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यामानाशी प्रतिनिधिमंडल के यूपी दौरे से पर्यटन व ग्रीन एनर्जी निवेश को मिलेगा बढ़ावा

  • पर्यटन से ग्रीन हाइड्रोजन तक: निवेश अवसरों की तलाश में उत्तर प्रदेश पहुँचा यामानाशी प्रतिनिधिमंडल
  • पर्यटन, ग्रीन हाइड्रोजन और नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश संभावनाओं पर चर्चा करेगा यामानाशी प्रतिनिधिमंडल

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। जापान के यामानाशी प्रांत का एक उच्चस्तरीय 12-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल, उप-राज्यपाल जुनिची इशिडेरा के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के तीन दिवसीय दौरे पर है। इन्वेस्ट यूपी के सहयोग से आयोजित इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य पर्यटन, ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा और बुनियादी ढांचे जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को बढ़ाना है। यह दौरा न केवल उत्तर प्रदेश और यामानाशी के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि भारत-जापान द्विपक्षीय सहयोग को भी एक नई ऊंचाई प्रदान करेगा।

दौरे के प्रथम दिन प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन विभाग के साथ विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश अपनी आधुनिक अवस्थापना, बेहतर कनेक्टिविटी और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के बल पर वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। उन्होंने राज्य के छह प्रमुख बौद्ध स्थलों सहित अयोध्या, वाराणसी, मथुरा और प्रयागराज की निवेश संभावनाओं पर विशेष बल दिया। मंत्री जी ने जापानी निवेशकों को पर्यटन बुनियादी ढांचे, वेलनेस टूरिज्म और हेरिटेज प्रोजेक्ट्स में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया।

दिन के दूसरे सत्र में प्रतिनिधिमंडल ने ऊर्जा विभाग और यूपीनेडा के साथ स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास को लेकर सार्थक संवाद किया। बैठक में यामानाशी सरकार के सलाहकार श्री नरेंद्र उपाध्याय तथा कानाडेविया कॉर्पोरेशन (Kanadevia Corporation) और किंकी निप्पॉन टूरिस्ट कंपनी (Kinki Nippon Tourist Co) के प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा, अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत एवं तकनीकी शिक्षा) नरेंद्र भूषण तथा यूपीनेडा के निदेशक इंदरजीत सिंह ने उत्तर प्रदेश की हरित ऊर्जा विजन और जिसमें ग्रीन हाइड्रोजन और नवकरणीय ऊर्जा को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।

यामानाशी प्रतिनिधिमंडल ने सहयोग की प्रतिबद्धता को साझा करते हुए बताया कि यामानाशी उन्नत तकनीकी ज्ञान उपलब्ध कराएगा। जबकि कानाडेविया ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और तकनीकी सहयोग में अपनी विशेषज्ञता प्रदान करेगा। प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2024  में गहरी रुचि व्यक्त की, जिसमें पायलट परियोजनाएं, सहायक बुनियादी और निवेशकों के अनुकूल ढांचा शामिल है। इस दौरान आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी और आईआईटी कानपुर द्वारा प्रस्तावित दो उत्कृष्टता केंद्रों पर भी चर्चा हुई।