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ज्योतिर्मय यादव की एआई निर्मित फिल्म “शबरी” अंतरराष्ट्रीय मंच पर चयनित

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। वरिष्ठ छायाकार और  एआई तकनीकी से फिल्म निर्माण के क्षेत्र में काम कर रहे ज्योतिर्मय यादव द्वारा पूर्णतः एआई पावर्ड तकनीक से निर्मित संगीतमय एवं भक्तिपूर्ण फिल्म “शबरी” का चयन प्रतिष्ठित Lucknow International Film Festival 2026 के लिए किया गया है। यह चयन न केवल लखनऊ के लिए गर्व का विषय है, बल्कि भारतीय सिनेमा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित फिल्म निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी माना जा रहा है।

फिल्म “शबरी” भारतीय संस्कृति, भक्ति, समर्पण और आध्यात्मिक मूल्यों पर आधारित एक संगीतमय प्रस्तुति है। इसमें भगवान राम के प्रति शबरी की अटूट श्रद्धा, प्रतीक्षा, प्रेम और समर्पण को अत्यंत भावनात्मक और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। फिल्म भारतीय संस्कृति की उस परंपरा को दर्शाती है, जिसमें सच्ची भक्ति, धैर्य और विश्वास को सर्वोच्च स्थान दिया गया है।

इस फिल्म की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे पूर्णतः एआई तकनीक की सहायता से तैयार किया गया है। फिल्म के पटकथा लेखन, दृश्य निर्माण, डिजिटल कैरेक्टर डिजाइन, सिनेमाई फ्रेम, बैकग्राउंड विजुअल्स, ध्वनि प्रभाव, संगीत संयोजन और कई अन्य रचनात्मक प्रक्रियाओं में आधुनिक एआई टूल्स का उपयोग किया गया है। इस दृष्टि से “शबरी” भारतीय फिल्म उद्योग में तकनीक और परंपरा के अनूठे संगम का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आई है।

ज्योतिर्मय यादव ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक के आने से रचनात्मक लोगों को अपनी कल्पनाओं और प्रतिभा को लोगों के सामने लाने का एक नया अवसर मिला है। उनका कहना है कि यदि एआई तकनीक उपलब्ध न होती, तो उनके लिए 16 मिनट की फिल्म “शबरी” बनाने के बारे में सोचना भी लगभग असंभव था, क्योंकि इतनी अवधि की फिल्म के निर्माण में लगभग 35 से 40 लाख रुपये तक का बजट लग सकता था, जो उनके लिए संभव नहीं था।

उन्होंने कहा कि “शबरी” के माध्यम से उन्होंने भक्ति, समर्पण और आध्यात्मिक भावनाओं को संगीत के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। उन्होंने एआई के माध्यम से निर्देशन को एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया और पूरी फिल्म के निर्माण के दौरान यह महसूस किया कि एआई आधारित फिल्म निर्माण में सबसे कठिन कार्य सही प्रॉम्प्ट देना होता है। किसी भी दृश्य में कहानी के अनुरूप पात्रों की भावनाएं, उनके चेहरे के भाव, वातावरण और दृश्य की आत्मा को सही रूप में तैयार कराना सबसे बड़ी चुनौती होती है।

उन्होंने कहा कि एआई केवल तकनीकी सुविधा नहीं है, बल्कि यह उन रचनात्मक लोगों के लिए एक सशक्त माध्यम है, जिनके पास बड़े बजट नहीं हैं, लेकिन उनके पास कहानियां, विचार और उन्हें प्रस्तुत करने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में वे और बेहतर तरीके से एआई के माध्यम से नई फिल्मों का निर्माण करने का प्रयास करेंगे तथा भारतीय संस्कृति, भक्ति और सामाजिक विषयों को नए रूप में प्रस्तुत करेंगे।

Lucknow International Film Festival 2026 का आयोजन 15 अप्रैल को सुबह 9:00 बजे से रात 10:00 बजे तक तथा 16 अप्रैल को सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक किया जाएगा। इसके पश्चात भव्य LIFF अवॉर्ड शो का आयोजन होगा, जिसमें देश-विदेश की उत्कृष्ट फिल्मों, कलाकारों, निर्देशकों और तकनीकी विशेषज्ञों को सम्मानित किया जाएगा।

यह प्रतिष्ठित फिल्म समारोह Sahara Ganj Mall स्थित PVR Cinemas में आयोजित किया जाएगा। यहां भारत सहित दुनिया के विभिन्न देशों की चयनित फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे दर्शकों को विविध संस्कृतियों, भाषाओं, विचारों और कहानियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

फिल्म “शबरी” का चयन इस बात का संकेत है कि लखनऊ अब केवल पारंपरिक कला और संस्कृति का केंद्र नहीं, बल्कि एआई आधारित रचनात्मक प्रयोगों, डिजिटल कंटेंट निर्माण और आधुनिक फिल्म निर्माण का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है। यह उपलब्धि युवा फिल्मकारों, तकनीकी विशेषज्ञों और रचनात्मक प्रतिभाओं को नई दिशा देने का कार्य करेगी।