन और मेहनत से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। मेरिट सूची में स्थान बनाने वाले छात्र-छात्राएं भविष्य में आईएएस, इंजीनियर, प्रोफेसर और चिकित्सक बनकर देश सेवा का संकल्प लिए हुए हैं। उनका कहना है कि नियमित पढ़ाई, शिक्षकों के नोट्स पर भरोसा और सोशल मीडिया से दूरी सफलता की कुंजी है।

12वीं में 89.8 प्रतिशत अंकों के साथ लखनऊ में आठवीं रैंक हासिल करने वाली आकांक्षा सिंह की तमन्ना IAS अधिकारी बनकर देश की सेवा करने की है। आकांक्षा के पिता दिवाकर सिंह ठेकेदार और मां ममता सिंह गृहिणी हैं। 

12वीं में 89.6 प्रतिशत अंकों के साथ लखनऊ में नौवीं रैंक हासिल करने वाली अंशिका भी IAS अधिकारी बनकर देश की सेवा में अपना योगदान देने के साथ ही अपने माता पिता का सपना पूरा करना चाहती हैं। बचपन से ही अंशिका के दोनों हाथों में दिव्यांगता है और कई बार सर्जरी भी हो चुकी है। बावजूद उसके हौसले बुलंद हैं और उसने कभी भी हिम्मत नहीं हारी। अंशिका के पिता उपेंद्र कुमार व्यापारी हैं और मां पिंकी देवी गृहिणी हैं। 

12वीं में 89.6 प्रतिशत अंकों के साथ लखनऊ में नौवीं रैंक हासिल करने वाली विभा पाल चिकित्सक बनकर उन लोगों को बेहतर इलाज मुहैया कराना चाहती है जो आर्थिक अभाव में इससे वंचित रह जाते हैं। विभा के पिता राम चंदर पाल व्यापारी हैं और मां शरबती पाल का कुछ वर्ष पूर्व निधन हो चुका हैं। वर्ष 2024 में यूपी बोर्ड की दसवीं परीक्षा में भी विभा पाल ने 96.6% अंकों के साथ लखनऊ मेरिट में चौथा स्थान हासिल किया था।

10वीं में 95.5 प्रतिशत अंकों के साथ लखनऊ में तीसरी रैंक हासिल करने वाली दिव्या पाल चार्टर एकाउंटेंट बनना चाहती है। दिव्या के पिता ओम प्रकाश पाल प्राइवेट नौकरी करते हैं और मां पिंकी पाल गृहणी हैं।

10वीं में 94.8 प्रतिशत अंकों के साथ लखनऊ में छठी रैंक हासिल करने वाले यश वर्मा IIT करना चाहते है। यश के पिता विमलकांत वर्मा प्राइवेट नौकरी करते हैं और मां रीता वर्मा गृहणी हैं।

10वीं में 93.83 प्रतिशत अंकों के साथ लखनऊ में नौवीं रैंक हासिल करने वाली जानवी वर्मा इंजीनियर बनना चाहती है। जानवी के पिता सुनील कुमार वर्मा ऑटो मैकेनिक हैं और मां नेहा वर्मा गृहणी हैं। जानवी का मानना है कि दूसरों से सीख लेकर बेहतर कार्य करना चाहिए।

10वीं में 93.83 प्रतिशत अंकों के साथ लखनऊ में नौवीं रैंक हासिल करने वाली वंशिका शर्मा की तमन्ना इतिहास की प्रोफेसर बनने की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित वंशिका विकसित भारत अभियान में भी अपना योगदान देना चाहती है। वंशिका के पिता मनोज कुमार स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं और मां लक्ष्मी शर्मा गृहणी हैं।

10वीं में 93.67 प्रतिशत अंकों के साथ लखनऊ में दसवीं रैंक हासिल करने वाले शिवम श्रीवास्तव AI इंजीनियर बनना चाहते हैं। शिवम के पिता राजकुमार श्रीवास्तव ठेकेदारी करते थे लेकिन बीमारी के चलते अभी कुछ कार्य नहीं कर रहे हैं और मां गृहणी हैं। शिवम के मुताबिक कई बार आर्थिक दिक्कत भी आई लेकिन परिवार ने उसकी पढ़ाई पर कोई आंच नहीं आने दी। वहीं विद्यालय का भी सहयोग मिला और पारिवारिक स्थिति को देखते हुए मासिक फीस में कुछ छूट दी गई। हालांकि शिवम 93.67 प्रतिशत से संतुष्ट नहीं हैं और कॉपियों के पुनः मूल्यांकन के लिए आवेदन करेंगे।