लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने अपने प्रमुख स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस’ के तहत उत्तर प्रदेश में 1,000 छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कोडिंग एवं प्रोग्रामिंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) में प्रमाणित किया। यह कार्यक्रम ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में आयोजित हुआ, जिसमें उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय की विशेष उपस्थिति रही।
इस उपलब्धि के साथ राज्य में सैमसंग इनोवेशन कैंपस के तहत प्रमाणित छात्रों की कुल संख्या 4,900 तक पहुंच गई है, जिससे उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख स्किल ट्रेनिंग केंद्रों में शामिल हो गया है। इस बैच में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, गवर्नमेंट गर्ल्स पॉलिटेक्निक और डॉ. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर दिव्यांगजन के छात्र शामिल रहे। इनमें 600 छात्रों को AI, 300 को कोडिंग एवं प्रोग्रामिंग और 100 को IoT में प्रशिक्षण दिया गया।

सैमसंग इनोवेशन कैंपस की शुरुआत भारत में वर्ष 2022 में हुई थी। यह कार्यक्रम तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल्स और प्लेसमेंट सपोर्ट भी प्रदान करता है, जिससे छात्र उद्योग की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार हो सकें।
सैमसंग साउथवेस्ट एशिया के सीएसआर एवं कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस प्रमुख शुभम मुखर्जी ने कहा कि यह पहल युवाओं को वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में भागीदारी के लिए तैयार कर रही है। वहीं मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि यह साझेदारी छात्रों को रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
देशभर में इस कार्यक्रम में लगभग 45 प्रतिशत महिला भागीदारी दर्ज की गई है। सैमसंग का लक्ष्य देशभर में 20,000 युवाओं को प्रशिक्षित करना है, जिससे भारत के डिजिटल स्किलिंग इकोसिस्टम को और मजबूत किया जा सके।
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