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सूचना आयोग का बड़ा फैसला : विद्युत विभाग के अधिकारी पर ₹25,000 का अर्थदंड

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI Act, 2005) के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य सूचना आयुक्त वीरेन्द्र प्रताप सिंह ने विद्युत नगरीय वितरण खंड-प्रथम, मेरठ के अधिशासी अभियंता महेश कुमार पर ₹25,000 का अर्थदंड अधिरोपित किया है। साथ ही उक्त राशि की वसूली के आदेश जिलाधिकारी मेरठ को जारी किए गए हैं। यह मामला डॉ. मार्गरेट नारायण द्वारा दायर अपील से संबंधित है, जिसमें उनके आवास पर अवैध रूप से विद्युत कनेक्शन एवं मीटर लगाए जाने तथा सूचना देने में विभागीय लापरवाही का आरोप था। 

प्रकरण में यह सामने आया कि संबंधित अधिकारी द्वारा बार-बार नोटिस जारी होने के बावजूद न तो आयोग के समक्ष उपस्थित हुए और न ही संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत किया गया। इसे सूचना का अधिकार अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन मानते हुए आयोग ने कड़ी कार्रवाई की। 

आयोग ने अपने आदेश में यह भी निर्देश दिया है कि संबंधित अधिकारी सुनिश्चित करें कि मांगी गई सूचना 15 दिनों के भीतर पूर्ण एवं सत्यापित रूप में उपलब्ध कराई जाए, अन्यथा अधिनियम की धारा 20(2) के तहत विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है। (विवरण पृष्ठ 3-4 में अंकित आदेश अनुसार) 

इस प्रकरण में यह भी उजागर हुआ कि घर में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा अवैध रूप से मीटर हटाकर नया कनेक्शन अपने नाम से प्राप्त कर लिया गया था, जो सुरक्षा और निगरानी के दृष्टिकोण से गंभीर चिंता का विषय है। 

डॉ. मार्गरेट नारायण ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मीडिया को संबोधित करते हुए सूचना आयुक्त के निर्णय का स्वागत किया और इसे RTI कानून की मजबूती का प्रतीक बताया। उन्होंने आयोग एवं संबंधित अधिकारियों के प्रति आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल पारदर्शिता और जवाबदेही को सुदृढ़ करता है, बल्कि सरकारी तंत्र में उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।