पुरुलिया : महाराष्ट्र के पुणे में पश्चिम बंगाल के एक प्रवासी श्रमिक की हत्या का मामला सामने आने के बाद पुरुलिया जिले में शोक और आक्रोश का माहौल है। मृतक की पहचान सुखेन महतो (31) के रूप में हुई है। वह पुरुलिया जिले के बड़ाबाजार थाना अंतर्गत तुमड़ाशोल के निवासी थे।पुलिस के अनुसार, सुखेन महतो कुर्मी जनजाति से संबंध रखते थे। वह वर्ष 2021 से पुणे में श्रमिक के रूप में कार्यरत थे और अपने बड़े भाई तुलसीराम महतो के साथ कोरेगांव भीमा क्षेत्र स्थित एक ऑटो पार्ट्स निर्माण कंपनी में काम करते थे। उनका छोटा भाई भी पुणे की एक वेल्डिंग इकाई में कार्यरत है। बताया गया है कि सुखेन महतो परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे।जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर पुणे के शिकारपुर थाना क्षेत्र के कोरेगांव भीमा इलाके से सुखेन महतो का रक्तरंजित शव बरामद किया गया। बताया गया है कि मंगलवार को उनकी ड्यूटी दोपहर तीन बजे की शिफ्ट में थी। कार्यस्थल से लगभग 500 मीटर की दूरी पर उनका शव मिला। सूचना मिलने पर महाराष्ट्र पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।मृतक के बड़े भाई तुलसीराम महतो ने शिकारपुर थाने में हत्या की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि घटना के दिन उनकी नाइट शिफ्ट थी और बुधवार उन्हें घटना की जानकारी मिली। उनका कहना है कि शव को एंबुलेंस से पुरुलिया लाने में लगभग 70 हजार खर्च होंगे तथा घर पहुंचने में करीब 36 घंटे लगेंगे।परिजनों का आरोप है कि सुखेन की पीट-पीटकर हत्या की गई। परिवार ने आशंका जताई है कि उन्हें बंगाली होने के कारण निशाना बनाया गया। हालांकि, पुलिस ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। बुधवार देर रात तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं थी।दूसरी ओर, घटना की सूचना पर पुरुलिया जिला तृणमूल कांग्रेस नेता मृतक के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। जिलाध्यक्ष सह राज्य महासचिव शांतिराम महतो ने घटना की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि बंगाली भाषा में बात करने के कारण प्रवासी श्रमिक की पिटाई कर हत्या की गई। उन्होंने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की और परिवार को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया।
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