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पुस्तकों के विमोचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों संग 68 मेधावी छात्राएं सम्मानित

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। नेताजी सुभाष चंद्र बोस राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय अलीगंज में बुधवार को वार्षिकोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह भव्य और रंगारंग कार्यक्रमों संग मनाया गया। समारोह में वर्ष भर विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 68 मेधावी छात्राओं को बतौर मुख्य अतिथि मौजूद उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. बी.एल. शर्मा एवं कार्यक्रम अध्यक्ष राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता सिंह चौहान द्वारा मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

समारोह में विभिन्न संकायों की टॉपर छात्राओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कला संकाय में आस्था शुक्ला, विज्ञान संकाय में नैन्सी त्रिपाठी एवं कश्मीरा तथा वाणिज्य संकाय में शेजल को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। परास्नातक स्तर पर इतिहास, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, गृहविज्ञान और जंतु विज्ञान विषयों में क्रमशः आकृति, रत्नम कृष्णा यादव, खुशी श्रीवास्तव, आकांक्षा सिंह और सरिता यादव ने मेडल हासिल किए। इसके अलावा बेस्ट कैडेट, बेस्ट स्वयंसेवी, बेस्ट रेंजर, सर्वश्रेष्ठ परिषद की छात्रा तथा खो-खो एवं रस्साकसी में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग करने वाली छात्राओं को भी पुरस्कृत किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती वंदना एवं महाविद्यालय के कुलगीत के साथ हुई। प्राचार्य प्रो. रश्मि बिश्नोई ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है और छात्राएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। इस अवसर पर डॉ. भास्कर शर्मा ने मुख्य अतिथि का पारंपरिक पगड़ी पहनाकर स्वागत किया और बेटियों पर आधारित अपनी कविता का पाठ भी किया।

समारोह के दौरान समाजशास्त्र विभाग की प्रो. विनीता लाल की पुस्तक “Sociology of Gender: Concepts and Theories” तथा अंग्रेजी विभाग की प्रो. शालिनी श्रीवास्तव की पुस्तक “A Handbook of Indian English Literature” का विमोचन किया गया। इसके साथ ही महाविद्यालय के न्यूज़लेटर “वार्षिक स्मृति पत्रक” और अर्थशास्त्र विभाग की पुस्तक “इको पल्स” का भी लोकार्पण किया गया, जिसे प्रो. पूनम वर्मा एवं डॉ. कुणाल दीक्षित ने संयुक्त रूप से तैयार किया है।

मुख्य अतिथि प्रो. बी.एल. शर्मा ने छात्राओं की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान की गुणवत्ता और शिक्षकों के परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने महाविद्यालय के विकास के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने अपने औचक निरीक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि राजकीय महाविद्यालय लतीफनगर में शिक्षकों और कर्मचारियों की अनुपस्थिति चिंताजनक है तथा शिक्षकों को अनुशासन और समय की पाबंदी का पालन करना चाहिए।

मोबाइल की लत से बचें, किताबों से बढ़ाएं जुड़ाव : बबिता सिंह चौहान 

कार्यक्रम अध्यक्ष बबिता सिंह चौहान ने छात्राओं से आह्वान किया कि जीवन में सफलता केवल किस्मत पर निर्भर नहीं करती, बल्कि निरंतर प्रयास, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास से ही मंजिल हासिल होती है। उन्होंने कहा कि “मंजिल मिले या न मिले, यह मुकद्दर की बात हो सकती है, लेकिन प्रयास न करना पूरी तरह गलत है। अगर हमें आगे बढ़ना है, तो खुद पहल करनी होगी।”

उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि हर व्यक्ति के अंदर प्रतिभा होती है, जरूरत उसे पहचानने और सही दिशा देने की है। कुछ लोगों को प्लेटफॉर्म मिल जाता है और वे आगे बढ़ जाते हैं, जबकि कई लोग अवसर के अभाव में पीछे रह जाते हैं। आप सभी सौभाग्यशाली हैं कि आपको अच्छे वातावरण और संसाधनों वाले विद्यालय में पढ़ने का अवसर मिला है। 

उन्होंने माता-पिता की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बच्चों की सफलता में अभिभावकों का विश्वास और सहयोग बड़ी भूमिका निभाता है। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने सपनों को स्पष्ट रखें और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहें।

मोबाइल के अत्यधिक उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए बबिता सिंह ने कहा कि यह समय और ऊर्जा की सबसे बड़ी खपत बनता जा रहा है। मोबाइल का उपयोग उतना ही करें, जितना आवश्यक हो। तकनीक का सही इस्तेमाल हमें आगे बढ़ाता है, लेकिन गलत उपयोग नुकसानदायक हो सकता है। उन्होंने छात्राओं को सलाह दी कि वे किताबों से जुड़ाव बढ़ाएं और अपने समय का सही प्रबंधन करें।

परिवार में बढ़ती ‘स्पेस’ की प्रवृत्ति पर भी उन्होंने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज के समय में परिवार के सदस्य एक-दूसरे से दूर होते जा रहे हैं, जो सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों के लिए ठीक नहीं है। जीवन का वास्तविक अर्थ परिवार के साथ जुड़ाव में है, न कि अलगाव में। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने छात्राओं को निर्भीक होकर अपनी बात रखने की सलाह देते हुए कहा, “अब चुप रहने का नहीं, संवाद का समय है। खुलकर अपनी बात रखें, बिना डर के अपनी समस्याएं साझा करें। इससे आप आत्मनिर्भर बनेंगी और जीवन में आगे बढ़ेंगी।”

कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स ने लेफ्टिनेंट प्रतिमा शर्मा के नेतृत्व में मार्च पास्ट कर अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. शालिनी श्रीवास्तव ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो. शिवानी श्रीवास्तव ने दिया।

इस अवसर पर खुन खुन जी गर्ल्स डिग्री कॉलेज की प्राचार्या प्रो. अंशु केडिया, पं. दीन दयाल उपाध्याय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजाजीपुरम की प्रोफेसर रीता अग्निहोत्री, राजकीय डिग्री कॉलेज सीतापुर की प्राचार्या प्रो. शालिनी सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर अनुभूति जैन, नगर निगम डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डा. सुभाष चंद्र पाण्डेय, राजकीय महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डा. गौरी शंकर गुप्ता सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक, जनप्रतिनिधि, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।