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किसान समृद्ध होंगे तो देश भी खुशहाल होगा, इसके लिए उनकी आय बढ़ना जरूरी : शिवराज सिंह

रायसेन : केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान (अन्नदाता) जीवन दाता हैं। किसानों की पूजा ही भगवान की पूजा है। किसान खुशहाल-समृद्ध होंगे तो देश भी खुशहाल होगा। इसके लिए किसानों की आय बढ़ना जरूरी है। किसानों को आमदनी बढ़ाने के लिए खेती में विधिता लानी होगी, अलग-अलग पद्धतियों का उपयोग करना होगा।केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान शनिवार को मध्य प्रदेश के रायसेन में आयोजित होने वाले ‘उन्नत कृषि मेला‘ की तैयारियों का जायजा लेने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गेहूं-धान का उत्पादन अधिक हो रहा है। दलहन-तिलहन पर ध्यान देने की आवश्यकता है। फल, सब्जियां, औद्याधियों फसल की खेती को अपनाना होगा। उत्पादन अच्छा होगा तो किसानों के साथ-साथ व्यापारियों को भी लाभ होगा।रायसेन जिला मुख्यालय स्थित दशहरा मैदान में केन्द्र और प्रदेश सरकार के कृषि विभाग द्वारा संयुक्त रूप से 11 से 13 अप्रैल 2026 तक राष्ट्रीय स्तर के तीन दिवसीय उन्नत कृषि महोत्सव (प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण) का आयोजन किया जा रहा है। प्रदर्शनी का शुभारंभ 10 अप्रैल को शाम 05 बजे होगा। केन्द्रीय मंत्री चौहान ने शनिवार को रायसेन स्थित दशहरा मैदान पहुंचकर कार्यक्रम की तैयारियों का निरीक्षण और समीक्षा करते हुए अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।इस अवसर पर सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंत मीणा, विदिशा विधायक मुकेश टंडन, पूर्व कैबीनेट मंत्री रामपाल सिंह, केन्द्रीय कृषि विभाग के निदेशक (किसान कल्याण एवं विस्तार) अविनाश लावनिया, कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा, एसपी आशुतोष गुप्ता, जिला पंचायत सीईओ कमल सोलंकी, राकेश शर्मा एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे कृषि मेले का शुभारंभकेन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान ने बताया कि इस तीन दिवसीय उन्नत कृषि मेले का शुभारंभ 11 अप्रैल को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया जाएगा। उन्होंने इस आयोजन की रूपरेखा पर चर्चा करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीकों, उन्नत बीजों, नई कृषि पद्धतियों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देना है। इसके सफल और प्रभावी आयोजन हेतु जरूरी है कि इसमें अधिक से अधिक किसानों की सहभागिता हो, इसके लिए इस आयोजन का विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इस आयोजन में लगभग 50 हजार से अधिक किसान, 300 से अधिक प्रदर्शक, 100 से ज्यादा गतिविधियां और 50 से अधिक विशेषज्ञ वक्ता भाग लेंगे।आधुनिक तकनीक और नवाचार पर रहेगा फोकसकेन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि इस तीन दिवसीय उन्नत कृषि मेले में आधुनिक तकनीक का उपयोग और नवाचार कर कृषि आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान रहेगा। इस कृषि मेले में किसानों को ड्रोन तकनीक, डिजिटल एग्रीकल्चर, प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, फसल विविधीकरण, पराली प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य और बागवानी जैसी आधुनिक पद्धतियों की जानकारी, कम पानी में अधिक उत्पादन, एआई से समस्याओं का समाधान आदि के बारे में बताया जाएगा। साथ ही कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिससे किसान नई तकनीकों को करीब से देख और समझ सकेंगे।तीन दिनों तक होंगे सेमिनार और प्रशिक्षणउन्होंने बताया कि तीन दिवसीय कृषि मेले के दौरान कार्यक्रम स्थल पर अलग-अलग हॉल में विशेषज्ञों द्वारा सेमिनार और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इसमें पहले दिन 11 अप्रैल को फसल कटाई के बाद प्रबंधन, डिजिटल कृषि, मधुमक्खी पालन, प्राकृतिक खेती और पराली प्रबंधन जैसे विषयों पर चर्चा होगी। दूसरे दिवस 12 अप्रैल को मृदा स्वास्थ्य, एकीकृत कृषि प्रणाली, बागवानी, फसल बीमा और कीटनाशक प्रबंधन पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा दूसरे दिन जिले का कृषि का रोड मैप भी जारी होगा। कृषि मेले के तीसरे दिवस 13 अप्रैल को बीज उत्पादन, मत्स्य पालन, पशुपालन, कृषि ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।किसानों के लिए सीखने का बड़ा अवसरकेन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि इस कृषि मेले में देश-प्रदेश के कृषि विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और अधिकारी किसानों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान बताएंगे। साथ ही विभिन्न योजनाओं और नई तकनीकों के बारे में जागरूक किया जाएगा। यह आयोजन किसानों के लिए खेती में नई संभावनाएं तलाशने, उत्पादन बढ़ाने और आय में वृद्धि करने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा।प्रचार वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर किया रवानाकेन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान ने रायसेन स्थित दशहरा मैदान में तीन दिवसीय उन्नत कृषि मेला आयोजन की तैयारियों के निरीक्षण के पहले इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु 15 से अधिक प्रचार वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। यह वाहन जिले में विभिन्न क्षेत्रों में जाकर उन्नत कृषि मेला प्रदर्शनी सह प्रशिक्षण आयोजन के बारे में किसानों को जानकारी देंगे।