लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। राजधानी लखनऊ के निरालानगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर के माधव सभागार में ‘मृगनयनी मध्य प्रदेश प्रदर्शनी-2026’ हस्तशिल्प एवं हथकरघा मेले का भव्य शुभारंभ 26 मार्च को सायं 5:30 बजे होगा। प्रभारी अरविंद शर्मा ने बताया कि प्रदर्शनी का भव्य शुभारम्भ मुख्य अतिथि ऋतु सुहास (आईएएस, निदेशक, स्थानीय निकाय) करेंगी। इस अवसर पर कला एवं संस्कृति से जुड़े गणमान्य लोग भी उपस्थित रहेंगे।

राज्य स्तरीय इस प्रदर्शनी का आयोजन संत रविदास मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम, भोपाल द्वारा मध्य प्रदेश शासन के प्रायोजन में किया जा रहा है।
यह प्रदर्शनी 25 मार्च से 3 अप्रैल तक आयोजित होगी, जिसमें लगभग 35 से 40 बुनकर और शिल्पी अपनी स्वनिर्मित कलाकृतियों का प्रदर्शन एवं विपणन करेंगे। प्रदर्शनी का उद्देश्य लखनऊवासियों को उच्च गुणवत्ता वाले हस्तशिल्प उत्पाद उपलब्ध कराना तथा बुनकरों को व्यापार और रोजगार का मंच प्रदान करना है।
पारंपरिक शिल्प की अनोखी झलक
मेला परिसर में मध्य प्रदेश की पारंपरिक कला और शिल्प का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। इसमें 1930 के दशक की रेशम, किनार, चंदेरी, मलमल और कॉटन साड़ियां आकर्षण का केंद्र होंगी। देवी अहिल्याबाई होल्कर की नगरी महेश्वर की प्रसिद्ध महेश्वरी साड़ियां भी प्रदर्शित की जाएंगी।

इसके अलावा बाग प्रिंट की विशेष साड़ियां (जिन्हें 12 प्रकार की जड़ी-बूटियों से तैयार किया जाता है) दर्शकों को लुभाएंगी। पंचधातु एवं बेल मेटल की मूर्तियां, शिफॉन, मलबरी, क्रेप और कोसा सिल्क की साड़ियां, इंडिगो प्रिंट, हथकरघा की चादरें, जरी-जरदोजी, लकड़ी के खिलौने तथा ‘एक जिला एक उत्पाद’ के अंतर्गत चंदेरी वस्त्र भी प्रदर्शनी में उपलब्ध रहेंगे।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी रहेगी धूम
प्रदर्शनी अवधि के दौरान बुनकर चौपाल, कार्यशालाएं, जरी-जरदोजी पर व्याख्यान, शहनाई वादन और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।प्रभारी अरविंद शर्मा ने बताया कि यह प्रदर्शनी न केवल कला प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र होगी, बल्कि स्थानीय लोगों को पारंपरिक हस्तशिल्प से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी प्रदान करेगी।
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