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यूपी दिवस–2026 : स्टार्टअप शोकेस में AKTU के कलाम इनक्यूबेशन सेंटर ने की भागीदारी

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। उत्तर प्रदेश दिवस–2026 के अवसर पर 24 से 26 जनवरी तक राष्‍ट्र प्रेरणा स्‍थल में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यक्रम के अंतर्गत स्टार्टअप शोकेस का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के कलाम इनक्यूबेशन सेंटर ने सक्रिय सहभागिता की है। यह भव्य आयोजन प्रदेश में नवाचार, उद्यमिता एवं तकनीकी विकास को बढ़ावा देने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

कुलपति, एकेटीयू प्रो. जे.पी. पांडेय के नेतृत्व में एवं डॉ. अनुज कुमार शर्मा (निदेशक, कलाम इनक्यूबेशन सेंटर, एकेटीयू) तथा प्रो. राजीव कुमार (निदेशक, कलाम इनक्यूबेशन सेंटर, एकेटीयू) के मार्गदर्शन में, कलाम इनक्यूबेशन सेंटर, एकेटीयू ने उत्तर प्रदेश सरकार के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग (UPLC) के पवेलियन में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान कलाम इनक्यूबेशन सेंटर द्वारा 3D रैपिड प्रोटोटाइपिंग सेटअप का प्रदर्शन किया गया, जिसके माध्यम से नवाचार को व्यावहारिक एवं बाजार-उन्मुख समाधान में परिवर्तित करने की प्रक्रिया को प्रदर्शित किया गया।

इसके साथ ही विश्वविद्यालय के तीन इनक्यूबेटेड स्टार्टअप्स—फ्यूचर गुरुकुल्स प्राइवेट लिमिटेड (STEM शिक्षा), सेयोन हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड (हेल्थकेयर समाधान) तथा एनटीएक्स सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड (प्रोटोटाइपिंग एवं एडवांस्ड इंजीनियरिंग) ने अपने नवाचारों का प्रभावी प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के दौरान यूपीएलसी के प्रबंध निदेशक रवि रंजन ने पवेलियन का भ्रमण कर स्टार्टअप्स से संवाद किया तथा उनके कार्य, प्रगति एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने स्टार्टअप्स का उत्साहवर्धन करते हुए राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर कलाम इनक्यूबेशन सेंटर, एकेटीयू के असिस्टेंट इनक्यूबेशन मैनेजर अनुराग त्रिपाठी ने सभी सहभागी स्टार्टअप्स के साथ सक्रिय रूप से भागीदारी निभाई तथा उनके नवाचारों के प्रदर्शन, समन्वय एवं प्रस्तुतिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के डीनगण, निदेशकगण, कलाम इनक्यूबेशन सेंटर के अधिकारी एवं स्टार्टअप प्रतिनिधि उपस्थित रहे। यह सहभागिता एकेटीयू की उस सतत पहल को दर्शाती है, जिसके माध्यम से छात्र एवं तकनीक-आधारित स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित कर उद्योग–अकादमिक सहयोग को सुदृढ़ किया जा रहा है।