लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। भक्त कवि सूरदास जयंती पर उन्हें उनके भक्ति पदों की सांस्कृतिक प्रस्तुति संग याद किया गया। मंगलवार को डालीगंज स्थित लल्लूमल घाट पर आयोजित लोक संस्कृति शोध संस्थान की लोक चौपाल में वक्ताओं ने सूरदास के जीवन और रचनाकर्म पर प्रकाश डालते हुए उन्हें लोक मन का अद्भुत चितेरा बताया। अध्यक्षता चौपाल चौधरी विमल पन्त ने की।
शुभारंभ चौपाल प्रभारी अर्चना गुप्ता ने देव आवाहन से किया। संस्थान के अध्यक्ष जीतेश श्रीवास्तव ने सूरदास की भक्ति भावना पर प्रकाश डाला। निवेदिता भट्टाचार्य के निर्देशन में सौम्या गोयल, प्रवीन गौर, मीहिका गांगुली, सुमन मिश्रा, अविका गांगुली, अथर्व श्रीवास्तव, आद्रिका मिश्रा, कर्णिका सिंह, आस्था पाण्डेय, आश्वी सिंह, सुनीता वीर, विनीता मिश्रा ने समवेत रुप से हरि हरि हरि सुमिरन करो तथा प्रभु जी मेरो अवगुन चित्त न धरो की प्रस्तुति दी। वहीं भूमि पाण्डेय और परी सिंह ने राधा राधा गीत पर मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति दी।

वरिष्ठ लोक गायिका नीरा मिश्रा ने यशोदा हरि पालने झुलावें, बबिता साहू ने बसो मेरे नैनन में नंदलाल, रीता पांडेय ने अंखिया हरि दर्शन की प्यासी, अलका चतुर्वेदी ने प्रभु जी तुम चंदन हम पानी, अरुणा उपाध्याय ने मेरा गोपाल गिरधारी, शशि कुकरेजा ने माने ना अरजिया रे कन्हाई देवेश्वरी पंवार, नीरू वर्मा, संगम मौर्या, मधु तिवारी, सुनीता वीर, इनरव्हील क्लब की अध्यक्ष शिखा राज, सत्यप्रकाश साहू, वरिष्ठ कलाकार राजेन्द्र विश्वकर्मा हरिहर, ज्योति किरन रतन आदि ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
संस्थान की सचिव डॉ. सुधा द्विवेदी ने सभी के प्रति आभार जताया। इस अवसर पर कृष्णा सिंह, अनुराग साहू, शिखा गांगुली, अम्बरीश सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, डा. एस.के.गोपाल सहित अन्य उपस्थित रहे।
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